Mon Oct 5, 2026 | 08:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

पीरियड्स में अश्वगंधा लेना कितना सही, आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे और किन्हें बचना चाहिए?

सोशल मीडिया में पीरियड्स को रेगुलर करने और पेट दर्द से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए अश्वगंधा लेने की सलाह दी जाती है। क्या सच में पीरियड्स में अश्वगंधा लेने का फायदा होते है? इस सच्चाई के बारे में जानने के लिए हमने आयुर्वेदाचार्य से विस्तार से बात की।
पीरियड्स में अश्वगंधा लेना कितना सही, आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे और किन्हें बचना चाहिए?पीरियड्स में अश्वगंधा लेना कितना सही, आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे और किन्हें बचना चाहिए?

पीरियड्स के दौरान किसी महिला को पेट में तेज दर्द, क्रैम्प्स या थकान महसूस होती है, तो किसी को पीरियड्स में कोई दिक्कत नहीं होती। जिन महिलाओं को थकान, चिड़चिड़ापन या नींद की समस्या होती है, उन्हें राहत पाने के लिए अश्वगंधा लेने की सलाह दी जाती है। पीरियड्स में अश्वगंधा (Ashwgandha for periods) के फायदों की जानकारी सोशल मीडिया पर खूब वायरल होती रहती है। अश्वगंधा के नाम पर कई तरह के हर्बल प्रोडक्ट्स भी पीरियड्स की समस्याओं से राहत पाने के लिए सुझाए जाते हैं। पीरियड्स में अश्वगंधा कितना फायदेमंद है? यह जानने के लिए हमने Dr. Chetan Sharma, Senior Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि अश्वगंधा का इस्तेमाल महिला की हेल्थ कंडीशन, उम्र, लक्षणों और अन्य बीमारियों को देखकर ही तय की जा सकती है। हर महिला के लिए अश्वगंधा लेना फायदेमंद नहीं हो सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले आयुर्वेदाचार्य की सलाह लेनी चाहिए।

पीरियड्स में अश्वगंधा लेने के फायदे

Cureus के मुताबिक, अश्वगंधा में हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रिनल (HPA) और हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-गोनाडल (HPG) एक्सिस को संतुलित करने में मदद करता है। यह कार्टिसोल हार्मोन के स्तर को कम करने में मदद करता है। इससे मेटाबोलिक कंडीशन में सुधार होता है। इससे महिलाओं के मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और स्ट्रेस कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, अश्वगंधा में पेनकिलर गुण भी पाए जाते हैं। इसलिए अश्वगंधा पीरियड्स में काफी हद तक मददगार हो सकता है, लेकिन इसे एक्सपर्ट की सलाह से ही लेना चाहिए।

Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “आयुर्वेद में अश्वगंधा को बल्य और रसायन द्रव्य के रूप में जाना जाता है। अश्वगंधा को स्ट्रेस और नींद से जुड़ी समस्याओं के लिए फायदेमंद माना गया है। इसलिए अगर किसी महिला को पीरियड्स के आसपास तनाव, थकान या नींद से जुड़ी परेशानी ज्यादा रहती है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन खुद से किसी भी तरीके से अश्वगंधा या अन्य जड़ी-बूटियां न लें।”

अश्वगंधा को सिर्फ पीरियड्स के दौरान ही लेना चाहिए?

Dr. Chetan Sharma का कहना है, “अश्वगंधा को लेने का ऐसा कोई नियम नहीं है। अश्वगंधा कोई दवा नहीं है, जिसे सिर्फ पीरियड्स में लेने पर ही फायदा मिलेगा। एक्सपर्ट की सलाह लेकर हेल्थ कंडीशंस के अनुसार इसे कभी भी लिया जा सकता है। इसे लेते हुए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कितने दिन तक और कितनी मात्रा में लेना है, ये सिर्फ डॉक्टर ही बता सकते हैं।”

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अश्वगंधा महिलाओं के लिए कैसे फायदेमंद है?

