Mon Oct 5, 2026 | 12:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

फाइब्रॉएड होने पर पीरियड्स में खून के बड़े-बड़े थक्के क्यों आते हैं? डॉक्टर से जानें क्या यह चिंता की बात है?

फाइब्रॉएड में पीरियड्स के दौरान खून के बड़े-बड़े थक्के निकलते हैं। इसकी वजह से एनीमिया जैसी समस्या हो सकती है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि आप इस समस्या के मूल कारण को समझें।
फाइब्रॉएड होने पर पीरियड्स में खून के बड़े-बड़े थक्के क्यों आते हैं? डॉक्टर से जानें क्या यह चिंता की बात है?फाइब्रॉएड होने पर पीरियड्स में खून के बड़े-बड़े थक्के क्यों आते हैं? डॉक्टर से जानें क्या यह चिंता की बात है?

फाइब्रॉएड या गर्भाशय की रसौली के कारण कई बार महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग और खून के बड़े-बड़े थक्के आने लगते हैं। यह चिंता का विषय है, क्योंकि इसे सामान्य नहीं समझा जाना चाहिए। इसलिए, इस सवाल का जवाब फाइब्रॉएड से जूझ रही महिलाओं को पता होना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों होता है, इसका कारण क्या है और यह चिंता का विषय कब बनता है?

इस संबंध में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "फाइब्रॉएड में महिलाओं को पीरियड्स के दौरान खून के बड़े-बड़े थक्के बनने लगते हैं। इसके पीछे वजह की बात करें, तो फाइब्रॉएड बहुत ज्यादा ब्लीडिंग शुरू कर देता है, जिससे शरीर में मौजूद खून को जमने से रोकने वाले प्राकृतिक केमिकल्स भी इसे संभाल नहीं पाते। नतीजतन, ब्लीडिंग के दौरान ब्लड क्लॉट होने लगता है।"

फाइब्रॉएड और पीरियड्स में खून के थक्कों के बीच कनेक्शन

Causes Of Large Blood Clots During Periods In FibroidCauses Of Large Blood Clots During Periods In Fibroid

साल 2022 को Frontiers in Reproductive Health नाम के मेडिकल जर्नल में प्रकाशित मेडिकल रिसर्च रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, फाइब्रॉएड  के कारण बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से का फैलना, असामान्य और कमजोर खून की नसों का बनना, गर्भाशय की नसों पर दबाव पड़ना और खून का एक जगह इकट्ठा होकर थक्के (clots) में बदल जाना। इसे और आसान भाषा में समझें-

  • गर्भाशय का आकार का बढ़नाः फाइब्रॉएड के कारण गर्भाशय का आकार थोड़ा फैल जाता है। ऐसे में हर महीने झड़ने वाली गर्भाशय की अंदरूनी परत भी बड़ी हो जाती है, जिससे हैवी ब्लीडिंग होने लगती है।
  • मांसपेशियों का ठीक से न सिकुड़ पानाः पीरियड्स में एक सामान्य प्रक्रिया है कि गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़कर खून बहने वाली नसों को दबाती और बंद करती हैं। जबकि, फाइब्रॉएड होने की वजह से मांसपेशियों पर दबाव बनता है और ये सही से अपना काम नहीं कर पाती हैं। नतीजतन, गर्भाशय की संकुचन प्रक्रिया और ब्लीडिंग प्रभावित होने लगती है।
  • एंटी-क्लॉटिंग केमिकल्स का बेअसर होनाः फाइब्रॉएड के कारण कई बार ब्लीडिंग सही तरह से नहीं हो पाती है और ब्लड किसी एक क्षेत्र में एकत्रित होने लगता है। ऐसे में शरीर के खून को पतला रखने वाले प्राकृतिक केमिकल्स भी इसे रोक नहीं पाते। यही कारण है कि खून बाहर निकलने से पहले जेली जैसे थक्कों में बदल जाता है।

इसे भी पढ़ें: पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स क्यों आते हैं? डाॅक्टर ने बताए इसके 7 बड़े कारण

पीरियड्स में बड़े थक्के आनाः यह सामान्य है या चिंता का विषय?

डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होना या क्लॉटिंग होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। और ब्लीडिंग खत्म होते ही समस्या ठीक हो जाती है। हां, अगर किसी स्वास्थ्य परेशानी जैसे फाइब्रॉएड के कारण ऐसा हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें। ब्लड क्लॉटिंग कम है या ज्यादा, इस पर गौर करें। हालांकि, यह जानलेवा स्थिति नहीं है। लेकिन पीरियड्स में ब्लड क्लॉटिंग होने के कारण शरीर से काफी मात्रा में खून की कमी हो सकती है, जिससे थकान और कमजोरी बढ़ सकती है। इसलिए, जरूरी हो, तो एक बार विशेषज्ञ से संपर्क कर अपनी जांच करवा लें।"

