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अश्वगंधा vs शिलाजीत: स्टैमिना और स्ट्रेस के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? जानें अंतर

Ashwagandha Or Shilajit: अक्सर लोगों को कन्फ्यूजन होती है कि शिलाजीत सिर्फ मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए ही लिया जाता है और अश्वगंधा से कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है, लेकिन आयुर्वेदाचार्य मानते हैं कि दोनों का अपना महत्व है और उन्होंने अश्वगंंधा और शिलाजीत के बीच का फर्क विस्तार से समझाया है।
अश्वगंधा vs शिलाजीत: स्टैमिना और स्ट्रेस के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? जानें अंतरअश्वगंधा vs शिलाजीत: स्टैमिना और स्ट्रेस के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? जानें अंतर

Ashwagandha Or Shilajit: जब भी अश्वगंधा और शिलाजीत की बात होती है, तो आयुर्वेद में दोनों को ही पॉवरफुल माना जाता है, इसलिए इन दोनों के बीच तुलना करना थोड़ा मुश्किल है। हालांक आमतौर पर लोगों को लगता है कि शिलाजीत का इस्तेमाल मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए किया जाता है, इसलिए यह लोगों को बीच बहुत पॉपलुर है। वहीं अश्वगंधा का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में होता है। इसलिए इन दोनों के बारे में जानने के लिए हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की। डॉ. श्रेय कहते हैं कि अश्वगंधा और शिलाजीत दोनों ही ओजस्कर है और शरीर के लिए अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। जैसे खाना बनाते समय नमक और हल्दी का आपस में कोई मुकाबला नहीं होता, वैसे ही शिलाजीत और अश्वगंधा की भी तुलना करना ज्यादा सही नहीं है क्योंकि दोनों में कई समानताएं है, तो कुछ फर्क भी है। 

शिलाजीत और अश्वगंधा में समानता

डॉ. श्रेय कहते हैं, “शिलाजीत एक काले तार जैसा होता है, जो आमतौर पर हिमालय के पहाड़ों से निकाला जाता है, जबकि अश्वगंधा आयुर्वेद में जड़ी-बूटी है, जिसका कई तरीकों से इस्तेमाल होता है। अगर दोनों की बात की जाए, तो इनमें कई समानताएं है।”

  1. शिलाजीत और अश्वगंधा दोनों ही पहले आने वाले बुढ़ापे को कम करने में मदद करते हैं।
  2. बल बढ़ाने में सहायक है।
  3. इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं।
  4. अश्वगंधा और शिलाजीत, दोनों ही सेल्स के लिए रिजुविनेटरहै।
  5. NCBI की रिपोर्ट के अनुसार, अश्वगंधा फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं।
  6. दोनों ही सात्विक है।

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शिलाजीत का इस्तेमाल कहां करें?

डॉ. श्रेय कहते हैं, “आमतौर पर शिलाजीत को हमेशा मर्दाना ताकत यानी कि सेक्स से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। शिलाजीत सेल्स की एफिशिएंसी को इंप्रूव करके इसे एनर्जी में कन्वर्ट करते हैं। अब इस एनर्जी का इस्तेमाल कौन कैसे करना चाहता है? यह उस पर निर्भर करता है। कई लोग इसे इंटरकोर्स करने में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ लोग इसका इस्तेमाल बुद्धि और ज्ञानवर्धन में करते हैं। पुराने जमाने में ऋषि मुनि खाना नहीं खाते थे, बल्कि शिलाजीत खाकर अपनी एनर्जी बनाए रखते थें। इसलिए शिलाजीत को स्टैमिना बढ़ाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।”

अश्वगंधा का इस्तेमाल कहां करें?

डॉ. श्रेय कहते हैं, “अश्वगंधा का इस्तेमाल आमतौर पर स्ट्रेस और एंग्जाइटी को कम करने के लिए किया जाता है। यह कॉर्टिसोल के लेवल को कम करने में मदद करता है, जिससे लोगों को मेंटल स्ट्रेस मैनेज करना आसान होता है। जिन लोगों को इनसोमनिया की समस्या होती है, उन्हें आयुर्वेदिक डॉक्टर अश्वगंधा खाने की सलाह देते हैं ताकि नींद अच्छी आ सके। हार्मोन को बैलेंस करने में भी अश्वगंधा काफी मददगार है।”

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अश्वगंधा और शिलाजीत में अंतर

डॉ. श्रेय ने अश्वगंधा और शिलाजीत में अंतर बताया है ताकि लोग इसका सही तरीके से इस्तेमाल कर सके।

शिलाजीत अश्वगंधा
उष्णवीर्य (गर्म होना)  समवीर्य (कम उष्ण होना)
जड़ी- बूटी नहीं  जड़ी-बूटी होना
पहाड़ों से निकलने वाला पत्थर  विथेनिया सोमनी (प्लांट की जड़)
शारीरिक बल में कारगर  मेंटल स्ट्रेस को कम करने में मददगार
कैंसर में अश्वगंधा से कम भूमिका होना कैंसर में अश्वगंधा का रोल ज्यादा होना

अश्वगंधा और शिलाजीत किन लोगों के लिए फायदेमंद

डॉ. श्रेय कहते हैं, “अश्वगंधा और शिलाजीत, दोनों का इस्तेमाल हर उम्र के लोग कर सकते हैं। अगर किसी को इम्यूनिटी या अपने सत का वर्धन करना है, तो अश्वगंधा और शिलाजीत दोनों ही इस मामले में बेहतर है। इन दोनों ही आयुर्वेदिक चीजों का इस्तेमाल प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए। इसके अलावा, जो लोग किडनी या कैंसर की इम्यूनो सप्रेसेंट ड्रग्स ले रहे हैं, उनके लिए भी मेरी सलाह होगी कि डॉक्टर से जरूर इसके बारे में पूछ लें।”

निष्कर्ष

डॉ. श्रेय जोर देते हुए कहते हैं कि दूध के अलावा, अश्वगंधा और शिलाजीत ही ऐसे आयुर्वेदिक हर्ब है, जो सात्विकता को बढ़ाते हैं। बस लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि आमतौर पर शिलाजीत को सुबह लेने की सलाह दी जाती है, तो अश्वगंधा को शाम को भी लिया जा सकता है, लेकिन इस्तेमाल से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

FAQ

  • शिलाजीत खाने से कितने दिन में असर दिखाता है?

    शिलाजीत खाने के बाद इसका असर कुछ हफ्तों से लेकर महीनों के बाद दिख सकता है। इसके साथ लोगों को अपने लाइफस्टाइल और खानपान पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
  • शिलाजीत लेते समय किन बातों से बचना चाहिए?

    शिलाजीत खाते समय शराब और कैफीन के इस्तेमाल से बचना चाहिए। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड, चीनी और तली-भुनी चीजें खाने से बचना चाहिए।
  • अश्वगंधा कौन-कौन सी बीमारी ठीक करता है?

    आयुर्वेद में अश्वगंधा बहुत ही पॉपलुर जड़ी-बूटी माना जाता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर स्ट्रेस, थकान और टेंशन कम करने के लिए किया जाता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Aneesh Rawat
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