Harvard Medical School के मुताबिक, अश्वगंधा न सिर्फ स्ट्रेस, नींद और एंग्जायटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है, बल्कि इसके कई और भी फायदे होते हैं।

  • फोकस करने और याददाश्त को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है और कोशिकाओं द्वारा ग्लूकोज के अवशोषण में मदद करता है। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
  • शरीर की सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • जोड़ों की सूजन और पेन को कम करता है।
  • मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल लेवल को बैलेंस करता है।
  • महिलाओं की सेक्शुअल हेल्थ में मददगार होता है।
  • कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।

किन महिलाओं को अश्वगंधा लेने से बचना चाहिए?

Dr. Chetan Sharma सलाह देते हैं कि इन महिलाओं को अश्वगंधा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

  • प्रेग्नेंसी की संभावना हो - अगर पीरियड्स लेट हैं और प्रेग्नेंसी की संभावना है, तो खुद से अश्वगंधा शुरू न करें। गर्भावस्था में अश्वगंधा से बचने की सलाह दी जाती है।
  • ब्रेस्टफीडिंग के दौरान - स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी बिना डॉक्टर की सलाह के अश्वगंधा नहीं लेना चाहिए।
  • थायराइड - अश्वगंधा थायराइड फंक्शन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए जो महिलाएं थायराइड की दवा लेती हैं, उन्हें अश्वगंधा खुद से शुरू नहीं करना चाहिए।
  • ऑटोइम्यून बीमारी - जिन महिलाओं को ऑटोइम्यून बीमारी है, उन्हें अश्वगंधा लेते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
  • लिवर की बीमारी - अश्वगंधा सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल से लिवर इंजरी होने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं। इसलिए अगर पहले से लिवर की बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह पर भी अश्वगंधा लें।

आयुर्वेदाचार्य की सलाह

Dr. Chetan Sharma सलाह देते हुए कहते हैं कि पीरियड्स के दौरान अश्वगंधा सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लें, क्योंकि अगर हर महीने सिर्फ पीरियड्स के दौरान पेट दर्द या क्रैम्प्स हो, तो उसे अश्वगंधा लेकर मैनेज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा, अगर ब्लीडिंग बहुत ज्यादा है, पीरियड्स रेगुलर नहीं और दर्द बहुत ज्यादा है, तो कुछ मामलों में यह PCOS या एंडोमेट्रियोसिस भी हो सकता है। इसलिए चेकअप जरूर कराएं।

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निष्कर्ष
अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक औषधि है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे हर व्यक्ति बिना किसी सावधानी के ले सकता है। इसे लेने की मात्रा और तरीका हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। इसलिए खुद से अश्वगंधा किसी सप्लीमेंट, पाउडर, टैब्लेट या अर्क के रूप न लें। अश्वगंधा लेने का सही तरीका अनुभवी एक्सपर्ट ही बता सकते हैं, क्योंकि इसे देने से पहले महिला की हेल्थ कंडीशन के बारे में जानना बहुत जरूरी है।

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FAQ

  • क्या अश्वगंधा लेने से पीरियड्स लेट हो सकते हैं या ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है?

    अगर इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा मात्रा में किया जाए, तो इसकी गर्म तासीर से ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है। हालांकि, सही खुराक में लेने पर यह पीरियड्स को लेट नहीं करता, बल्कि साइकिल को रेगुलर करने में मददगार होता है। 
  • क्या खाली पेट अश्वगंधा लेने से पेट में जलन या उल्टी हो सकती है?

    खाली पेट लेने से इसके तीखे और गर्म गुणों के कारण एसिडिटी, पेट में जलन, या जी मिचलाने की समस्या हो सकती है। इसे हमेशा भोजन या नाश्ते के बाद ही लें।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 05, 2026 18:49 IST

    Published By : Aneesh Rawat
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