फाइब्रॉएड के अन्य प्रमुख लक्षण

हैवी ब्लीडिंग होना

The Fibroid Foundation के अनुसार फाइब्रॉएड में हैवी ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉटिंग होती है और ये कॉमन समस्या है। लेकिन आपको नोटिस करना है कि क्या आपके पीरियड्स 7 दिनों से अधिक समय तक चल रहे हैं? अगर हां, तो यह सही संकेत नहीं है।

थकान और कमजोरी

हैवी ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉटिंग के कारण शरीर में थकान और कमजोरी बढ़ सकती है। अगर आपको ऐसा महसूस हो, तो यह एनीमिया का संकेत हो सकता है। साल 2025 में Cureus मेडिकल जर्नल में प्रकाशित मेडिकल केस रिपोर्ट के अनुसार, फाइब्रॉएड के कारण होने वाली हैवी ब्लीडिंग को अगर लंबे समय तक इग्नोर किया जाए, तो यह हीमोग्लोबिन के स्तर को जानलेवा हद तक (1.4 g/dL) गिरा सकती है। इसका हार्ट हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है।

पेल्विक क्षेत्र में दर्द

अगर पीरियड्स के दौरान पेल्विक एरिया में लगातार दर्द, पेट के निचले हिस्से में तीव्र अकड़न आदि महसूस हो, तो यह भी चिंता का विषय हो सकता है।

बार-बार पेशाब आना

अगर पीरियड्स में बार-बार पेशाब आने की समस्या हो और पेशाब करने के बाद भी लगे कि ब्लैडर पूरी तरह साफ नहीं हुआ है और कब्ज की समस्या होने लगे, तो इसे भी इग्नोर न करें।

पेट से जुड़ी समस्या

पीरियड्स में पेट में दर्द और अकड़न जैसी समस्या का अनुभव लगभग हर महिला ने किया है। हां, अगर फाइब्रॉएड होने के कारण ब्लोटिंग, पेट में सूजन आदि महसूस हो, तो यह भी सही नहीं है।

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डाॅक्टर के पास कब जाएं?

फाइब्रॉएड जैसी स्थिति का इलाज घर में किया जाना सही नहीं है। अगर यह समस्या है, तो डाॅक्टर से अपना प्रॉपर ट्रीटमेंट करवाएं। हालांकि, कई महिलाओं को फाइब्रॉएड होने का पता नहीं होता है। इसलिए, यहां बताए गए लक्षणों को जानें और तुरंत डाॅक्टर की मदद लें-

  • हैवी ब्लीडिंग होना।
  • बड़े-बड़े रक्त के थक्के निकलना।
  • लंबे समय तक पीरियड्स होना। 
  • कमजोरी और थकान बने रहना।
  • पेट में तीव्र दर्द होना।

फाइब्रॉएड को कैसे मैनेज करें

डाॅक्टर के ट्रीटमेंट के अलावा जरूरी है कि आप नियमित रूप से जीवनशैली में स्वस्थ आदतों को अपनाएं, जैसे-

  1. आयरन युक्त चीजों और विटामिन सी का सेवन अधिक मात्रा में करें।
  2. प्रोसेस्ड फूड, शुगर और मीट का सेवन कम करें।
  3. शराब और कैफीन से दूरी बनाकर रखें।
  4. नियमित रूप से वर्कआउट करें।
  5. योग, मेडिटेशन की मदद से तनाव को मैनेज करें।
  6. पेट दर्द होने पर गर्म सिकाई करें।
  7. पर्याप्त नींद लें और आराम करने को महत्व दें।
  8. अपने पीरियड साइकिल को ट्रैक करें।
  9. सेहत बिगड़ने पर डाॅक्टर के पास जाने में देरी न करें।

निष्कर्ष

फाइब्रॉएड में खून के बड़े-बड़े थक्के निकल सकते हैं। हां, अगर 7 दिनों से अधिक समय तक ऐसा होता रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और डाॅक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाएं। कई बार फाइब्रॉएड के कारण हो रही हैवी ब्लीडिंग एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। ऐसे में थकान और कमजोरी बढ़ जाती है। एनीमिया में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने लगती है, जिससे शरीर के सभी ऑर्गन सही तरह से काम नहीं कर पाते हैं। यह समग्र स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। इसका पूरा ध्यान रखें।

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FAQ

  • क्या गर्भाशय के फाइब्रॉएड कैंसर का रूप ले सकते हैं?

    नहीं, फाइब्रॉएड लगभग हमेशा गैर-कैंसरकारी होते हैं। फाइब्रॉएड के कैंसर में बदलने का जोखिम न के बराबर होता है।
  • फाइब्रॉएड की पुष्टि करने के लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं?

    फाइब्रॉएड का पता लगाने के लिए ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड (TVUS) और पेल्विक MRI किया जाता है। इससे फाइब्रॉएड की संख्या और आकार का भी पता चलता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 05, 2026 10:04 IST

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