किसी भी व्यक्ति को हेल्दी रहने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। कम मात्रा में पानी पीना हमारी सेहत के लिए हानिकारक होता है, लेकिन क्या आपको पता है कि ज्यादा मात्रा में पानी पीने से भी शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। खासकर, हार्ट हेल्थ के लिए ज्यादा मात्रा में पानी पीना हानिकारक माना जाता है। Dr Vinay Kumar Bahl, Head of Cardiovascular Sciences & Research, Metro Heart Institute, Noida के अनुसार, दिल की कमजोरी या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है और वे ज्यादा पानी पी रहे होते हैं तो यह उनके दिल के लिए खतरा बन सकता है।
ज्यादा पानी पीने का दिल पर असर
Dr Vinay Kumar Bahl बताते हैं कि हमारा शरीर 60% से ज्यादा पानी से बना है और सही हाइड्रेशन हमारे मेटाबॉलिज्म के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन जब आप अपनी शारीरिक जरूरत से बहुत ज्यादा पानी पीने लगते हैं तो इससे शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जैसे-
- रक्त की मात्रा बढ़ना- ज्यादा पानी पीने से वह हमारे ब्लड में मिल जाता है, जिससे शरीर में फ्लूइड वॉल्यूम अचानक बढ़ जाता है।
- हार्ट पर ज्यादा भार- शरीर में जब खून की मात्रा बढ़ती है, तो हमारे दिल को उस बढ़े हुए तरल को पंप करने के लिए नॉर्मल से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। बार-बार और लंबे समय तक ऐसा होने से दिल की मांसपेशियां थकने लगती हैं, जिससे कार्डियक वर्कलोड बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
Cleveland Clinic के अनुसार, "अगर आपको कुछ ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिनकी वजह से आपकी किडनी के लिए अतिरिक्त पानी को पेशाब के जरिए बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है, तो आपको 'वॉटर इंटॉक्सिकेशन' हो सकता है। इन समस्याओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर भी शामिल है।"
इसे भी पढ़ें: क्या कम पानी पीने से बिगड़ सकती है हार्ट की सेहत? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें
ज्यादा पानी पीने का किसे सबसे ज्यादा खतरा है?
Dr Vinay Kumar Bahl के अनुसार, हेल्दी किडनी और हेल्दी हार्ट वाले लोग अगर थोड़ा ज्यादा पानी पी लें तो किडनी उसे यूरिन के जरिए बाहर निकाल देती है और दिल संभाल लेता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होता है। हार्ट फेलियर के मरीज- जिन लोगों का दिल पहले से कमजोर है और ठीक से पंप नहीं कर पाता है, उनके लिए ज्यादा पानी जहर की तरह हो सकता है। कमजोर दिल बढ़े हुए फ्लूइड वॉल्यूम को संभाल नहीं पाता है।
पानी फेफड़ों में जमा होने लगता है, जिससे मरीज को अचानक सांस लेने में समस्या होने लगती है, पैरों और टखनों में सूजन आ जाती है और कई बार इमरजेंसी में अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। इसी कारण डॉक्टर हार्ट फेलियर के मरीजों को फ्लूइड रिस्ट्रिक्शन यानी एक तय मात्रा में ही पानी पीने की सलाह देते हैं।
how-too-much-water-affect-heart
वाटर इंटॉक्सिकेशन की समस्या
Dr Vinay Kumar Bahl के अनुसार, बहुत कम समय में ज्यादा मात्रा में पानी पी लेने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और एक खतरनाक मेडिकल स्थिति पैदा होती है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया या वाटर इंटॉक्सिकेशन कहते हैं। ज्यादा पानी पीने से ब्लड में मौजूद सोडियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स ज्यादा पतले हो जाते हैं। शरीर में सोडियम की कमी होने से सेल्स में सूजन आने लगती है। इसका सबसे बुरा असर दिमाग और दिल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर पड़ता है। इससे व्यक्ति को बहुत ज्यादा कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना और गंभीर मामलों में दिल की धड़कनें अनियमित होने की समस्याएं हो सकती हैं।
इसे भी पढ़ें: सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने के 5 फायदे, एक्सपर्ट से जानें
एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
Dr Vinay Kumar Bahl बताते हैं कि पानी पीने का कोई एक तय नियम नहीं है। हर व्यक्ति के पानी पीने की मात्रा उसकी स्थिति और कुछ बातों पर निर्भर करती है, जैसे-
- अगर आपको किडनी या हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी है तो डॉक्टर द्वारा बताई गई फ्लूइड लिमिट को फॉलो करना बहुत जरूरी है।
- गर्मियों में या हेवी वर्कआउट के दौरान पसीना बहुत ज्यादा निकलता है, इसलिए, पानी की जरूरत बढ़ जाती है। सर्दियों में या एसी में रहने पर प्यास कम लगती है और पसीना भी कम या न के बराबर निकलता है।
- नेचर ने हमारे शरीर में एक सेंसर दिया है, प्यास को समझने का। जब आपके शरीर को पानी की जरूरत होती है तो गला सूखने लगता है। आपको जबरदस्ती घड़ी देखकर पानी पीने की जरूरत नहीं है, बल्कि प्यास लगने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
निष्कर्ष
Dr Vinay Kumar Bahl का कहना है कि पानी हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को बहुत ज्यादा मात्रा में पानी नहीं पीना चाहिए। बहुत ज्यादा पानी पीने से दिल और किडनी पर भारी पड़ सकता है। अगर आपको जरा भी चलने पर सांस फूलती है, पैरों में सूजन रहती है या आप हार्ट के मरीज हैं तो अपने रोजाना के वॉटर इनटेक और तरल पदार्थों की मात्रा को लेकर डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik
FAQ
एक स्वस्थ मनुष्य को 24 घंटे में कितना पानी पीना चाहिए?
एक हेल्दी व्यक्ति को 24 घंटे में सामान्य रूप से 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। अगर आप अपने वजन के अनुसार पानी पीना चाहते हैं तो शरीर के प्रत्येक 1 किलोग्राम वजन के लिए 30 से 35 मिलीलीटर पानी पीना चाहिए।ज्यादा पानी पीने से शरीर का कौन सा अंग खराब हो जाता है?
ज्यादा मात्रा में पानी पीने से किडनी पर बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है, जिससे उसका काम प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, खून में सोडियम का लेवल ज्यादा गिरने के कारण दिमाग पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 17, 2026 16:29 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Vinay Kumar Bahl
