जो लोग वेट लाॅस करने की जर्नी में होते हैं, वे आदतन रोजाना अपना वजन मापते हैं। ताज्जुब की बात यह है कि हर रोज वजन का माप अलग-अलग आता है। कई लोगों को लगता है कि शायद मशीन ही खराब है, जबकि यह सच्चाई नहीं है। पहली बात तो यह है कि अपने वजन को माॅनिटर करना जरूरी होता है, ताकि डाइट और लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव किए जा सकें। लेकिन रोजाना वजन मापना सही नहीं है।
बहरहाल, जहां तक सवाल इस बात का है कि हर रोज मशीन में वजन का माप अलग-अलग क्यों आता है? इस बारे में Celebrity Fitness Coach And The Founder Of Yash Fitness यश अग्रवाल बताते हैं, "शरीर के वजन में रोजाना उतार-चढ़ाव होना स्वाभाविक है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। असल बात यह है कि एक औसत वयस्क का वजन प्रतिदिन 5 से 6 पाउंड यानी लगभग 2 से 2.5 किलोग्राम तक घट-बढ़ सकता है। वास्तव में, आप दिन भर में क्या खाते हैं, क्या पीते हैं और किस तरह का वर्कआउट करते हैं तथा कितनी नींद लेते हैं, इस तरह की बातों पर आपका वजन निर्भर करता है, जो कि बार-बार बदल सकता है।"
वजन मापने वाली मशीन पर नंबर क्यों बदलता है?
Why Weighing Machine Shows Different Weight Daily
वजन मापने वाली मशीन पर रोजाना नंबर बदलना कोई हैरान करने वाली बात नहीं है। इसका जिक्र हमने पहले भी किया है। असल में, आपका खान-पान, रहन-सहन और नियमित रूप से की जाने वाली एक्सरसाइज आदि आपके बदल रहे वजन के लिए जिम्मेदार होती है। Cleveland Clinic में प्रकाशित एक लेख से भी इस बात का पता चलता है कि वाॅटर रिटेंशन, डाइट, पाचन क्रिया, आपके द्वारा की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी आदि तमाम चीजें वजन को प्रभावित करती हैं। इसकी वजह से रोजाना वजन में सामान्य उतार-चढ़ाव होता है। इसे सहजता से लिया जाना चाहिए।
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शरीर में पानी के स्तर का वजन पर प्रभाव
वजन के बार-बार प्रभावित होने के सबसे सामान्य कारणों में से एक वाॅटर रिटेंशन यानी शरीर में पानी के स्तर में बदलाव है। ऐसा तब होता है जब आपका शरीर सामान्य से अधिक पानी जमा लेता है। इसे आसान शब्दों में समझें, उदाहरण के लिए, अधिक कार्ब्स या सोडियम का अधिक सेवन करने से शरीर में अस्थायी रूप से अधिक पानी रिटेन होता है यानी रुकता है। ऐसे में वजन में हल्का सा इजाफा होता है।
हार्मोनल बदलाव और वजन में उतार-चढ़ाव
Better Health Channel के अनुसार, वजन में बदलाव और हार्मोन का आपस में गहरा संबंध है। दरअसल, हार्मोनल बदलाव के कारण भी वजन में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि जब आप तनाव में होते हैं, तो इसकी वजह से कोर्टिसोल, इंसुलिन में फ्लक्चुएशन होने लगता है। यहां तक कि सेक्स हार्मोन भी प्रभावित होता है। नतीजतन, किडनी अधिक मात्रा में पानी को जमा करने लगती है, जिससे वजन में मामूली बढ़ोतरी नजर आने लगती है।
पाचन और वजन का आपसी संबंध
अगर आपने फाइबर की मात्रा का सेवन अधिक किया है, लेकिन पेट साफ नहीं हुआ है, तो भी मशीन में मापने पर आपको अपना वजन अधिक नजर आ सकता है। असल में, पेट साफ न होने या मल त्याग में देरी के कारण भी वजन मापने वाली मशीन पर 0.5 से 1 किलोग्राम तक का अस्थायी फर्क नजर आ सकता है।
शरीर में आई सूजन और वजन में बदलाव
शरीर में सूजन किसी भी वजह से हो सकती है, जैसे ओवर ट्रेनिंग करना, इंटेंस स्ट्रेंथ वर्कआउट करना आदि। इस तरह की स्थिति में मसल टियरिंग हो सकती है, जिससे सूजन बढ़ जाती है। टिश्यूज को रिपेयर करने के लिए शरीर अस्थायी रूप से प्रभावित हिस्से में फ्लूइड और ग्लाइकोजन को रोक कर रखता है, जिससे फैट बर्न होने के बावजूद मशीन में वजन ज्यादा आता है।
वजन ट्रैक करने का सही तरीका क्या है?
- अगर आपको रोज वजन मापने की आदत है, तो बेहतर होगा कि एक निश्चित समय में ऐसा करें।
- रोजाना बाथरूम जाने के बाद और नाश्ता करने से पहले अपना वजन मापें।
- रोजाना वजन मापने के बावजूद सप्ताह भर का एक एवरेज निकालें, जिससे पता चल सके कि आपका सटीक वजन कितना है।
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निष्कर्ष
रोजाना वजन का प्रभावित होना कोई हैरानी या चौंकने वाली बात नहीं है। वजन में परिवर्तन होना कई तरह की चीजों पर निर्भर करता है, जिसमें आपकी डाइट, एक्सरसाइज शामिल है। अगर रोजाना आधा-एक किलोग्राम वजन में बदलाव हो, तो इसको लेकर परेशान न हों। हां, अगर आप महसूस करें कि वजन में तेजी से गिरावट आ रही है या वजन तेजी से बढ़ रहा है, तो दोनों स्थितियों में डाॅक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
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FAQ
क्या महिलाओं में पीरियड्स के दौरान वजन प्रभावित होता है?
हां, पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन में उतार-चढ़ाव आने से शरीर में 1 से 2 किलो तक पानी जमा हो जाता है। इससे वजन भी प्रभावित होता है।रात में सोने से पहले और सुबह सोकर उठने के वजन में अंतर क्यों होता है?
रातभर सांस लेने और पसीने के जरिए शरीर से पानी भाप बनकर उड़ता है, इसलिए सुबह के समय वजन कम आता है।
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Oct 28, 2026 17:03 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Yash Agarwal
