मर्दाना ताकत पाने के लिए कई पुरुष शिलाजीत लेने लगते हैं। आमतौर पर शिलाजीत को पुरुषों के लिए एनर्जी, ताकत और सेक्शुअल हेल्थ से जोड़कर देखा जाता है। आयुर्वेद में शिलाजीत को लंबे समय से रसायन द्रव्य के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यही वजह है कि आज भी बाजार में शिलाजीत को पुरुषों की ताकत और स्टैमिना बढ़ाने वाले प्रोडक्ट के तौर पर खूब प्रचारित किया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शिलाजीत सच में पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ा सकता है? क्या इससे स्पर्म की गुणवत्ता बेहतर होती है? और क्या इसे हर पुरुष बिना किसी चिंता के ले सकता है? इन सवालों को जानने के लिए हमने Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।
शिलाजीत क्या है?
Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “शिलाजीत पहाड़ी चट्टानों से मिलने वाला एक गाढ़ा, चिपचिपा पदार्थ है, जिसमें कई खनिज पाए जाते हैं। आयुर्वेद में इसे शरीर की ताकत और ऊर्जा को सपोर्ट करने वाले रसायन के रूप में देखा गया है, लेकिन इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि शिलाजीत हर पुरुष पर एक जैसा काम नहीं करता। इसलिए शिलाजीत को लेने से पहले आयुर्वेदाचार्य से सलाह लेनी चाहिए।”
पुरुषों के लिए शिलाजीत के फायदे
Dr. Chetan Sharma ने बताया कि शिलाजीत को आधुनिक विज्ञान ने भी टेस्टोस्टेरोन, पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य और स्पर्म की गुणवत्ता जैसे पहलुओं पर टेस्ट किया है। हालांकि, इसे किसी तुरंत असर करने वाली मर्दाना ताकत की दवा के रूप में देखना सही नहीं है। शिलाजीत का प्रभाव व्यक्ति की प्रकृति, स्वास्थ्य स्थिति, उम्र, आहार और जीवनशैली जैसे कई कारकों पर निर्भर कर सकता है।
टेस्टोस्टेरोन बढ़ना
First International Journal of Andrology में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, 45 से 55 साल के स्वस्थ पुरुषों को रोजाना दिन में दो बार 250mg शिलाजीत दी गई। 90 दिनों तक लगातार शिलाजीत देने के बाद उनके टोटल टेस्टोस्टेरोन, फ्री टेस्टोस्टेरोन और DHEAS के स्तर में बढ़ोतरी देखी गई।
Dr. Chetan कहते हैं कि शिलाजीत से पुरुषों के टेस्टोस्टेरोन में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसे इलाज के तौर पर नहीं देखना चाहिए। टेस्टोस्टेरोन कम होने के पीछे मोटापा, नींद की कमी, तनाव, डायबिटीज, कुछ दवाएं और अन्य हार्मोनल समस्याएं भी हो सकती हैं। किसी को भी शिलाजीत लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।
पुरुषों के स्पर्म काउंट में सुधार
First International Journal of Andrology में प्रकाशित अध्ययन में 60 ऐसे पुरुषों को लिया गया है, जिनमें 35 मरीजों के 20 मिलियन/मि.ली. से कम शुक्राणु थे। उन मरीजों को 90 दिनों तक 100 mg शिलाजीत कैप्सूल खाने खाने के बाद दिन में दो बार दिया गया। 90 दिन बाद उन मरीजों के स्पर्म की जांच हुई, तो पाया गया कि उनके टोटल स्पर्म काउंट में 61.4% बढ़ोतरी हुई थी और सीमन में भी वृद्धि हुई थी।
Dr. Chetan Sharma ने बताया कि शिलाजीत स्पर्म और टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन पुरुषों को इसे इनफर्टिलिटी का इलाज नहीं मानना चाहिए। शिलाजीत स्पर्म काउंट में मदद कर सकता है, लेकिन एक्सपर्ट की तय करते हैं कि शिलाजीत कितनी मात्रा में लेना चाहिए।
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सेक्शुअल पावर या कामेच्छा बढ़ना गार
Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “आमतौर पर शिलाजीत को लेकर सेक्शुअल पावर बढ़ाने का दावा किया जाता है। हालांकि, शिलाजीत से शरीर की एनर्जी, हार्मोन और सेहत बेहतर होती है, जिसका असर सेक्शुअल पावर भी पड़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शिलाजीत इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, शीघ्रपतन या कम कामेच्छा की पक्की दवा है। अगर किसी पुरुष को लगातार सेक्स ड्राइव कम होने, इरेक्शन में परेशानी या शीघ्रपतन की समस्या है, तो उसके पीछे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, तनाव, अवसाद, हार्मोनल गड़बड़ी या रक्त प्रवाह से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसलिए सिर्फ शिलाजीत पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है।”
थकान और कमजोरी कम करने में मददगार
Dr. Chetan Sharma ने बताया कि शिलाजीत का पारंपरिक इस्तेमाल शरीर की ऊर्जा और सहनशक्ति को सपोर्ट करने के लिए किया जाता रहा है। यही कारण है कि इसे आजकल स्टैमिना बढ़ाने वाले सप्लीमेंट के रूप में भी बेचा जाता है, लेकिन लगातार थकान को केवल कमजोरी मानकर शिलाजीत लेना ठीक नहीं है। एनीमिया, थायराइड की समस्या, डायबिटीज और नींद की कमी भी थकान का कारण बन सकती हैं। इसलिए थकान या कमजोरी में सिर्फ शिलाजीत लेना काफी नहीं है।
शिलाजीत किन लोगों को नहीं लेना चाहिए?
