Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vidya Tickoo , Consultant Endocrinologist & Diabetologist

हाइपोग्लाइसीमिया: कितना ब्लड शुगर गिरना हो सकता है खतरनाक? जानें डॉक्टर से

हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) तब होता है, जब ब्लड शुगर 70 mg/dL से नीचे चला जाता है और 54 mg/dL से कम होना गंभीर स्थिति है। इसके लक्षणों को समय से पहचानना जरूरी है। ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

आज के टाइम पर ज्यादातर लोग ब्लड शुगर की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके कारण लोगों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। ब्लड शुगर की 2 स्थितियां होती हैं - हाई ब्लड शुगर और लो ब्लड शुगर। हाई ब्लड शुगर पर लोग बहुत बात होती है, लेकिन अक्सर लोग लो ब्लड शुगर पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। जबकि लो ब्लड शुगर, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया भी कहा जाता है, इसके कारण लोगों को कमजोरी होने, एनर्जी की कमी और कई गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist at Yashoda Hospitals, Hitech City, Hyderabad से जानें हाइपोग्लाइसीमिया क्या है, इसके लक्षण क्या हैं, ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है?

हाइपोग्लाइसीमिया क्या है?

डॉ. विद्या के अनुसार, हाइपोग्लाइसीमिया का मतलब है ब्लड शुगर का नॉर्मल स्तर से कम हो जाना। आमतौर पर अगर ब्लड शुगर 70 mg/dL से नीचे चला जाए, तो इसे सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाने जरूरी होता है। वहीं, अगर ब्लड शुगर 54 mg/dL से कम हो जाए, तो इसे गंभीर लो ब्लड शुगर माना जाता है और यह एक मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति हो सकती है।

साल 2022 में StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, जब शरीर में शुगर का स्तर 70 mg/dL से कम हो जाता है, तो उसे हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) कहा जाता है। हालांकि, इसके लक्षण अक्सर तब तक दिखाई नहीं देते हैं, जब तक कि यह स्तर 55 mg/dL से नीचे न गिर जाए।

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हाइपोग्लाइसीमिया के क्या लक्षण है?

डॉ. विद्या के अनुसार, लो ब्लड शुगर होने पर व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां होती हैं। ऐसे में इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, ताकि किसी भी गंभीर समस्या से समय रहते बचा जा सके।

  • शरीर में कंपन या हाथों का कांपना।
  • ज्यादा पसीना आने।
  • चक्कर आना या सिर हल्का महसूस होना।
  • भ्रम या उलझन महसूस होना।
  • दिल की धड़कन तेज होने।
  • बोलने में परेशानी होना।
  • गंभीर स्थिति में बेहोश आना।

अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो ब्लड शुगर की जांच जरूर करें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से समय रहते बचा जा सके।

साल 2022 में StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, लो ब्लड शुगर के कारण या ब्रेन को पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज नहीं मिल पाता है, जिसके कारण व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव होने, उलझन होने (confusion), बहुत ज्यादा थकावट, दौरे पड़ना (seizure) और बेहोशी (coma) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अगर सही समय पर और तुरंत इसका इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

लो ब्लड शुगर होने पर क्या करें?

डॉ. विद्या कहती हैं, लो ब्लड शुगर की स्थिति में व्यक्ति को तुरंत 15 ग्राम तेजी से असर करने वाले शहद, चीनी, फ्रूट जूस, नॉर्मल सोडा और ग्लूकोज की गोलियों जैसे कार्बोहाइड्रेट्स दें और इसके 15 मिनट बाद दोबारा ब्लड शुगर की जांच करें। अगर ब्लड शुगर अभी भी कम हो, तो जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेकर फिर से 15 ग्राम तेजी से असर करने वाला कार्बोहाइड्रेट दिया जा सकता है।

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लो ब्लड शुगर की गंभीर स्थिति में क्या करें?

डॉ. विद्या का कहना है, गंभीर स्थितियों में अगर मरीज बेहोश है या कुछ निगल नहीं पा रहा है, तो उसे खाना या लिक्विड न दें। ऐसा करने से सांस की नमी में खाना जाने का खतरा बढ़ जाता है। अगर ग्लूकागन (glucagon) मौजूद है, तो उसका इस्तेमाल करें और तुरंत इमरजेंसी मदद लें।

लो ब्लड शुगर की स्थिति के नॉर्मल होने के बाद क्या खाएं?

डॉ. विद्या बताती हैं, ठीक होने के बाद लो ब्लड शुगर के मरीजों को ऐसा खाना या स्नैक लेना चाहिए, जिनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट दोनों हों, जैसे सैंडविच या चीज के साथ क्रैकर्स। ऐसा खाना ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में मदद करता है।

लो ब्लड शुगर में बचाव के लिए क्या करें?

लो ब्लड शुगर से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं, जैसे- समय पर खाना खाएं, अगर डॉक्टर ने ब्लड शुगर की जांच करने की सलाह दी है, तो नियमित जांच करें और लो ब्लड शुगर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

निष्कर्ष

हाइपोग्लाइसीमिया यानी लो ब्लड शुगर को पहचानना समय से करना जरूरी है। ब्लड शुगर का स्तर 70 mg/dL से नीचे आने पर व्यक्ति को तुरंत इलाज की जरूरत होती है। वहीं, अगर यह स्तर 54 mg/dL से कम हो जाए तो यह स्थिति गंभीर हो जाती है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। हल्के मामलों में तेजी से असर करने वाले 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स को लें और 15 मिनट बाद दोबारा जांच करें। ध्यान, ब्लड शुगर का स्तर कम होने पर कोई भी परेशानी महसूस होने पहर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • लो ब्लड शुगर में क्या खाना चाहिए?

    लो ब्लड शुगर की समस्या होने पर व्यक्ति को डाइट में सेब, संतरे, अंगूर, शहद और ड्राई फ्रूट्स (खजूर, किशमिश और खुबानी) जैसे फूड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
  • नॉर्मल ब्लड शुगर कितनी होनी चाहिए?

    नॉर्मल स्थिति में खाली पेट ब्लड शुगर 70 से 99 mg/dL और खाना खाने के 2 घंटे बाद 140 mg/dL से कम होना चाहिए। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 15, 2026 21:12 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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