Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

ज्यादा पानी पीने की आदत दे सकती है ये 5 परेशानियां, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें एक दिन में कितना पानी है सही

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह हर एक्सपर्ट देते हैं, लेकिन कई लोग रोजाना जरूरत से ज्यादा ही पानी पीने लगते हैं। जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यह जानने के लिए इस लेख को पढ़ें। 

पानी पीना सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है, लेकिन क्या जरूरत से ज्यादा पानी पीना हमेशा सबसे ज्यादा फायदेमंद है? अगर रोजाना जरूरत से ज्यादा पानी पिया जाए, तो यह शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। खासतौर पर जब कोई व्यक्ति बिना प्यास लगे, बार-बार पानी पीता रहे, तो उसके शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी चला जाता है। इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानने के लिए हमने Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।

उन्होंने बताया कि बहुत ज्यादा पानी शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बिगाड़ सकता है और खून में सोडियम का स्तर जरूरत से कम हो सकता है। इस कंडीशन को हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) कहते हैं। गंभीर मामलों में तो इसका असर दिमाग पर भी पड़ सकता है। इसलिए बिना जरूरत बहुत ज्यादा पानी पीना भी सही नहीं है।

जरूरत से ज्यादा पानी पीने से होने वाली 5 बीमारियां

Senior Dietitian Rhitika Sharma कहती हैं, “किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब शरीर में पानी ज्यादा हो जाता है, तो किडनी अतिरिक्त पानी को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इससे शरीर के कई इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर से बाहर निनकल जाते हैं और साथ ही किडनी को भी बहुत तेजी से काम करना पड़ सकता है। इससे शरीर को नुकसान हो सकता है।”

1. शरीर में सोडियम की कमी

Senior Dietitian Rhitika Sharma ने कहा, “जरूरत से ज्यादा पानी पीने से सबसे ज्यादा रिस्क खून में सोडियम का स्तर कम होने का रहता है। जो लोग रोजाना जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं, उन्हें शुरुआत में सिरदर्द, मतली, उल्टी, कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर स्थिति गंभीर हो जाए, तो व्यक्ति को भ्रम, व्यवहार में बदलाव, दौरे या बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है। दरअसल सोडियम कम होने पर शरीर की कोशिकाओं में पानी का बैलेंस बिगड़ सकता है और गंभीर कंडीशन में इसका असर दिमाग पर पड़ सकता है।”

2. बार-बार पेशाब आना

Rhitika Sharma का कहना है, “जो लोग जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं, उन्हें स्वाभाविक रूप से बार-बार पेशाब आ सकता है। इससे दिनभर असुविधा तो होती ही है, रात में बार-बार उठने से नींद भी प्रभावित हो सकती है। नींद पूरी न होने के कारण मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं जैसे स्ट्रेस या टेंशन हो सकती हैं। हालांकि, इस बात का जरूर ध्यान रखें कि सिर्फ बार-बार पेशाब आने का कारण ज्यादा पानी पीना हो सकता है। कई बार इससे जुड़ी कुछ और बीमारियां भी हो सकती है।”

3. इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ना

Rhitika Sharma ने बताया कि शरीर में सिर्फ पानी होना ही काफी नहीं होता। इसके साथ सोडियम, पोटैशियम और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स भी सही मात्रा में होना जरूरी है। जो लोग बहुत ज्यादा सादा पानी पीने लगते हैं, तो कुछ कंडीशन में शरीर के तरल पदार्थ बहुत ज्यादा डिल्यूट हो सकते हैं और शरीर में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ सकता है। इसका असर मांसपेशियों, नसों और दिमाग के फंक्शन पर पड़ सकता है।

excessive water cause problems

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4. गंभीर स्थिति में दिमाग पर असर

Mayo Clinic के अनुसार, ज्यादा पानी पीने से खून में सोडियम की कमी तेजी से होती है और लोगों को सिरदर्द, भ्रम की स्थिति, बेचैनी और चिड़चिड़ापन हो सकता है। अगर स्थिति गंभीर हो जाए, तो व्यक्ति को दौरे पड़ना या कोमा में भी जा सकता है।

Rhitika Sharma कहती हैं, “मैं लोगों को सलाह देती हूं कि किसी भी चीज को कम या ज्यादा लेना दोनों ही नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए रोजाना प्रचुर मात्रा में ही पानी पीना चाहिए।”

5. एंटीड्यूरेटिक हॉर्मोन का बढ़ना

Journal of Endocrinological Investigation के अनुसार, जो लोग बहुत ज्यादा कसरत करते हैं, वे लोग जरूरत से ज्यादा पानी या स्पोर्ट्स ड्रिंक्स पीते हैं। इससे एंटीड्यूरेटिक हॉर्मोन का रिसाव हो सकता है, जो शरीर में पानी को रोकने में मदद करता है। अगर बहुत ज्यादा कसरत करने वाले लोगों का जी मिचलाने, उल्टी होने या सिरदर्द की शिकायत हो, तो पानी की मात्रा चेक करनी चाहिए।

दिन में कितना पानी पीना चाहिए?

Rhitika Sharma मानती हैं कि हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। इसमें मौसम, फिजिकल एक्टिविटीज, डाइट, उम्र, प्रेग्नेंसी और मेडिकल कंडीशन शामिल हो सकती है। अगर पेशाब का रंग हल्का पीला है, तो सामान्य हाइड्रेशन है, लेकिन गहरा पीला रंग होना डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। आमतौर पर सामान्य स्वस्थ व्यक्ति को करीब दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी की जरूरत होती है।

Mayo Clinic के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क को रोजाना 2.7 लीटर से 3.7 लीटर तरल पदार्थ की जरूरत होती है। इसमें सादा पानी, नारियल पानी और जूस सभी शामिल है।

ज्यादा पानी पीने से किन लोगों को बचना चाहिए?

Rhitika Sharma ने बताया कि कुछ लोगों को ज्यादा पानी पीने से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर तय मात्रा में पानी पीना चाहिए।

  • किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीज
  • हार्ट की बीमारियों से जूझ रहे मरीज
  • लिवर की बीमारी वाले मरीज
  • लंबे समय तक कसरत करने वाले खिलाड़ी
  • दवाएं जो लंबे समय तक शरीर में सोडियम के संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।

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निष्कर्ष
हाइड्रेशन बहुत जरूरी है, लेकिन पानी की सही मात्रा लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अगर कोई जरूरत से ज्यादा पानी पीता है, तो उसके शरीर से सोडियम की मात्रा कम हो सकती है। इसके अलावा, ज्यादा कसरत करने वाले लोगों को भी पानी की मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत होती है। प्यास, पेशाब के रंग, मौसम और अपनी शारीरिक गतिविधियों के अनुसार ही पानी पीना चाहिए। जिन लोगों को किडनी, हार्ट या लिवर की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही तय पानी की मात्रा पीनी चाहिए।

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FAQ

  • कैसे पहचानें कि आपके शरीर को और पानी की जरूरत है या नहीं?

    पेशाब का रंग सबसे सटीक पैमाना है। यदि पेशाब का रंग हल्का पीला है तो हाइड्रेशन सही है। अगर यह एकदम पारदर्शी है, तो आप ज्यादा पानी पी रहे हैं।
  •  ज्यादा पानी पीने से शरीर में कौन-कौन से लक्षण दिखने लगते हैं?

    लगातार सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना, मांसपेशियों में ऐंठन, बार-बार पारदर्शी पेशाब आना और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना ओवरहाइड्रेशन के मुख्य लक्षण हैं।
  • चाय, कॉफी, सूप और फल भी रोजाना के पानी के कोटे में गिने जाते हैं?

    हां, आपकी रोजाना की कुल तरल आवश्यकता का लगभग 20% हिस्सा खाए जाने वाले फलों जैसे तरबूज, खीरा, सब्जियों, सूप, दूध और अन्य पेय पदार्थों से पूरा होता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 12, 2026 19:13 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Aug 12, 2026 19:13 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Rhitika Sharma

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