Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

ज्यादा तनाव बन सकता है अचानक Heart Failure की वजह? डॉक्टर से जानें कितना है खतरा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) हर व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है और इसके कारण कई समस्याएं भी होती हैं। यहां जानिए, क्या ज्यादा तनाव के कारण हार्ट फेल हो सकता है?

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress) मानो हमारी सांसों में घुल चुका है। सुबह अलार्म की आवाज से लेकर रात मोबाइल स्क्रीन पर खत्म होने वाला दिन, हर पल दिमाग किसी न किसी चिंता में उलझा रहता है। नौकरी का दबाव, बढ़ती महंगाई, रिश्तों की उलझन, बच्चों का भविष्य और सोशल मीडिया पर परफेक्ट दिखने की होड़, ये सब मिलकर इंसान को अंदर ही अंदर तोड़ने लगते हैं। अक्सर हम सोचते हैं कि तनाव सिर्फ दिमाग तक सीमित होता है, लेकिन क्या सच में ऐसा है? क्या ये मानसिक बोझ हमारे दिल पर भी सीधा वार करता है? पिछले कुछ सालों में अचानक हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब ये समस्याएं सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि 30-40 साल के युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। इस लेख में Dr.Vikash Goyal, Associate Director, Cardiology, Paras Health, Gurugram से जानिए, क्या ज्यादा तनाव के कारण हार्ट फेल हो सकता है?

क्या ज्यादा तनाव के कारण हार्ट फेल हो सकता है? - Can Stress Cause Sudden Heart Failure

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, जब व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है तो शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। ये हार्मोन दिल की धड़कन तेज करते हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो दिल की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो हार्ट डिजीज का कारण बन सकता है।

  • डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि अत्यधिक या अचानक बढ़ा हुआ तनाव, जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु, एक्सीडेंट, नौकरी छूटना या कोई बड़ा सदमा, कुछ मामलों में अचानक हार्ट फेलियर को ट्रिगर कर सकता है।
  • इसे मेडिकल भाषा में Stress-Induced Cardiomyopathy या Broken Heart Syndrome कहा जाता है।
  • इस स्थिति में दिल की पंपिंग क्षमता अचानक कमजोर हो जाती है, जिससे हार्ट फेलियर जैसे लक्षण नजर आते हैं।
  • हर व्यक्ति पर तनाव का असर अलग-अलग होता है, लेकिन कुछ लोग इसके प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
  • डॉ. विकास गोयल के अनुसार, जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा या दिल की बीमारी है, उनमें तनाव का प्रभाव ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
  • इसके अलावा धूम्रपान, शराब का सेवन, नींद की कमी और फिजिकल एक्टिविटी का अभाव भी जोखिम को बढ़ा देता है।

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can stress cause sudden heart failure

हृदय रोग के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

अगर तनाव के दौरान या बाद में सीने में दर्द, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना, ज्यादा पसीना या अचानक थकान महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. विकास गोयल सलाह देते हैं कि ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि समय पर इलाज जान बचा सकता है।

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क्या जानना जरूरी है आसान भाषा में समझें
तनाव दिल को कैसे नुकसान पहुंचाता है? लगातार तनाव से ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ती है, जिससे दिल पर दबाव पड़ता है।
अचानक हार्ट फेलियर क्यों हो सकता है?

ज्यादा भावनात्मक या मानसिक झटके से दिल की पंपिंग क्षमता अचानक कमजोर हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है? डायबिटीज, हाई बीपी, मोटापा, स्मोकिंग करने वाले और पहले से हार्ट मरीज।
दिल को सुरक्षित कैसे रखें? तनाव कम करें, रोज एक्सरसाइज करें, अच्छी नींद लें और समय पर जांच कराएं।

तनाव कम करने के लिए क्या करें?

दिल को हेल्दी रखने के लिए तनाव को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। इसके लिए रोजाना योग, ध्यान, प्राणायाम, नियमित एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। परिवार और दोस्तों से बात करना, स्क्रीन टाइम कम करना और जरूरत पड़ने पर मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना भी फायदेमंद हो सकता है। डॉ. विकास गोयल के अनुसार, ''मानसिक शांति दिल की सेहत के लिए उतनी ही जरूरी है जितना सही खानपान और दवाएं।''

निष्कर्ष

तनाव को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। हालांकि हर तनाव अचानक हार्ट फेलियर का कारण नहीं बनता, लेकिन लंबे समय तक या ज्यादा तनाव दिल की गंभीर बीमारियों का खतरा जरूर बढ़ा देता है। इसलिए जरूरी है कि हम न सिर्फ अपने शारीरिक स्वास्थ्य का, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखें। समय पर जांच, हेल्दी लाइफस्टाइल और तनाव मैनेजमेंट से दिल को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है।

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FAQ

  • दिल को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

    बैलेंस डाइट लें, रोजना एक्सरसाइज करें, तनाव कम करें, पूरी नींद लें और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाए रखें।
  • हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर में क्या अंतर है?

    हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की नस में ब्लॉकेज आ जाता है, जबकि हार्ट फेलियर में दिल शरीर की जरूरत के अनुसार खून पंप नहीं कर पाता। दोनों गंभीर स्थितियां हैं, लेकिन अलग-अलग हैं।
  • दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    सीने में दर्द या भारीपन, सांस फूलना, जल्दी थकान, चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज होना, ये सभी दिल की बीमारी के संकेत हो सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 15, 2026 15:02 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 15, 2026 15:02 IST

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