Tue Sep 22, 2026 | 01:58 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

फूड ड‍िलीवरी ऐप्स की लत बढ़ा रही है जंक फूड क्रेव‍िंग? इन तरीकों से लगाएं लगाम

आजकल घर बैठे फूड ड‍िलीवरी ऐप्‍स के जर‍िए खाना म‍िनटों में हमारे पास पहुंच जाता है। इससे एक तरफ सुव‍िधा बढ़ी है, तो दूसरी तरफ जंक फूड की लत। जानें क्रेव‍िंग्‍स से कैसे बचें?
फूड ड‍िलीवरी ऐप्स की लत बढ़ा रही है जंक फूड क्रेव‍िंग? इन तरीकों से लगाएं लगामफूड ड‍िलीवरी ऐप्स की लत बढ़ा रही है जंक फूड क्रेव‍िंग? इन तरीकों से लगाएं लगाम

क्‍या आप भी बार-बार फूड ऐप्‍स से खाना ऑर्डर करते रहते हैं? ऐसा जंक फूड क्रेव‍िंग यानी जंक फूड खाने की लत के कारण हो सकता है। ध्‍यान रखें क‍ि फूड क्रेव‍िंग्‍स से बचना नहीं है, बल्‍क‍ि उसे मैनेज करना सीखना चाह‍िए। फूड क्रेव‍िंग्‍स कंट्रोल करने के ल‍िए समय पर भोजन करें, पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं, पोर्शन साइज कंट्रोल करें और भूख एवं क्रेव‍िंग्‍स में अंतर समझें। जैसे ही कोई व्‍यक्‍त‍ि जंक फूड को छोड़ने की कोश‍िश करता है, उसे उतना ही ज्‍यादा इन चीजों को खाने का मन करता है। जंक फूड खाने के बाद अच्‍छा महसूस होता है। इससे द‍िमाग का र‍िवार्ड स‍िस्‍टम ट्र‍िगर होता है। जंक फूड क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल करने के ल‍िए उसे अचानक से बंद न करें। धीरे-धीरे ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने की अवध‍ि को कम करें। जैसे अगर आप हफ्ते में 5 द‍िन जंक फूड खाते हैं, तो उसे 3 द‍िन पर लाएं और धीरे-धीरे मात्रा घटाएं। आइए समझते हैं क‍ि जंक फूड क्रेव‍िंग्‍स सेहत को कैसे खराब करती है और इससे कैसे बच सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

जंक फूड क्रेव‍िंग्‍स कैसे कंट्रोल करें?  
कार्ब्स घटाएं, प्रोटीन-फाइबर बढ़ाएं। भूख और क्रेविंग में अंतर समझें।
फूड डिलीवरी ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद रखें। खुद से पूछें- क्या सच में भूख लगी है?
वीकली फूड प्लान बनाएं। क्रेविंग होने पर पानी पिएं।
डीप ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज करें। फूड ऑर्डर करते समय पोर्शन छोटा रखें।
एक बार में एक ही चीज ऑर्डर करें। सोने और खाने का समय फ‍िक्‍स करें।
फल, दही, मखाना, भुना चना, अंडा और स्प्राउट्स जैसे हेल्‍दी व‍िकल्‍प चुनें। क्रेव‍िंग होने पर तुरंत फूड ऑर्डर न करें, इंतजार करें और मन शांंत रखने के ल‍िए टहलें, संगीत सुनें, काम में मन लगाएं। 

फूड डिलीवरी ऐप्स से जंक फूड की क्रेविंग क्यों बढ़ती है?

  • इंस्‍टेंट ऐप्‍स से जहां एक तरफ कुछ भी घर बैठे मंगाने की सुव‍िधा बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर, म‍िनटों में क‍िसी चीज को आ जाने की खुशी लोगों को बार-बार फूड ऑर्डर करने के ल‍िए प्रेर‍ित करती है।
  • ऐप्स पर दिखने वाली आकर्षक तस्वीरें और खाने के वीडियोज, क्रेव‍िंग्‍स को बढ़ा सकते हैं।

स्‍ट्रेस और क्रेव‍िंग्‍स का कनेक्‍शन

कुछ लोग भूख के बजाय बोरियत, तनाव या अकेलेपन में फूड ऐप से खाना ऑर्डर करते हैं इसल‍िए स्‍ट्रेस मैनेजमेंट भी जरूरी है। इसके ल‍िए मेड‍िटेशन और डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज जैसे उपायों को अपनाएं। 2024 में BMC Psychiatry में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, 1,59885 लोगों पर हुए अध्ययनों से पता चलता है क‍ि जंक फूड क्रेव‍िंग्‍स का कनेक्‍शन स्‍ट्रेस और डिप्रेशन के साथ देखा गया है। विश्लेषण में जंक फूड खाने वाले लोगों में स्‍ट्रेस और डिप्रेशन की संभावना 15% ज्‍यादा पाई गई।

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भूख vs क्रेविंग

  • भूख लगने पर पेट में हल्‍का दर्द महसूस होता है, पेट में खालीपन या शारीर‍िक कमजोरी महसूस हो सकती है, तो समझ जाएं क‍ि आप भूखे हैं।
  • पेट भरा होने के बाद भी अपनी पसंदीदा चीज खाने का मन करना, भूख नहीं बल्‍क‍ि क्रेव‍िंग्‍स है।

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जंक फूड की क्रेविंग रोकने के लिए अपनाएं ये तरीके

