Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

हार्ट की बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए रोज करें पुश अप्‍स, एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

पुश अप्‍स एक ऐसी एक्‍सरसाइज है ज‍िसे कहीं भी क‍िया जा सकता है। कई एक्‍टर्स और फ‍िट रहने वाले लोगों को हम अक्‍सर पुुश अप्‍स करते हुए देखते हैं। यह एक्‍सरसाइज शरीर के कई अंगोंं के ल‍िए फायदेमंद है। इससे हार्ट की बीमार‍ियां भी दूर होती हैं। एक्‍सपर्ट से जानते हैं यह द‍िल के ल‍िए क्‍यों है फायदेमंद?

पुश अप्‍स एक लोकप्र‍िय एक्‍सरसाइज है ज‍िसे ब‍िना क‍िसी मशीन के कहीं भी और कभी भी क‍िया जा सकता है। इसमें हाथ और पैरों के सहारे शरीर को जमीन से ऊपर और नीचे लाया जाता है। इस एक्‍सरसाइज से छाती, कंधे, बाजू, पीठ और पेट की मांसपेश‍ियां मजबूत होती हैं। पुश अप्‍स एक ऐसी एक्‍सरसाइज है ज‍िसे करने से शरीर की ताकत बढ़ती है और मेटाबॉल‍िज्‍म बेहतर होता है। पुश अप्‍स करने से हड्ड‍ियां मजबूत होती हैं और मांसपेश‍ियां भी टोन होती हैं। ये तो हैं शरीर से जुड़े फायदे, एक्‍सपर्ट्स तो यह भी मानते हैं क‍ि पुश अप्‍स करने से हार्ट की बीमार‍ियों से बचाव होता है।

कई स्‍टडी और र‍िपोर्ट्स में पुश अप्‍स एक्‍सरसाइज को हार्ट के ल‍िए फायदेमंद बताया गया है। हम भी एक्‍सपर्ट की मदद से जानेंगे क‍ि पुश अप्‍स करने से हार्ट हेल्‍थ को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

पुश अप्‍स करने वाले लोगों में हार्ट की बीमार‍ियों का खतरा कम

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जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (JAMA) के एक अध्‍यय के मुताब‍िक, 10 साल तक 1104 एक्‍ट‍िव पुरुषों पर वैज्ञान‍िकों ने स्‍टडी की और उनके पुश अप्‍स करने की संख्‍या को दर्ज क‍िया। अध्‍ययन में यह पाया गया क‍ि ज‍िन पुरुषों ने 40 से ज्‍यादा पुश अप्‍स क‍िए, उनमें हार्ट की बीमारी का खतरा बहुत कम था। इन लोगों में यह खतरा 96 प्रत‍िशत तक कम था उन लोगों के मुकाबले ज‍िन्‍होंने 10 या उससे कम पुश अप्‍स क‍िए। शोध के मुताब‍िक, हार्ट को स्‍वस्‍थ रखने के ल‍िए पुश अप्‍स एक अच्‍छा व्‍यायाम है।

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पुश अप्‍स करने से हार्ट को होने वाले फायदे- Benefits Of Doing Push Ups For Heart Health

  • पुश अप्‍स करना द‍िल की सेहत के ल‍िए फायदेमंद है। इससे हार्ट मजबूत होता है और बेहतर ढंग से काम करता है।
  • इस एक्‍सरसाइज को करने से हाई बीपी की समस्‍या भी दूर होती है ज‍िससे हार्ट की बीमार‍ियों के खतरे से बचाव होता है।
  • पुश अप्‍स करने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है और गुड कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है।
  • इस एक्‍सरसाइज को करने से ब्‍लड सर्कुलेशन में भी सुधार आता है ज‍िससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है।
  • पुश अप्‍स करने से मोटापा कम होता है ज‍िससे हार्ट र‍िस्‍क घटता है और मेटाबॉल‍िज्‍म बढ़ता है ज‍िससे द‍िल की कार्यक्षमता में सुधार होता है।

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पहले कभी पुश अप्‍स नहीं क‍िए तो इन बातों का ख्‍याल रखें

  • अगर आप पुश अप्‍स की शुरुआत करने जा रहे हैं, तो आपको बता दें क‍ि इस एक्‍सरसाइज को करने से पहले वार्म अप करना न भूलें।
  • ज्‍यादा से नहीं बल्‍क‍ि कम से शुरू करें। शुरू में सात से आठ के दो सेट्स की करें। धीरे-धीरे संख्‍या बढ़ाएं।
  • Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि अगर पुश अप्‍स करने में परेशानी होती है, तो पहले घुटने के बल यानी नी पुश अप्‍स (Knee Push ups) कर सकते हैं और धीरे-धीरे पुश अप्‍स को करने के असल तरीके की ओर बढ़ सकते हैं।
  • सांस लेने के तरीके पर भी गौर करें। नीचे जाते समय सांंस अंदर लें और ऊपर आते समय सांस बाहर छोड़ें।
  • अगर कलाई, कंंधे या पीठ में दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं। न‍ियम‍ित अभ्‍यास से पुश अप्‍स के तरीके को बेहतर बना सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

हार्ट की बीमार‍ियों को दूर करने के ल‍िए पुश अप्‍स करना फायदेमंद है। पुश अप्‍स करने से हाई बीपी, बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम होता है, मोटापा घटता है ज‍िससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है और हार्ट हेल्‍दी रहता है।

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FAQ

  • एक द‍िन में क‍ितने पुश अप्‍स करने चाह‍िए?

    शुरू में द‍िनभर में आठ से दस पुश अप्‍स करना काफी है। धीरे-धीरे स्‍ट्रेंथ बढ़ने पर द‍िनभर में 20 से 25 पुश अप्‍स भी कर सकते हैं, लेक‍िन शरीर की क्षमता के अनुसार ही संख्‍या को बढ़ाएं।
  • क्‍या पुश अप्‍स के नुकसान भी हैं?

    अगर गलत तरीके से पुश अप्‍स करेंगे, तो कलाई, कंधे और पीठ में दर्द हो सकता है। जरूरत से ज्‍यादा पुश अप्‍स करने से मांसपेश‍ियों में ख‍िंचाव हो सकता है और चोट का खतरा बढ़ सकता है इसलि‍ए सही तरीका अपनाना जरूरी है।
  • पुश अप्‍स करने के क्‍या फायदे हैं?

    पुश अप्‍स करने से छाती, कंधे, बाजू और पेट की मांंसपेश‍ियांं मजबूत होती हैं। पुश अप्‍स करने से वजन कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है और हार्ट की सेहत बेहतर होती है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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