आज के समय में ज्यादातर लोग ब्लड शुगर की समस्या से परेशान रहते हैं। इसमें भी लोग हाई ब्लड शुगर पर तो ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन लो ब्लड शुगर पर ज्यादा बात नहीं होती हैं। ब्लड शुगर के जरूर से ज्यादा कम हो जाना होने पर गंभीर स्थिति हो सकती है। इस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है, जिसमें ब्लड ग्लूकोज का स्तर नॉर्मल से नीचे चला जाता है। कई मामलों में सही जानकारी न होने के कारण लोगों का ब्लड शुगर के स्तर के अचानक से गिरने का खतरा बढ़ जाता है। आइए Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bangalore से जानें।
7 गलतियों से बढ़ सकता है ब्लड शुगर होने का खतरा
डॉ. अरविंद के अनुसार, अचानक से ब्लड शुगर का स्तर गिरने, जिसे हाइपोग्लाइसीमियास कहा जाता है। इस स्थिति में ब्लड शुगर का स्तर 70 mg/dL से कम हो जाता है। हालांकि यह डायबिटीज के उन लोगों में सबसे आम है, जो इंसुलिन या कुछ खास ओरल दवाएं ले रहे हैं, लेकिन यह खास स्थितियों में दूसरों को भी हो सकता है। ऐसे में आम गलतियों से बचकर कई बार ऐसी स्थिति को रोका जा सकता है।
साल 2018 में Clinical Diabetes Journal में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, पर्याप्त खाना न खाने (जैसे कार्बोहाइड्रेट वाला खाना या स्नैक्स लेने या खाना न खाने), अल्कोहल का सेवन करने, खासकर खाली पेट, बहुत ज्यादा इंसुलिन या डायबिटीज की ओरल दवाएं लेना, दूसरी दवाइयों का साइड इफेक्ट, नॉर्मल से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने, फिजिकल एक्टिविटी से शरीर इंसुलिन के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है और ब्लड ग्लूकोज कम हो सकता है।
1. दवा या इंसुलिन लेने के बाद खाना न खाने
सबसे आम गलतियों में से एक है डायबिटीज की दवाई लेने या इंसुलिन लेने के बाद खाना न खाने या खाना खाने देर से खाना। ये दवाएं खाना न खाने पर भी ब्लड ग्लूकोज को कम करती रहती है, जिससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसी तरह, दवा की नॉर्मल खुराक लेते हुए जरूरत से बहुत कम खाना भी ब्लड शुगर के स्तर के गिरने का कारण बन सकती है।
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2. दवा या इंसुलिन की गलत मात्रा लेना
ब्लड शुगर के स्तर के अचानक से कम होने की समस्या ज्यादा मात्रा में इंसुलिन या डायबिटीज की दवा लेने के कारण हो सकती है। दवा की गलत खुराक लेने, गलती से दो बार खुराक लेने या डाइट या एक्टिविटी में बदलाव के बाद दवा में बदलाव न करने जैसी गलतियों के कारण ब्लड शुगर के खतरनाक रूप से कम होने का कारण बन सकता है।
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3. बिना बदलाव किए एक्सरसाइज करना
खाने या दवा में बदलाव किए बिना एक्सरसाइज करना भी एक और अहम कारण है। फिजिकल एक्टिविटी से मांसपेशियां ज्यादा ग्लूकोज इस्तेमाल करती है और लंबे समय तक एक्सरसाइज करने या जोरदार एक्सरसाइज करने के बाद कई घंटों तक ब्लड शुगर कम हो सकता है।
डायबिटीज की समस्या से परेशान लोगों को पहले और बाद में भी अपने ग्लूकोज के स्तर की जांच करनी चाहिए और कार्बोहाइड्रेट के तुरंत असर करने वाले किसी सोर्स को साथ में रखना चाहिए।
4. खाली पेट अल्कोहल पीना
अल्कोहल का सेवन करने भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है, खासकर खाली पेट अल्कोहल पीना। अल्कोहल लिवर में जमा ग्लूकोज को छोड़ने की क्षमता में रूकावट डालती है, जिससे कई बार छोड़ी देर बाद हाइपोग्लाइसीमिया होने की संभावना बढ़ जाती है, जो रात के समय ज्यादा खतरा हो सकता है। ऐसे में अल्कोहल का सेवन करने से बचना चाहिए।
5. लो ब्लड शुगर के संकेतों को नजरअंदाज करना
डॉ. अरविंद का कहना है, लो ब्लड शुगर यानी हाइपोग्लाइसीमिया के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना भी इन गलतियों में से एक है। इनमें कई लक्षण शामिल हैं, जैसे -
- अधिक पसीना आने
- हाथ कांपना
- तेज भूख लगना
- दिल की धड़कन बढ़ना
- चिड़चिड़ापन होना
- घबराहट या अचानक बेचैनी महसूस होना
अगर इन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दिया जाए और जल्दी असर करने वाले कार्बोहाइड्रेट जैसे ग्लूकोज टैबलेट, फलों का रस या रेगुलर सॉफ्ट ड्रिंक लिया जाए, तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
6. मीठे पर निर्भर रहना
कुछ लोग लो ब्लड शुगर की स्थिति में इसके स्तर को बढ़ाने के लिए बिना किसी और न्यट्रिशन के सिर्फ मीठी चीजों पर ही निर्भर रहते हैं। हालांकि, मीठी चीजें ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है, लेकिन अगर इस समय खाना खाने में टाइम है, तो मीठा खाने के बाद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन वाले बैलेंस स्नैक्स या खाना लेना चाहिए। इससे ब्लड शुगर को दोबारा कम होने से रोकने में मदद मिल सकती है।
7. हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो न करना और जांच न कराना
खाने की खराब प्लानिंग, खाने का अनियमित समय और ब्लड ग्लूकोज की ठीक से मॉनिटरिंग न करना भी ब्लड शुगर के स्तर के अचानक से कम होने के कारणों में से एक है। जिन लोगों को बार-बार हाइपोग्लाइसीमिया होता है, उनमें हाइपोग्लाइसीमिया अनअवेयरनेस विकसित हो सकती है, जिसमें समय के साथ इसके लक्षणों का महसूस होना भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को यह पता ही नहीं चलता कि ब्लड शुगर का गिर रहा है, जिससे गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया होने की संभावना बढ़ जाती है।
ब्लड शुगर कम होने पर बचने के उपाय
डॉ. अरविंद बताते हैं, हाइपोग्लाइसीमिया यानी लो ब्लड शुगर की स्थिति से बचने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनाया जा सकता है। जैसे -
- समय पर खाना खाएं।
- डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा में दवाइयां लें।
- ब्लड शुगर की नियमित जांच करते रहें।
- लंबे समय तक फिजिकल एक्टिविटी करने से पहले सही नाश्ते करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- अगर खानपान, एक्सरसाइज या लाइफस्टाइल में कोई बड़ा बदलाव हो, तो दवा की मात्रा में बदलाव के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
- ध्यान रहे, परिवार के सदस्यों को भी हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत मदद कर सकें।
सही जानकारी, नियमित निगरानी और खाने की नियमित प्लेनिंग से, ब्लड शुगर में होने वाली ज्यादातर गिरावट को रोका जा सकता है, जिससे लोगों को बेहतर ग्लूकोज नियंत्रण बनाए रखने और आपात स्थितियों के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
ब्लड शुगर का अचानक कम होना एक ऐसी स्थिति है, जिसे सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से काफी हद तक रोका जा सकता है। टाइम पर खाना खाने, दवाइयों का सही इस्तेमाल, नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग, एक्सरसाइज के दौरान सही तैयारी और शुरुआती लक्षणों को पहचानना इस समस्या से बचाव के जरूरी कदम हैं। इन आदतों को अपनाने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। ध्यान रहे, कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
कैसे पता चलेगा कि आपका शुगर कम हो गया है?
लो ब्लड शुगर की समस्या होने पर व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने, दिल की धड़कन के तेज होने, पसीना आने, घबराहट होने, चक्कर आने, भ्रम होने, सिर दर्द और तेज भूख लगने जैसी समस्याएं होती हैं।शुगर कम होने पर क्या खाना चाहिए?
शुगर कम होने पर फ्रूट जूस, चीनी, शहद, ड्रिंक्स और टॉफी जैसे फूड्स को लें। इनसे ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाने में मदद मिलती है।
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Aug 01, 2026 16:52 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 01, 2026 16:52 IST
Modified By : Priyanka SharmaAug 01, 2026 16:52 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Aravinda S N