Sat Oct 10, 2026 | 02:02 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

सर्दियों के मौसम में तिल (Sesame Seeds) का उपयोग बढ़ जाता है, तिल के लड्डू, तिल गुड़ की चिक्की, तिल का हलवा और तिल का तेल,  लगभग हर घर में किसी न किसी रूप में तिल का उपयोग किया जाता है। यहां जानिए, क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है?
क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है? आयुर्वेदाचार्य से जानेंक्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

सर्दियां शुरू होते ही बाजार में तिल से बनी मिठाइयों की महक फैलने लगती है, तिल के लड्डू, तिल-पट्टी, तिल-गुड़ की चिक्की या फिर तिल का हलवा, मानो हर घर में तिल का मौसम लौट आता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर तिल को ही सर्दियों का सुपरफूड क्यों माना जाता है? जब तापमान गिरता है तो हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे होने लगते हैं और बार-बार सर्दी-जुकाम घेर लेता है। ऐसे समय में लोग कुछ ऐसा खाने की तलाश में रहते हैं, जो न सिर्फ शरीर को गर्म रखे बल्कि एनर्जी भी दे। दिलचस्प बात यह है कि हजारों साल पहले से आयुर्वेद में तिल को शीत ऋतु के लिए सबसे उपयोगी बताया गया है। इस लेख में सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानिए, क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है?

क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है? - Does sesame seeds increase body heat in winter

डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, तिल की तासीर स्वभाव से गर्म होती है, जो ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखने, त्वचा को पोषण देने और एनर्जी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। डॉक्टर श्रेय के अनुसार, तिल को आयुर्वेद में उष्णवीर्य यानी गर्म तासीर वाला माना गया है। इसका मतलब है कि इसका सेवन शरीर में गर्माहट पैदा करता है, ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव में मदद करता है। इसलिए यह ठंड के मौसम में खासतौर पर फायदेमंद सिद्ध होता है। सर्दी के मौसम में तिल के तेल से शरीर की मसाज करने से भी शरीर को गर्मी मिलती है और ड्राईनेस की समस्या भी कम होती है।

इसे भी पढ़ें: ठंड के मौसम में बॉडी मसाज के लिए कौन सा तेल बेहतर, तिल का या नारियल का? आयुर्वेदाचार्य से जानें

सर्दियों में तिल खाने के फायदे - What are the benefits of sesame seeds

1. शरीर को अंदर से गर्म रखे

सर्द हवा के कारण शरीर का तापमान गिर जाता है। ऐसे में तिल गर्माहट प्रदान करके हाथ-पैर ठंडे होने, कंपकंपी और कमजोरी जैसी समस्याओं को कम करता है।

2. इम्यूनिटी मजबूत करे

तिल में जिंक, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इंफेक्शन से बचाते हैं। सर्दियों में बार-बार होने वाले सर्दी-जुकाम से भी सुरक्षा मिलती है।

इसे भी पढ़ें: तिल खाने का सही तरीका क्या है? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें

Is sesame seeds heat the bodyIs sesame seeds heat the body

3. स्किन को पोषण मिले

ठंड में स्किन रूखी हो जाती है, तिल में मौजूद नेचुरल ऑयल त्वचा को भीतर से मॉइश्चर देता है और ड्राईनेस कम करता है। तिल का तेल मसाज में भी उपयोग होता है।

4. जोड़ों के दर्द में राहत

सर्दियों में जोड़ों में जकड़न और दर्द बढ़ जाता है। तिल का तेल वात को शांत करता है और गर्माहट देकर राहत देता है।

5. एनर्जी और स्टेमिना बढ़ाए

तिल को शक्ति-वर्धक माना गया है। इसे रोजाना थोड़ी मात्रा में खाने से कमजोरी दूर होती है और शरीर में फुर्ती आती है।

निष्कर्ष

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि तिल वास्तव में सर्दियों में शरीर की गर्मी बनाए रखने में मदद करते हैं। इनके उष्ण गुण, हेल्दी फैट्स और मिनरल्स शरीर को ठंड से बचाते हैं, इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और एनर्जी प्रदान करते हैं। अगर इसे सही मात्रा में और सही तरीके से डाइट में शामिल किया जाए, तो तिल सर्द मौसम में आपका सबसे भरोसेमंद साथी साबित हो सकता है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • तिल शरीर के लिए गर्म है या ठंडा?

    आयुर्वेद में तिल को उष्णवीर्य यानी गर्म तासीर वाला माना गया है। इसका सेवन सर्दियों में शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देता है और ठंड लगने की समस्या कम करता है।
  • क्या तिल रोज खा सकते हैं?

    सर्दियों में सीमित मात्रा में तिल रोज 1 से 2 चम्मच खाए जा सकते हैं लेकिन अत्यधिक सेवन से गर्मी बढ़ सकती है।
  • क्या गर्भावस्था में तिल खा सकते हैं?

    सामान्य मात्रा में तिल खाना सुरक्षित है, लेकिन नियमित या ज्यादा मात्रा में सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि तिल की तासीर गर्म होती है।

Read Next

→ क्या सर्दियों में मूंगफली का तेल शरीर पर लगा सकते हैं? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें सच्चाई

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 08, 2025 16:20 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Dec 08, 2025 16:20 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Dec 08, 2025 16:20 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma