Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

सिस्टिक फाइब्रोसिस में क्या खाएं? डॉक्टर से जानें

कई लोगों को सिस्टिक फाइब्रोसिस की समस्या होती है, जो एक गंभीर समस्या है। इस स्थिति में लोगों को खानपान का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन इस समस्या में क्या खाना चाहिए? आइए लेख में जानें।

कई लोगों को सिस्टिक फाइब्रोसिस की बीमारी होती है, जो एक जेनेटिक बीमारी है। इसके कारण व्यक्ति को लंग्स और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में बीमारी व्यक्ति को पोषक तत्वों के अवशोषण में परेशानी और शरीर में एनर्जी की कमी होती है। ऐसे में इस समस्या में शरीर में एनर्जी बनाए रखने के लिए सही पोषण को बनाए रखना इलाज का एक अहम हिस्सा है। ऐसे में आइए Dr. Koushik N, Consultant - Pulmonologist & Sleep Medicine Specialist, Aster RV Hospital और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें सिस्टिक फाइब्रोसिस में क्या खाना चाहिए?

सिस्टिक फाइब्रोसिस में क्या खाएं?

Dr. Koushik N के अनुसार, सिस्टिक फाइब्रोसिस की समस्या में व्यक्ति के शरीर को सांस लेने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, खासकर तब जब लंग्स की बीमीरी बढ़ जाती है। इस स्थिति में खानपान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।

Dr. Koushik N के अनुसार, "इन परेशानियों से निपटने के लिए सिस्टिक फाइब्रोसिस वाले लोगों को अक्सर कैलोरी से भरपूर और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेने की सलाह दी जाती है। इसके लिए प्रोटीन, फैट्स, साबुत अनाज, फल और सब्जियों के हेल्दी सोर्स जरूरी हैं। कई मरीज पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद के लिए पैंक्रियाटिक एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी (pancreatic enzyme replacement therapy) भी लेते हैं। फैट में घुलनशील विटामिन जैसे विटामिन A, D, E और K के सप्लीमेंट की भी जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि इनकी कमी आम है।"

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, सिस्टिक फाइब्रोसिस की समस्या से पीड़ित लोगों को डाइट में हेल्दी फैट्स, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शिम, विटामिन ए, ई, डी और के जैसे पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट्स के गुणों से युक्त डाइट लें। इसके अलावा, डाइट में कैलोरीज को शामिल करना फायदेमंद होता है। ऐसा करने से शरीर में एनर्जी बनाए रखने में मदद मिलती है।

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डेयरी प्रोडक्ट्स लें

इस स्थिति में डाइट में डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। विटामिन डी के साथ इनको लेने से शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर करने, मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती देने में मदद मिलती है।

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सब्जियां खाएं

आयरन, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से युक्त सब्जियों को डाइट में शामिल करें। इससे शरीर को एनर्जी देने और शरीर के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।

फल खाएं

इस स्थिति में विटामिन और मिनरल्स से भरपूर ताजा फलों को डाइट में शामिल करें। ऐसा करने से शरीर को एनर्जी देने में मदद मिलती है।

साबुत अनाज खाएं

सिस्टिक फाइब्रोसिस की स्थिति में साबुत अनाज को डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है। इनमें अच्छी मात्रा में मिनरल्स, विटामिन्स और हेल्दी फैट्स से युक्त फूड्स खाएं।

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नट्स खाएं

सिस्टिक फाइब्रोसिस की स्थिति में शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए काजू, बादाम और अखरोट जैसे हेल्दी फैट्स और अन्य पोषक तत्वों से युक्त नट्स को खाएं।

कैलोरीज लें

सिस्टिक फाइब्रोसिस की समस्या से पीड़ित व्यक्ति के शरीर को नॉर्मल लोगों से ज्यादा कैलोरीज की जरूरत होती है, क्योंकि इस समस्या में व्यक्ति के शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में कैलोरीज का सेवन करने से शरीर को एनर्जी देने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

सिस्टिक फाइब्रोसिस की बीमारी में व्यक्ति को डेयरी प्रोडक्ट्स, फल, सब्जियां, नट्स, साबुत अनाज और कैलोरीज को डाइट में शामिल करना फायदमंद हो सकता है। इसके लिए प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स के साथ-साथ डॉक्टर की सलाह के साथ विटामिन ए, डी, ई और के सप्लीमेंट्स को डाइट में शामिल करें। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और डॉक्टर की सलाह के साथ ही फूड्स को डाइट में शामिल करें।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 30, 2026 12:26 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Jun 30, 2026 12:26 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Archana Jain

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