Dr. Chetan Sharma ने कुछ खास लोगों को शिलाजीत न लेने की सलाह दी है।
- किसी पुरानी बीमारी की दवा लेने वाले मरीजों को
- किडनी, लिवर या हार्मोन से जुड़ी समस्या से पीड़ित मरीजों को
- बच्चों को
- गर्भवती और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को
- फर्टिलिटी का इलाज कराने वाले परुषों को
शिलाजीत लेने से पहले सावधानियां
Dr. Chetan Sharma ने शिलाजीत लेने से पहले पुरुषों को सलाह दी है।
- सिर्फ विश्वसनीय और गुणवत्ता जांच वाले प्रोडक्ट ही लें।
- प्रोडक्ट की शुद्धता और लैब टेस्टिंग से जुड़ी जानकारी जरूर देखें।
- जरूरत से ज्यादा मात्रा न लें।
- किसी बीमारी की दवा की जगह शिलाजीत का इस्तेमाल न करें।
- लगातार कम कामेच्छा या इरेक्शन की समस्या हो तो डॉक्टर से जांच कराएं।
- पुरुष बांझपन की स्थिति में केवल सप्लीमेंट लेने के बजाय फर्टिलिटी जांच कराएं।
आयुर्वेदाचार्य की सलाह
Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “शिलाजीत को सीधे तौर पर मर्दाना ताकत की दवा कहना सही नहीं होगा। हालांकि, शिलाजीत लेने से टेस्टोस्टेरोन और स्पर्म में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इन परिणामों को सभी पुरुषों पर लागू नहीं किया जा सकता है। पुरुषों की यौन क्षमता सिर्फ एक सप्लीमेंट पर निर्भर नहीं करती। अच्छी नींद, रेगुलर एक्सरसाइज, बैलेंस्ड डाइट, सही वजन, स्ट्रेस पर कंट्रोल और डायबिटीज या हाई बीपी जैसी बीमारियों का इलाज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।”
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निष्कर्ष
पुरुषों के लिए शिलाजीत काफी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। शिलाजीत की गुणवत्ता काफी हद तक प्रोसेसिंग पर निर्भर करती है। इसलिए कच्चे या ठीक से शुद्ध न किए गए शिलाजीत में भारी धातु होने का रिस्क हो सकता है। इसलिए विश्वसनीय जगह से ही लें।
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FAQ
क्या शिलाजीत का सेवन सिर्फ सर्दियों में ही किया जाना चाहिए?
नहीं, यह एक भ्रम है। हालांकि इसकी तासीर गर्म होती है, लेकिन गर्मियों में बहुत कम मात्रा में ठंडे दूध, पानी या नारियल पानी के साथ इसका सेवन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है।क्या शिलाजीत का असर तुरंत दिखने लगता है?
नहीं, यह कोई केमिकल स्टेरॉयड या वियाग्रा जैसी दवा नहीं है। यह एक प्राकृतिक रसायन है, जिसका असर धीरे-धीरे नियमित सेवन करने के बाद नजर आता है।
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Aug 25, 2026 18:54 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma
