वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच एक शिकायत काफी आम है कि चेहरा पतला हो गया, शरीर का वजन भी कम हो गया लेकिन पेट की चर्बी जस की तस बनी हुई है। मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि किसी व्यक्ति में चेहरे पर वजन घटने का असर पहले दिखाई दे सकता है, जबकि किसी दूसरे व्यक्ति में कमर या पेट पर बदलाव देर से नजर आ सकता है। पेट की चर्बी कम न होने के पीछे खानपान, रोजाना की एक्टिविटी, नींद, तनाव, उम्र और हार्मोनल बदलाव जैसे कई कारण हो सकते हैं।
चेहरा पतला होने के बाद भी पेट की चर्बी क्यों नहीं घटती?
डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि जब शरीर कैलोरी की कमी में होता है, तो वह स्टोर एनर्जी के सोर्स का इस्तेमाल करता है लेकिन शरीर यह तय नहीं करता कि फैट केवल पेट से कम होगा या केवल चेहरे से। फैट लॉस का पैटर्न व्यक्ति की आनुवंशिकता, उम्र, हार्मोन और शरीर में फैट के वितरण पर निर्भर करता है। चेहरे पर फैट कम होने से वजन घटने का असर जल्दी दिखाई दे सकता है। वहीं पेट के आस-पास जमा फैट कुछ लोगों में लंबे समय तक बना रह सकता है।
- पेट के आस-पास जमा फैट को कम करने के लिए पूरे शरीर का अतिरिक्त फैट कम करना जरूरी होता है।
- केवल पेट की कसरत करने से उसी हिस्से की चर्बी सीधे कम नहीं होती।
- इसे स्पॉट रिडक्शन कहा जाता है, लेकिन शरीर अपनी जरूरत और बायोलॉजिकल प्रोसेस के अनुसार अलग-अलग हिस्सों से फैट का इस्तेमाल करता है।
1. गलत तरीके से डाइटिंग
डॉ. अक्षय चुघ का कहना है कि बहुत कम खाना या लंबे समय तक कम कैलोरी लेना हमेशा बेहतर रिजल्ट नहीं देता। इससे वजन कम होने के साथ मसल्स का नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में शरीर का आकार बदल सकता है, लेकिन पेट का फैट अपेक्षाकृत ज्यादा नजर आ सकता है। वजन कम करने के दौरान पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और पोषक तत्वों को डाइट में शामिल करना जरूरी है।
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2. तनाव और नींद
लगातार तनाव और पर्याप्त नींद न लेना वेट मैनेजमेंट को मुश्किल बना सकता है। तनाव के दौरान शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो भूख, खाने की इच्छा और शरीर में फैट के वितरण को प्रभावित कर सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति नियमित एक्सरसाइज करने के बावजूद लगातार तनाव में रहता है या रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो उसके लिए पेट का एक्स्ट्रा फैट कम करना मुश्किल हो सकता है।

3. इंसुलिन रेजिस्टेंस
डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, कुछ लोगों में पेट के आस-पास ज्यादा फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसे मेटाबॉलिक बदलावों के साथ जुड़ी हो सकता है। इसमें शरीर की सेल्स इंसुलिन के प्रति कम सेंसिटिव हो जाती हैं, जिससे ब्लड में ग्लूकोज को कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, केवल पेट का फैट देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी व्यक्ति को इंसुलिन रेजिस्टेंस है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच और अन्य कारकों के आधार पर इसकी सलाह दे सकते हैं।
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साल 2012 में Current Opinion in Endocrinology, Diabetes & Obesity में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, विसरल फैट यानी पेट के अंगों के आस-पास के फैट और इंसुलिन रेजिस्टेंस का गहरा संबंध है।
- मुख्य रूप से यह फैट ऐसे हानिकारक रसायन (एडिपोकाइन्स और इंफ्लेमेटरी साइटोकाइन्स) छोड़ती है जो शरीर के अंगों जैसे लिवर और मांसपेशियों में इंसुलिन के असर को कमजोर करते हैं।
- इसके अलावा, जब यहां फैट बहुत ज्यादा जमा हो जाता है, तो यह अन्य अंगों में भी फैट और विषाक्तता (लिपोटॉक्सिसिटी) को बढ़ावा देता है।
- संक्षेप में, विसरल फैट से निकलने वाले सूजन बढ़ाने वाले तत्व और अंगों में जमा होने वाला अतिरिक्त फैट ये दोनों मिलकर शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस का मुख्य कारण बनते हैं।
पेट की चर्बी कम करने के लिए क्या करें?
पेट की चर्बी यानी फैट घटाने के लिए किसी एक एक्सरसाइज या फूड पर निर्भर रहने के बजाय पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। बैलेंस भोजन, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर, नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, चलना या अन्य फिजिकल एक्टिविटी और पर्याप्त नींद वेट मैनेजमेंट में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष
चेहरा पतला होने के बावजूद पेट का फैट बना रहना असामान्य नहीं है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों से फैट अलग गति से कम होता है और इसमें आनुवंशिकता, उम्र, खान-पान, एक्टिविटी, नींद और मेटाबॉलिक हेल्थ की भूमिका हो सकती है। इसलिए केवल चेहरे या वजन में बदलाव देखकर फैट लॉस का आकलन नहीं करना चाहिए। अगर पेट का फैट लगातार बढ़ रहा है या वजन और कमर के माप में लंबे समय तक कोई बदलाव नहीं हो रहा है, तो एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।
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FAQ
पेट का फैट कम होने में कितना समय लग सकता है?
इसका कोई निश्चित समय नहीं है, यह व्यक्ति के शुरुआती वजन, खानपान, एक्टिविटी, नींद और नियमितता जैसे कई कारकों पर निर्भर करते हैं।क्या बैठे रहने से पेट का फैट बढ़ता है?
लंबे समय तक बैठे रहना फिजिकल एक्टिविटी को कम कर सकता है, जिससे पेट का फैट बढ़ सकता है। नियमित रूप से उठना, चलना और एक्टिव रहना वेट मैनेजमेंट के लिए फायदेमंद होता है।
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Aug 20, 2026 15:09 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh