Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Ujjawal Kumar , Senior Consultant - Cardiology at the Sarvodaya Hospital, Faridabad

हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज कब और कैसे शुरू करें? डॉक्टर से जानें किन गलतियों से बचें

हार्ट अटैक आने के बाद अक्सर रोगियों को एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है, ताकि वह अपने रेगुलर रूटीन में आ सके। हार्ट अटैक के बाद मरीज को कब एक्सरसाइज करनी चाहिए और एक्सरसाइज करते समय किन गलतियों को नहीं करना चाहिए, जानने के लिए पढ़ें यह लेख।

हार्ट अटैक आना एक गंभीर स्थिति है, जिसमें हार्ट की पंपिंग को नॉर्मल किया जाता है, ताकि पूरे शरीर को ब्लड मिल सके। हार्ट अटैक का इलाज कराने के बाद जब मरीज घर आता है, तो रेगुलर रूटीन फॉलो करने के लिए मरीज को एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। मरीज को कब एक्सरसाइज करनी चाहिए और कैसे शुरू करना चाहिए? इस बारे में हमने Dr. Ujjawal Kumar,  Senior Consultant - Cardiology, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।

उन्होंने बताया कि कुछ लोग डर की वजह से हफ्तों तक लगभग बिल्कुल आराम करते रहते हैं। दूसरी तरफ कुछ लोग ठीक महसूस होते ही पहले जैसी एक्सरसाइज शुरू करने की कोशिश करने लगते हैं। दोनों ही स्थितियों में सावधानी जरूरी है। मरीज को सही समय पर डॉक्टर की निगरानी में फिजिकल एक्टिविटी शुरू करनी चाहिए।

हार्ट अटैक के तुरंत बाद एक्सरसाइज शुरू करना कितना सही है?

Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं, “अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ही कुछ मरीजों को हल्की फिजिकल एक्टिविटी कराई जा सकती है। जिन मरीजों की मेडिकल कंडीशन बेहतर होती है, उन्हें बिस्तर से उठने, कमरे में थोड़ी दूरी चलने या रोजाना की बहुत ही हल्की एक्टिविटीज धीरे-धीरे शुरू कराई जा सकती हैं। इशके साथ यह भी ध्यान रखा जाता है कि हर मरीज की कंडीशन एक जैसी नहीं होती, तो कुछ मरीजों को आराम ही कराया जा सकता है।”

Dr. Ujjawal Kumar ने बताया कि अगर हार्ट अटैक गंभीर होता है, हार्ट का पंपिंग फंक्शन कम है या गंभीर रिस्क है, तो रिकवरी और एक्सरसाइज रूटीन अलग हो सकता है। इसलिए डिस्चार्ज के बाद खुद से एक्सरसाइज रूटीन बनाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।

हार्ट अटैक के बाद कैसे एक्सरसाइज करनी चाहिए?

Dr. Ujjawal Kumar ने कहा, “हार्ट अटैक के बाद जिम या किसी भी तरह की भारी एक्सरसाइज करने की मनाही होती है। अगर मरीज स्टेबल है, तो उसे शुरुआत में हल्की वॉकिंग करने की सलाह दी जा सकती है। इसके बाद शरीर और हार्ट की कंडीशन को देखते हुए वॉक का समय बढ़ाया जा सकता है।"

  • कुछ मरीजों को शुरुआत में 5 से 10 मिनट की छोटी वॉक करने की सलाह दी जा सकती है, लेकिन इसे हर हार्ट अटैक रोगी के लिए फिक्सड नहीं माना जा सकता है।
  • अगर शुरुआत में कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे कुछ हफ्तों में 20 से 30 मिनट तक किया जा सकता है, लेकिन यह हर मरीज की उम्र, हार्ट की पंपिंग, एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

क्या हार्ट अटैक के रोगी तेज चल या दौड़ सकते हैं?

