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अश्वगंधा की चाय पीने से मिलेंगे 4 जबरदस्त फायदे, जानें पीना का सही तरीका

Benefits Of Ashwagandha Tea: अश्वगंधा की चाय पीने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, जैसे नींद अच्छी आती है, इम्यूनिटी बूस्ट होती है और स्टेमिना भी बढ़ता है। जानें, इसका सेवन किस तरह करें।

Ashwagandha Tea Benefits In Winter: अश्वगंधा हमारी सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। विशेषकर, सदियों से हमारे यहां अश्वगंधा का सेवन पुरुष अपनी सामान्य समस्याओं के लिए करते आए हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की मानें, तो अश्वगंधा की तासीर गर्म होती है। यही कारण है कि गर्मियों में इसका सेवन कम किया जाता है। जबकि, सर्दियों में अश्वगंधा हमारे शरीर कारगर तरीके से काम करता है। कई लोग अश्वगंधा की चाय को अपनी रेगुलर लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाते हैं। इस लेख में सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानेंगे कि नियमित रूप से अश्वगंधा की चाय पीने से सेहत को किस तरह के लाभ मिलते हैं। जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें।

अश्वगंधा की चाय पीने के फायदे- Benefits Of Ashwagandha Tea In Winter In Hindi

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इम्यूनिटी बूस्ट होती है

सर्दियों में अश्वगंधा की चाय पीने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है। अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट्स और इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग तत्व होते हैं, जो बॉडी की नेचुरल स्ट्रेंथ को बढ़ाता है। इससे स्टेमिना बेहतर होती है और सर्दियों में वायरस तथा बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता में सुधार करता है। यही नहीं, फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान को कम करने में भी अश्वगंधा की चाय काफी कारगर तरीके से काम करती है।

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स्लीप क्वालिटी में सुधार

जो लोग नियमित रूप से रात को सोने से कुछ देर पहले अश्वगंधा की चाय पीते हैं, उनकी नींद की क्वालिटी में सुधार होता है। जी, हां! यह पूरी तरह सच है। एनसीबीआई की एक रिपोर्ट भी यह बताती है कि अश्वगंधा में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो स्लीप इंड्यूससिंग होते हैं। यह नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाता है और रात को गहरी नींद लेने में मदद करता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जो लोग इंसोम्निया के मरीज हैं, उन्हें सोने से पहले अश्वगंधा की चाय जरूर पीनी चाहिए।

तनाव के स्तर में कमी

सर्दियों के दिनों में लोगों के लिए फिजिकली एक्टिव रहना काफी मुश्किल हो जाता है। इसकी वजह से अक्सर व्यक्ति पूरा दिन डल महसूस करता है, मूड स्विंग होता है। ऐसे में तनाव का स्तर भी बढ़ जाता है। एंग्जाइट या स्ट्रेस को कम करने के लिए अश्वगंधा की चाय पी जा सकती है। असल में, अश्वगंधा की चाय पीने से कोर्टिसोल का स्तर कम होता है, जो शरीर को स्ट्रेस और एंग्जाइटी को मैनेज करने में मदद करता है।

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जोड़ों के दर्द से राहत

सर्दियों में जोड़ों और हड्डियों का दर्द बढ़ जाता है। खासकर, जो लोग अर्थराइटिस के मरीज हैं, उन्हें इस तरह की समस्या अधिक होती है। वहीं, अगर आप अश्वगंधा की चाय पीते हैं, तो इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व शरीर में आई सूजन को कम करते हैं। इससे जोड़ों के दर्द में कमी आती है। अश्वगंधा की चाय उन लोगों को जरूर पीनी चाहिए, जो अधिक उम्र के लोग हैं।

अश्वगंधा की चाय कैसे पिएं?- How To Consume Ashwagandha Tea

अश्वगंधा की चाय अलग-अलग तरीकों से बनती है, जैसे-

स्टेप 1ः एक कप गर्मागर्म पानी में अश्वगंधा का पाउडर मिक्स करें। करीब 3 से 5 मिनट तक इस पानी में उबाल आने दें। इसके बाद छान कर इस चाय का मजा लें।

स्टेप 2ः अश्वगंधा की सूखी जड़ को एक कप पानी में उबाल आने तक पकाएं। 3 से 5 मिनट पकाने के बाद अश्वगंधा की चाय को छलनी से छान लें और गर्मा गर्म चाय का मजा लें।

स्टेप 3ः आधा कप पानी और आधा कप दूध लें। इन्हें अच्छी तरह गर्म करें। उबाल आने पर इसमें अश्वगंधा का पाउडर मिक्स करें। फिर से 3-5 मिनट तक पकाएं। उबाल आने पर चाय का मजा लें।

निष्कर्ष

आयुर्वेद में अश्वगंधा का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। यह पुरुष और महिला दोनों के लिए लाभकारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसका सेवन भी अलग-अलग तरह से किया जा सकता है। विशेषकर, सर्दियों में इसको अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाना अच्छा होता है। हालांकि, अगर कोई बीमार है या कोई लाइफस्टाइल जनित बीमारी है, तो बेहतर है कि इसका सेवन करने से बचें। इसके अलावा, प्रेग्नेंट महिलाओं को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Dec 08, 2025 17:12 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Dec 08, 2025 17:12 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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