हम भारतीय लोगों को स्ट्रीट फूड खाना बहुत पसंद है। चाहे वो कुरकुरा गोलगप्पा हो या चटपटी चाट हो, समोसा और चटनी खाकर तो आत्मा ही संतुष्ट हो जाती है। कई लोग ऐसे भी हैं जो हर दिन चाट-पकौड़ी जैसे स्ट्रीट फूड्स का लुत्फ उठाते हैं। स्ट्रीट फूड्स में तेल, मिर्च-मसालों से फ्लेवर जरूर आता है, लेकिन ये हमारी सेहत के लिए जरा भी अच्छे नहीं है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि स्ट्रीट फूड्स का ज्यादा सेवन करने से हार्ट की सेहत खराब हो सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुताबिक, भारत में स्ट्रीट फूड्स अक्सर खराब गुणवत्ता वाले तेल या इंग्रीडिएंट्स के साथ बनाए जाते हैं। इनमें इस्तेमाल होने वाले खराब क्वालिटी के तेल के कारण हार्ट अटैक, हाई कोलेस्ट्रॉल या कार्डियोवैस्कुलर रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस लेख में जानेंगे हार्ट हेल्थ के लिए स्ट्रीट फूड्स खाने के नुकसान। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल- High Cholesterol Level
स्ट्रीट फूड्स को खराब क्वालिटी वाले तेल से तैयार किया जाता है और अनहेल्दी फैट्स का ज्यादा सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। लंबे समय तक बैड कोलेस्ट्रॉल चेस्ट पेन, हार्ट डिजीज या अन्य हार्ट से संबंधित समस्याओं का कारण बनता है।
यह भी पढ़ें- गुस्से में क्यों बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर? डॉक्टर से समझें हार्ट और दिमाग का कनेक्शन
2. हार्ट अटैक का खतरा- Heart Attack Risk
बर्गर, फ्राइज वगैरह को डीप-फ्राई करके बनाया जाता है। इससे तेल की अतिरिक्त मात्रा शरीर में जाती है। इससे ब्लड वेसल्स में फैट इकट्ठा होने लगता है जिससे ब्लॉकेज हो जाता है। इस ब्लॉकेज के कारण हार्ट अटैक आ सकता है। स्ट्रीट फूड्स का लगातार सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ने लगता है। यह भी एक कारण है कि आजकल युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
यह भी पढ़ें- क्या ज्यादा तेल में पकाया खाना बढ़ाता है हार्ट ब्लॉकेज का खतरा? जानें डॉक्टर की राय
3. हाई ब्लड प्रेशर- High Blood Pressure
स्ट्रीट फूड्स में नमक, मसाले ज्यादा होते हैं। सोडियम की मात्रा ज्यादा होने से शरीर में वॉटर रिटेंशन की समस्या हो सकती है जिससे ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ता है। इस दबाव के कारण हाई बीपी की समस्या हो सकती है। हाई बीपी, हार्ट डिजीज का एक कारक माना जाता है। लंबे समय तक बीपी ज्यादा रहने से आर्टरीज को नुकसान पहुंचता है और इससे स्ट्रोक, हार्ट फेलियर या अन्य हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।
यह भी पढ़ें- हार्ट की बीमारियों से बचने के लिए रोज करें पुश अप्स, एक्सपर्ट से जानें फायदे
4. ब्लड वेसल्स में सूजन- Inflammation Of Blood Vessels
स्ट्रीट फूड्स में खराब क्वालिटी वाला तेल या आर्टिफिशियल रंंग मिलाए जाते हैं। इससे ब्लड वेसल्स की इनर लाइनिंग डैमेज हो जाती है जिससे ब्लड वेसल्स में सूजन हो सकती है। सूजन के कारण हार्ट का ब्लड सर्कुलेशन खराब हो सकता है। इस वजह से हार्ट की बीमारी का खतरा दोगुना हो जाता है। इस वजह से हार्ट कमजोर हो जाता है और लाइफस्टाइल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
यह भी पढ़ें- क्या हार्ट हेल्थ के लिए फ्राइड चिकन खाना बुरा है? एक्सपर्ट से जानें सच्चाई
5. वजन बढ़ने से हार्ट पर दबाव बढ़ना- Heart Strain Due To Weight Gain
स्ट्रीट फूड्स में कैलोरी ज्यादा होती हैं। जो लोग स्ट्रीट फूड्स का ज्यादा सेवन करते हैं उनका वजन बढ़ जाता है। ज्यादा वजन के कारण हार्ट को ज्यादा ब्लड पंप करना पड़ता है ताकि पूरी बॉडी में ऑक्सीजन का सप्लाई हो सके। मोटापे का हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और हाइपरटेंशन से गहरा संबंध है। इसलिए वजन बढ़ने से हार्ट पर दबाव भी बढ़ता है और हार्ट के काम करने की क्षमता घटने लगती है।
निष्कर्ष:
स्ट्रीट फूड्स जैसे चाट-गोलगप्पे, चाउमिन, मोमोज वगैरह का सेवन हार्ट की सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। इनका सेवन करने से ब्लड वेसल्स में सूजन, वजन बढ़ने से हार्ट पर दबाव, हार्ट अटैक, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई बीपी वगैरह का खतरा बढ़ जाता है।
उम्मीद करते हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Feb 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 09, 2026 08:05 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha