Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Ujjawal Kumar , Senior Consultant - Cardiology at the Sarvodaya Hospital, Faridabad

बहुत ज्यादा बाहर खाने की आदत पड़ सकती है हार्ट पर भारी, डॉक्टर ने दिए बचाव के खास टिप्स

Heart Health: लगातार बाहर खाने की आदत के चलते हार्ट की समस्याएं हो रही हैं। इस लेख में बाहर का खाना हार्ट हेल्थ को क्यों खराब कर रहा है, इस बारे में हमने डॉक्टर से विस्तार से बात की।

Heart Health: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार लोगों के लिए बाहर का खाना मजबूरी बन जाता है, तो कई लोगों के लिए बाहर खाना शौक होता है। कई बार लोग रात को थक जाते हैं, तो बाहर का खाना मंगवाकर खा लेते हैं। ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स ने इसे और भी आसान बना दिया है, लेकिन इसका असर हार्ट पर पड़ने लगता है। दरअसल, हार्ट की बीमारी का असर तुरंत दिखाई नहीं देता, बल्कि गलत खानपान की आदतों के कारण इसे बनने में कई साल लग जाते हैं। बहुत ज्यादा बाहर खाने की आदतों के कारण हार्ट हेल्थ पर कितना नुकसान होता है, इसे जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. उज्जवल कुमार (Dr. Ujjawal Kumar, Senior Consultant, Cardiology, Sarvodaya Hospital, Faridabad) से बात की। उन्होंने बताया कि बाहर के खाने में नमक, फैट और शुगर हा की नसों को नुकसान पहुंचाते हैं।

बाहर का खाना हार्ट हेल्थ के लिए क्यों है खराब?

Harvard University के अनुसार, बहुत ज्यादा फ्राइड फूड खाने से हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरीज का ब्लॉक होना, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक का रिस्क बढ़ सकता है। इस बारे में डॉ. उज्जवल कुमार कहते हैं, “एक डॉक्टर के रूप में मेरा अनुभव बताता है कि बाहर खाने की लगातार आदत दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देती है और इसके कई कारण है।”

जरूरत से ज्यादा नमक

रेस्टोरेंट और फास्ट फूड में स्वाद बढ़ाने के लिए नमक का इस्तेमाल जरूरत से कहीं ज्यादा किया जाता है। ज्यादा नमक सीधे ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। हाई ब्लड प्रेशर हार्ट को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इस वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

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ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट

बर्गर, पिज्जा, समोसा, फ्राइज और बेकरी आइटम्स में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट भरपूर मात्रा में होता है। ये फैट धीरे-धीरे कोरोनरी में फैट्स बढ़़ने लगते हैं, जिससे हार्ट तक ब्लड पहुंचाने वाली नसें संकरी हो जाती है। यह कंडीशन आगे चलकर ब्लॉकेज और हार्ट अटैक की वजह बनती है।

ज्यादा कैलोरी, कम न्यूट्रिशन

बाहर का खाना पेट तो भर देता है, लेकिन शरीर को पूरा न्यूट्रिशन नहीं देता। इनमें कैलोरी बहुत होती है, जबकि फाइबर, विटामिन और मिनरल्स बेहद कम होते हैं। इसका सीधा असर वजन बढ़ने, डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर के रूप में दिखता है, जो हार्ट की बीमारी से सीधे जुड़े हुए हैं।

बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल

कई होटल और ढाबों में एक ही तेल को बार-बार गर्म किया जाता है। ऐसा तेल शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन बढ़ाता है। यह सूजन धीरे-धीरे हार्ट की नसों को नुकसान पहुंचाती है और कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का असर

कोल्ड ड्रिंक, मिठाइयां और मैदे से बनी चीजें बाहर के खाने का अहम हिस्सा होती हैं। ये इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ाती हैं, जिससे डायबिटीज और हार्ट की बीमारियों का रिस्क बढ़ता है। मीठा खाने की आदत हार्ट की बीमारियों का रिस्क बढ़ा देती है।

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हार्ट हेल्थ का रिस्क किन लोगों को ज्यादा होता है?

डॉ. उज्ज्वल कुमार कहते हैं, “हाई ब्लड प्रेशर के मरीज, डायबिटीज मरीज, मोटापे से परेशान लोग, स्मोकिंग करने वाले लोग और फिजिकल एक्टिविटी कम होने पर हार्ट हेल्थ को नुकसान हो सकता है। अगर किसी को इनमें से कोई भी रिस्क हो, तो बाहर खाने की आदत पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।”

हार्ट को हेल्दी रखने के तरीके

डॉ. उज्जवल कहते हैं कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए बाहर के खाने के साथ-साथ लाइफस्टाइल में भी कुछ बदलाव करने चाहिए।

  1. बाहर का खाना सीमित रखें - हफ्ते में एक या दो बार से ज्यादा बाहर का खाना न खाएं।
  2. तला-भुना छोड़ें - ग्रिल्ड, स्टीम्ड या रोस्टेड विकल्प चुनें।
  3. नमक और तेल कम करने को कहें - ऑर्डर देते समय कम नमक और कम तेल की रिक्वेस्ट जरूर करें।
  4. मीठे और सोडे वाले ड्रिंक्स से दूर रहे - कोल्ड ड्रिंक की जगह पानी, नींबू पानी या छाछ लें।
  5. घर का खाना खाएं - घर का ताजा और बैलेंस्ड फूड ही हार्ट के लिए सबसे अच्छा है।
  6. एक्टिव रहें - रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें।

निष्कर्ष

डॉ. उज्ज्वल जोर देते हुए कहते हैं कि हार्ट की बीमारियां अचानक नहीं होती, बल्कि गलत लाइफस्टाइल के कारण सालों बाद दिखाई देती है। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए बाहर खाने की आदत को कंट्रोल करना जरूरी है। इससे हार्ट को हेल्दी रखा जा सकता है।

FAQ

  • कैसे पता चलेगा कि मेरा दिल स्वस्थ है?

    अगर आपकी नाड़ी 60-100 बीपीएम और ब्लड प्रेशर लगभग 120/80 mmHg से कम हो और पूरे दिन एनर्जी महसूस करते हैं, सांस फूलने के बिना रोजमर्रा के काम कर सकते हैं और छाती में दर्द या सूजन न हो, तो आपका हार्ट सेहतमंद है। 
  • हार्ट के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज कौन सी है?

    दिल के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज में तेज चलना, जॉगिंग, साइक्लिंग, तैराकी, और योग जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन शामिल हैं, क्योंकि ये सभी ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं, कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और हार्ट की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट कंट्रोल रहता है। 
  • हार्ट अटैक का पहला संकेत क्या है?

    हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों में छाती में दबाव, जकड़न या दर्द, जो कुछ मिनटों से ज्यादा रहता है या बार-बार आता है। इसके अलावा, सांस लेने में तकलीफ, ठंडा पसीना, मतली, चक्कर आना, और हाथ, पीठ, गर्दन, जबड़े या पेट में दर्द जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। ये लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, इसलिए इन्हें कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए। 

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Disclaimer

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Aneesh Rawat
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