Expert Insights Fried Chicken: सर्दियों में जाने-अनजाने हम काफी ज्यादा मात्रा में फ्राइड चीजें खा लेते हैं। ये खाने में भी स्वादिष्ट होते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग इसे इग्नोर नहीं कर पाते हैं। खासकर, नॉन-वेजिटेरियन लोगों को फ्राइड चिकन खाना काफी पसंद आता है। दोस्तों के साथ पार्टी हो या गेट-टूगेदर। हर छोटे-बड़े इवेंट में फ्राइड चिकन लोग खाना पसंद करते हैं। ऐसे में यह सवाल जरूर मन में उठता है कि क्या हार्ट हेल्थ के मरीजों के लिए फ्राइड चिकन खाना सेफ है? आइए, जानते हैं इस बारे में Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से।
क्या हार्ट हेल्थ के लिए फ्राइड चिकन खाना बुरा है?- Is Fried Chicken Bad For Your Heart
-1769764007976.jpg)
जैसा कि इसका जिक्र किया है कि फ्राइड चिकन का स्वाद काफी अच्छा होता है और हर कोई इसको एंज्वॉय करता है। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या हार्ट हेल्थ के लिए फ्राइड चिकन खाना बुरा होता है? इस बारे में डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी का कहना है, "हार्ट हेल्थ के मरीजों के लिए फ्राइड चिकन खाना बिल्कुल सही नहीं है। इसमें कैलोरी, सोडियम और ट्रांस फैट काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। हार्ट के मरीजों के लिए इन तत्वों का सेवन करना सही नहीं होता है।" डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी आगे बताती हैं, "सोडियम या ट्रांस फैट जैसे पोषक तत्वों का सेवन अधिक मात्रा में करने से स्वस्थ व्यक्ति भी अस्वस्थ हो सकता है और हार्ट संबंधी बीमारी ट्रिगर कर सकती है। यही नहीं, फ्राइड चीजों का अधिक सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट स्ट्रोक का रिस्क भी बढ़ जाता है।" एनसीबीआई की एक रिपोर्ट तो यह कहती है कि जो लोग रोजाना फ्राइड चिकन खाते हैं, उनमें 13 फीसदी तक मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है।
इसे भी पढ़ें: क्या हार्ट के मरीज चिकन खा सकते हैं? जानें डाइटिशियन से
हार्ट के मरीजों के लिए फ्राइड चिकन खाने के नुकसान
-1769764047463.jpg)
सैचुरेटेड फैट से भरपूरः विशेषज्ञों की मानें, तो फ्राइड चिकन में कई तरह के फैट पाए जाते हैं। इसमें सैचुरेटेड और अनसैचुरेटेड फैट पाए जाते हैं। यही नहीं, इसमें कैलोरी की मात्रा भी ज्यादा होती है। जब आप इसका सेवन अधिक करते हैं, तो इसकी वजह से दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है।
सोडियम की मात्राः फ्राइड चिकन में अक्सर सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। स्वस्थ व्यक्ति को भी सोडियम का सेवन कम करना चाहिए। वहीं, हार्ट के मरीजों के लिए यह और भी खतरनाक है। ऐसा इसलिए, क्योंकि फ्राइड चिकन का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क बढ़ सकता है।
प्रोसेस्ड मीटः कुछ फ्राइड चिकन प्रोडक्ट्स में प्रोसेस्ड मीट होता है, जो दिल की बीमारी के बढ़ते खतरे से जुड़ा होता है। इसलिए, हमेशा कोशिश करें कि प्रोसेस्ड मीट से बने फ्राइड चिकन का सेवन न करें।
इसे भी पढ़ें: हार्ट अटैक का खतरा कम करने के लिए खाएं ये चीजें, हेल्दी रहेगा दिल
एक्सपर्ट की सलाह
- हार्ट के मरीज फ्राइड चिकन का सेवन कम करें।
- फ्राइड चिकन के बजाय बेक्ड, ग्रिल्ड या एयर-फ्राइड चिकन बेहतर विकल्प हैं।
- फ्राइड चिकन के साथ-साथ अपनी डाइट में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखें।
- हार्ट के मरीजों को एक्सपर्ट की सलाह पर डाइट प्लान बनाना चाहिए।
निष्कर्ष
हार्ट के मरीजों को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसी चीजें अपनी डाइट में शामिल न करें, जिससे हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ सकता है। फ्राइड चिकन की बात करें, तो हार्ट के मरीजों के लिए यह सही विकल्प नहीं है। इससे हार्ट हेल्थ को अधिक नुकसान हो सकता है। इसलिए, बेहतर है कि आप फ्राइड चिकन का सेवन कम से कम करें।
All Image Credit: Freepik
FAQ
क्या फ्राइड चिकन दिल के मरीजों के लिए अच्छा है?
एक्सपर्ट की मानें, तो फ्रेंच फ्राइज, फ्राइड चिकन और तली-भुनी चीजें हार्ट के मरीजों के लिए बिल्कुल सही नहीं है। असल में, इनमें काफी ज्यादा मात्रा में कोलेस्ट्रॉल होता है, जो कि हार्ट के लिए सही नहीं है।हार्ट पेशेंट को कौन सा मीट खाना चाहिए?
हार्ट के मरीज चिकन खा सकते हैं, लेकिन इसे बनाने के तरीके पर जोर दिया जाना चाहिए और उन्हें रेड मीट नहीं खाना चाहिए। इससे हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।अगर मैं रोज फ्राइड चिकन खाऊं तो क्या होता है?
रोज फ्राइड चिकन खाना सही नहीं है। इससे क्रॉनिक बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा, अधिक तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और मोटापा बढ़ सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 30, 2026 14:40 IST
Modified By : Meera Tagore Jan 30, 2026 14:40 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dt Divya Gandhi