Dr. Ujjawal Kumar ने बताया कि शुरुआती रिकवरी में हैवी वर्कआउट करना, तेज दौड़ना या अचानक वजन उठाने जैसी एक्टिविटीज से बचना चाहिए। जैसे-जैसे रिकवरी होती है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही एक्सरसाइज की इंटेंसिटी बढ़ानी चाहिए। वॉकिंग के अलावा, स्टेशनरी साइकिल चलाना या एरोबिक एक्सरसाइज रोगी सिर्फ डॉक्टर की सलाह लेकर ही कर सकते हैं।

American Heart Association के मुताबिक, एक्सरसाइज दिल की पंपिंग को बढ़ाता है और पूरे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को एक्टिव करता है। इसलिए कार्डियक रिहैब में शरीर को एक्टिव करने की कोशिश की जाती है और स्ट्रेस मैनेज करना सिखाया जाता है।

post heart attack workout

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एक्सरसाइज करते समय ये गलतियां न करें

Dr. Ujjawal Kumar सलाह देते हैं कि एक्सरसाइज करते समय ये गलतियां नुकसान पहुंचा सकती हैं।

  • एक्सरसाइज शुरू करते ही तेज गति से चलना सही तरीका नहीं है।
  • एक्सरसाइज खत्म करते समय अचानक रुकना नुकसान कर सकता है।
  • तेज चाल से न चलें, बल्कि हल्की वॉक करना ज्यादा बेहतर रहता है।
  • रिकवरी के दौरान एक्सरसाइज कभी भी शुरू न करें।
  • खाना खाने के बाद वर्कआउट करना सेहत के लिए नुकसान कर सकता है।
  • एक्सरसाइज से पहले और बाद में पानी या लिक्विड न लेने से डिहाइड्रेशन का रिस्क हो सकता है।
  • जिन मरीजों को हार्ट फेलियर के कारण फ्लूड कम लेने की सलाह दी है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।
  • जबरदस्ती वॉक करना हार्ट के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। अगर असहज लगे, तो तुरंत रुक जाना बेहतर रहता है।

एक्सरसाइज करते समय लक्षणों को नजरअंदाज न करें

Dr. Ujjawal Kumar सलाह देते हैं कि हार्ट अटैक के बाद मरीजों को एक्सरसाइज के दौरान अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो नजरअंदाज न करें। अपनी एक्सरसाइज तुरंत रोक दें और डॉक्टर को दिखाएं।

  • हार्ट में दर्द, दबाव या भारीपन महसूस हो
  • सांस अचानक ज्यादा फूलने लगे
  • चक्कर आए या बेहोशी जैसा महसूस हो
  • असामान्य कमजोरी या बहुत ज्यादा थकान हो
  • हार्ट बीट बहुत तेज या अनियमित महसूस हो
  • ठंडा पसीना आए
  • दर्द हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक जाए

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निष्कर्ष
हार्ट अटैक के बाद मरीज को रिकवर करने में समय लग सकता है, लेकिन एक्सरसाइज के साथ मरीज को दवाओं, डाइट और ब्लड प्रेशर चेक जैसी चीजों पर भी ध्यान देना चाहिए। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि मरीज को एक्सरसाइज या वॉक करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए और वॉक का समय या इंटेंसिटी बढ़ाने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें। अगर कोई भी दिक्कत महसूस होती है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। हार्ट से जुड़े किसी भी लक्षण को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

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FAQ

  • क्या हार्ट अटैक के मरीज जिम जाकर वेट लिफ्टिंग कर सकते हैं?

    शुरुआती 2 से 3 महीनों तक भारी वजन उठाना पूरी तरह मना होता है। कार्डियोलॉजिस्ट की मंजूरी के बाद ही बेहद हल्के डंबल्स या रेजिस्टेंस बैंड्स से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू की जा सकती है, ताकि ब्लड प्रेशर अचानक न बढ़े।
  •  एक्सरसाइज शुरू करने से पहले टीएमटी कराना क्यों जरूरी है?

    स्ट्रेस टेस्ट से डॉक्टर यह जान पाते हैं कि वर्कआउट के दौरान आपका हार्ट कितना तनाव सह सकता है, उसमें दोबारा ब्लॉकेज का कोई लक्षण तो नहीं है, और आपकी सुरक्षित 'सेफ एक्सरसाइज कैपेसिटी' कितनी है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 01, 2026 20:33 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Sep 01, 2026 20:33 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Ujjawal Kumar

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