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  • जंक फूड क्रेव‍िंग्‍स कंट्रोल करने के ल‍िए प्रोटीन और फाइबर र‍िच फूड्स लें।
  • सोने और खाने का समय फ‍िक्‍स करें।
  • क्रेव‍िंग्‍स कंट्रोल करने के ल‍िए एक्‍सरसाइज करें।
  • पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें।
  • देर रात तक जागने से बचें और सोने से 3 से 4 घंटे पहले स्‍क्रीन से दूरी बनाएं।
  • घर पर हाई कार्ब फूड्स जैसे केवल दाल-चावल या सब्‍जी-रोटी खाएंगे, तो भी क्रेव‍िंग्‍स हो सकती है। इसल‍िए डाइट में सलाद, प्रोटीन स्रोत भी शाम‍िल करें।
  • पेट भरने के बाद भी जबरदस्‍ती अत‍िर‍िक्‍त कैलोरी न लें। न ही म‍ील्‍स को जबरदस्‍ती लें। अगर पेट भरा हुआ है, तो मील स्‍कि‍प भी कर सकते हैं। ओवरईट‍िंग से बचना जरूरी है।

फूड डिलीवरी ऐप्स से ऐसे बनाएं दूरी

  • अपने फोन में फूड डिलीवरी ऐप्स के नोटिफिकेशन को बंद कर दें।
  • क‍िसी भी चीज को फूड ऐप्‍स से ऑर्डर करने से पहले खुद से सवाल करें क‍ि क्‍या आपको सच में भूख लगी है या यह केवल क्रेव‍िंग्‍स का एक कारण है?
  • फूड ऐप्‍स से अचानक दूरी बनाने के बजाय हेल्‍दी व‍िकल्‍प खोजें और कैलोरी कंट्रोल करने पर फोकस करें।
  • वीकली फूड प्‍लान बनाएं। इससे पूरे हफ्ते को प्‍लान करने में मदद म‍िलती है और क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल कर सकते हैं।

जंक फूड की क्रेविंग होने पर तुरंत क्या करें?

  • जंक फूड की क्रेव‍िंग होने पर तुरंत फूड ऐप्‍स को चेक करने के बजाय अपना ध्‍यान दूसरे जरूरी कामों में लगाएं।
  • एक जगह बैठकर पानी के घूंट धीरे-धीरे लें। कई बार द‍िमाग प्‍यास को भूख समझ लेता है।
  • कुछ देर वॉक करें, म्‍यूज‍िक सुनें और डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज करें। इससे मन को शांत रखने में मदद म‍िलेगी।
  • अगर फ‍िर भी क्रेव‍िंग होती है, तो पोर्शन साइज कम करें। जैसे दो बर्गर ऑर्डर करने के बजाय एक ही करें। साथ ही, अपनी दो पसंदीदा चीज ऑर्डर करने के बजाय एक ही एड करें या हेल्‍दी इंग्रीड‍िएंट्स वाली ड‍िश ट्राई करें। इस तरह क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल करने में मदद म‍िलेगी।

क्रेविंग्‍स होने पर क्‍या खाएं?

फूड क्रेव‍िंग्‍स होने पर कुछ हेल्‍दी चीजों का सेवन कर सकते हैं जैसे-

  • फल
  • दही
  • भुना चाना
  • मखाना
  • घर का बना सैंडविच
  • अंडा
  • स्प्राउट्स
  • चना चाट

न‍िष्‍कर्ष:

जंक फूड क्रेव‍िंग्‍स से बचने के ल‍िए कार्ब्स कम करें, प्रोटीन एवं फाइबर को बढ़ाएं, पेट भरने के बाद अत‍िर‍िक्‍त कैलोरी न लें। भूख और क्रेव‍िंग्‍स में अंतर समझें। क्रेव‍िंग्‍स होने पर पेट भरने के बाद भी कुछ खाने का मन करता है। फूड डिलीवरी ऐप्स के अध‍िक इस्‍तेमाल से जंक फूड क्रेव‍िंग बढ़ सकती है। इससे बचने के ल‍िए ऐप्‍स के नोट‍िफ‍िकेशन को बंद रखें। सोचें क‍ि क्‍या आपको सच में भूख लगी है? वीकली फूड प्‍लान बनाएं। जंक फूड खाने की क्रेव‍िंग होने पर पानी प‍िएं, ज‍िसे आप भूख समझ रहे हैं वह प्‍यास भी हो सकती है। वॉक करें, संगीत सुनें, डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज से मन शांत रखने का प्रयास करें। अगर फूड ऑर्डर कर रहे हैं, तो पोर्शन साइज कम करें। दो के बजाय एक ही चीज ऑर्डर करें। जंक फूड क्रेव‍िंग्‍स होने पर फल, दही, मखाना, भुना चना, अंडा, स्‍प्राउट्स जैसे हेल्‍दी व‍िकल्‍प चुन सकते हैं।

image credit: magnific

FAQ

  • फूड क्रेविंग्‍स अचानक क्‍यों बढ़ने लगती है?

    अक्‍सर स्‍ट्रेस, नींद की कमी, समय पर भोजन न करने की आदत, देर तक जागने की आदत, एक्‍सरसाइज की कमी वगैरह फूड क्रेव‍िंग्‍स को बढ़ा सकते हैं।
  • फूड क्रेविंग्‍स बार-बार होने पर क्‍या करें?

    खाने की आदतों को सुधारें, रोजाना तय समय पर भोजन करें, नींद पूरी करें, स्‍ट्रेस से बचें और पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं। फाइबर और प्रोटीन र‍िच फूड्स खाएं और कार्ब्स की मात्रा कम करें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 22, 2026 12:58 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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