Fri Oct 2, 2026 | 09:16 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

सिर्फ इलायची नहीं इसके पत्ते भी हैं फायदेमंद, दूर करते हैं खांसी-स‍िरदर्द जैसी 5 समस्‍याएं

इलायची के पत्तों को शीतल गुणों के कारण इसे पित्तशामक माना जाता है। जानें यह शरीर की क‍िन समस्‍याओं को दूर करने में मदद कर सकता है?
सिर्फ इलायची नहीं इसके पत्ते भी हैं फायदेमंद, दूर करते हैं खांसी-स‍िरदर्द जैसी 5 समस्‍याएंसिर्फ इलायची नहीं इसके पत्ते भी हैं फायदेमंद, दूर करते हैं खांसी-स‍िरदर्द जैसी 5 समस्‍याएं

इलायची की तरह इसके पत्तों भी गुणकारी होते हैं। इलायची के पत्तों की मदद से आयुर्वेद में कई समस्‍याओं का इलाज क‍िया जाता है जैसे इसकी मदद से खांसी और गले की खराश से राहत म‍िलती है, सिरदर्द और खराब पाचन को ठीक करने के लि‍ए भी इसका इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। स्‍क‍िन एलर्जी, थकान और कमजोरी जैसी समस्‍याओं में भी इसके पत्तों का सेवन फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं इलायची के पत्तों से दूर होने वाली समस्‍याओं के बारे में और इसके सेवन का सही तरीका जानते हैं। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

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आयुर्वेद में क्‍यों खास है इलायची के पत्ते?

आयुर्वेद के अनुसार, इलायची और इसके पत्तों में शीत वीर्य गुण माने जाते हैं। इसका अर्थ है कि इनकी तासीर ठंडी होती है और ये शरीर में बढ़े हुए पित्त दोष को शांत करने में मदद कर सकते हैं। आयुर्वेद में पित्त दोष का संबंध शरीर की गर्मी, पाचन और चयापचय से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि इलायची का सेवन शरीर में गर्मी, जलन और पित्त से जुड़ी समस्याओं को संतुलित करने फायदेमंद साब‍ित हो सकता है।

साल 2020 में Journal Of Pharmaceutics And Pharmacology Research में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, इलायची के पत्तों के अर्क में फ्लेवोनॉइड्स, सैपोनिन और एल्कलॉइड जैसे गुण पाए जाते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि इलायची के पत्तों के में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर के ल‍िए फायदेमंद माने जाते हैं।

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इलायची के पत्तों में मौजूद पोषक तत्व

इलायची के पत्ते हरे और सुगंधित होते हैं। इनमें पॉलीफेनॉल, फ्लेवोनॉइड्स जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। इलायची के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं।

इलायची के पत्तों का सेवन कैसे करें?

  • इलायची के पत्तों को सुखाकर, पाउडर बना लें और इसका इस्तेमाल चाय या काढ़ा बनाने के ल‍िए कर सकते हैं।
  • खाने से पहले इलायची के पत्तों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।

1. खांसी और गले की खराश में कैसे काम करते हैं पत्ते?

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि इलायची के पत्तों का सेवन करने से सर्दी-जुकाम से राहत म‍िलती है। इससे बलगम की समस्‍या दूर हो सकती है और श्वसन तंत्र को आराम म‍िलता है। इलायची के पत्तों का इस्तेमाल खांसी और गले की खराश जैसी समस्याओं में किया जाता है। गले में खराश होने पर इलायची के पत्तों से बनी हल्की चाय पीने से गले को आराम म‍िल सकता है। इसके लिए साफ इलायची के पत्तों को पानी में कुछ मिनट उबालकर छान लें।

2. सिरदर्द से राहत पाने के लिए उपयोग विधि

सिरदर्द में इलायची के पत्तों का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू उपाय के रूप में किया जाता है। इन पत्तों की प्राकृतिक सुगंध कुछ लोगों को आराम और ताजगी का अनुभव करा सकती है। लायची के पत्तों को पानी में उबालकर इसकी चाय बनाई जाती है। अगर सिरदर्द तनाव, नींद की कमी या शरीर में पानी की कमी के कारण हो रहा है, तो पर्याप्त पानी पीना, आराम करना और समय पर भोजन करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

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3. खराब पाचन में इलायची के पत्तों की भूमिका

इलायची के पत्तों का पारंपरिक रूप से पाचन संबंधि‍त समस्याओं में इस्तेमाल किया जाता रहा है। पेट में गैस, अपच जैसी समस्‍याओं में इसका सेवन कर सकते हैं। इसे हेल्‍दी डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं। पाचन को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त फाइबर, पानी का सेवन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना और बहुत ज्‍यादा तला-भुना भोजन खाने से बचना भी जरूरी है।

4. स्‍क‍िन एलर्जी में इलायची के पत्तों का इस्‍तेमाल

  • छोटी इलायची के पत्तों में एंटी-एलर्जी गुण पाए जाते हैं।
  • इससे स्‍क‍िन एलर्जी, खुजली और रैशेज को कम करने में मदद म‍िलती है।
  • पत्तों को पानी में उबालकर पी सकते हैं।

5. थकान और कमजोरी से राहत

इलायची के पत्तों की मदद से थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद म‍िल सकती है। इलायची के पत्तों से बनी हल्की हर्बल चाय पीने से ताजगी और आराम महसूस हो सकता है। इसकी सुगंध मन को सुकून दे सकती है। अगर थकान तनाव या मानसिक दबाव के कारण हो रही है, तो पत्तों से बनी चाय कुछ हद तक राहत दे सकती है।

इलायची के पत्तों के सेवन में बरती जाने वाली सावधानियां

  • अगर इलायची या इसी तरह के पौधों से एलर्जी है, तो इसके पत्तों का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। त्वचा पर खुजली, चकत्ते, सूजन या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत डॉक्‍टर की मदद लें।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इलायची के पत्तों का सेवन डॉक्‍टर की सला‍ह के बगैर नहीं करना चाह‍िए।
  • अगर किसी बीमारी के लिए नियमित दवाएं ले रहे हैं, तो इलायची के पत्तों का सेवन करने से पहले डॉक्टर से जानकारी लें।
  • हमेशा साफ पत्तों का इस्तेमाल करें। पत्तों को अच्छी तरह धोएं और फफूंद लगे या खराब पत्तों का इस्तेमाल न करें।

नि‍ष्‍कर्ष:

इलायची के पत्तों की मदद से खांसी, गले की खराश, सिरदर्द, खराब पाचन, स्‍क‍िन एलर्जी, थकान और कमजोरी जैसी समस्‍याओं को दूर करने में मदद म‍िलती है। इलायची के पत्तों का पाउडर बनाकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं, इसकी चाय या काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं।

FAQ

  • क्या इलायची खाने से मुंह की बदबू दूर होती है?

    इलायची की खुशबू सांसों की दुर्गंध को कुछ समय के लिए कम कर सकती है। इसे चबाने से मुंह में ताजगी महसूस होती है। 
  • क्या इलायची को दूध में उबालकर पीना फायदेमंद है?

    दूध में इलायची डालकर पीने से स्वाद और सुगंध बढ़ जाती है। दूध से प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं, जबकि इलायची से एंटीऑक्सीडेंट गुण म‍िलते हैं।

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Oct 02, 2026 20:22 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma