Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

क्या सुबह उठते ही पानी पीना जरूरी है? डॉक्टर से जानें कितना और क्यों पिएं पानी?

सुबह उठकर पानी पीना शरीर के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इसकी मात्रा व्यक्ति की जरूरत के अनुसार बदलती रहती है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन में सुधार करने में मदद करता है, पर कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में सावधानी बरतनी जरूरी है।

पानी हमारे शरीर के बेहतर तरीके से काम करने के लिए बहुत जरूरी होता है। खासकर, सुबह उठते ही पानी पीने की सलाह अक्सर हमारे बड़े-बुजुर्ग देते हैं। कुछ लोग इसे शरीर को साफ करने के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि कुछ लोग बिना सोचे-समझे उठते ही दो-तीन गिलास पानी पी लेते हैं। हालांकि, लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या सच में हर व्यक्ति के लिए सुबह उठते ही पानी पीना जरूरी है? Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है "पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन इसके लिए एक नियम हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता है। शरीर की पानी की जरूरत उम्र, वजन, मौसम, शारीरिक गतिविधि, खान-पान और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार बदलती रहती है।"

सुबह पानी पीने से शरीर को क्या फायदा होता है?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, रात में सोते समय सांस लेने, पसीना बहने और पेशाब के जरिए शरीर से पानी बाहर निकलता है, जिससे बॉडी डिहाइड्रेट होती है। ऐसे में सुबह उठने के बाद पानी पीना इस कमी को पूरा करने का एक अहम जरिया हो सकता है। शरीर के लगभग सभी सेल्स और बॉडी के बेहतर तरीके से काम करने में पानी एक अहम भूमिका निभाता है। इसलिए, सुबह उठकर पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने का एक बेहतरीन तरीका हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भूल जाते हैं।

सुबह पानी पीने के प्रभावों पर साल 2023 में प्रकाशित एक स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस स्टडी के अनुसार, रात में नींद के बाद सुबह उठकर पानी पीने से शरीर की पानी की जरूरत पूरी होती है और रोजमर्रा की सेहत में सुधार होता है। भारत, जापान और चीन जैसी जगहों पर सुबह खाली पेट गर्म या गुनगुना पानी पीना पाचन, स्किन और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: क्या पानी पीने से ब्लड शुगर लेवल घटता है? डॉक्‍टर से जानें

सुबह कितना पानी पीना चाहिए?

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि सिर्फ किसी सोशल मीडिया पर पोस्ट या घरेलू नुस्खे के आधार पर सुबह पानी पीने की मात्रा तय करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर आपको प्यास लग रही है तो सुबह उठने के बाद एक गिलास पानी धीरे-धीरे पीना काफी हो सकता है। कुछ लोगों को ज्यादा पानी की जरूरत हो सकती है, जबकि कुछ लोगों को कम। पूरे दिन की हाइड्रेशन की जरूरत को ध्यान में रखना ज्यादा जरूरी होता है।
साल 2023 में प्रकाशित इस स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस स्टडी के मुताबिक, सुबह के समय कमरे के तापमान का या हल्का गुनगुना पानी 250 से 350 मिलीलीटर घूंट-घूंट करके पीना सबसे अच्छा माना जाता है।

क्या सुबह पानी पीने से कब्ज में मदद मिल सकती है?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेटेड रहने से बाउल मूवमेंट को सपोर्ट मिलता है। अगर कोई व्यक्ति दिनभर बहुत कम मात्रा में पानी पीता है तो उसकी पाचन क्रिया बेहतर नहीं हो सकती है। साल 2022 में Asian Journal of Medicine and Health में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से पेट अच्छी तरह साफ होता है और मल त्याग में लगने वाला समय कम होता है। वहीं, कम मात्रा में पानी पीने के कारण समय के साथ कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।

हालांकि, अगर कब्ज लंबे समय से बना हुआ है, बार-बार होती है या उसके साथ पेट में तेज दर्द, खून आना या बिना कारण वजन कम होने जैसे लक्षण नजर आएं तो सिर्फ सुबह पानी पीने पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इस स्थिति में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।

Drink-Water-After-Waking-Up-inside

क्या गुनगुना पानी ज्यादा फायदेमंद है?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि बहुत से लोग मानते हैं कि सुबह गर्म और गुनगुना पानी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबॉलिज्म तेजी से बढ़ता है। हालांकि, पानी का काम शरीर को हाइड्रेट करना है। इसलिए, अगर आपको गुनगुना पानी पीना सही लगता है तो आप इसे पी सकते हैं, लेकिन अगर गुनगुना पानी पीना नापसंद है तो आप कमरे के तापमान का पानी भी पी सकते हैं।

किन लोगों को पानी की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है?

Dr. Akshay Chugh के मुताबिक, कुछ मेडिकल कंडीशन में ज्यादा पानी पीना सही नहीं होता है। हार्ट फेलियर, कुछ किडनी डिजीज या ऐसी स्थितियां, जिनमें डॉक्टर ने ज्यादा पानी पीने से बचने की सलाह दी हो, उन्हें पानी की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। इसी तरह कम समय में बहुत ज्यादा पानी पीना भी सही नहीं होता है। जरूरत से ज्यादा पानी शरीर में सोडियम के लेवल को बहुत कम कर सकता है और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

इसे भी पढ़ें: क्या भरपूर पानी पीने के बाद भी आपका शरीर डिहाइड्रेट रह सकता है? जानें ऐसा क्यों और कब होता है?

कैसे पता चलेगा कि शरीर को पर्याप्त पानी मिल रहा है?

Dr. Akshay Chugh ने बताया कि प्यास, पेशाब की मात्रा और यूरिन का रंग हाइड्रेशन का अंदाजा लगाने में मदद कर सकते हैं। बहुत गहरे रंग का यूरिन, कम पेशाब आना, मुंह का सूखना या ज्यादा प्यास लगना, डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, यूरिन का रंग कई अन्य कारणों से भी बदल सकता है, इसलिए इसे सिर्फ डिहाइड्रेशन का संकेत नहीं मानना चाहिए।

निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि सुबह उठकर पानी पीने को एक सामान्य स्वास्थ्य आदत की तरह अपनाना चाहिए। हालांकि, एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय पूरे दिन नियमित रूप से पानी पीना जरूरी है। सुबह एक गिलास पानी से दिन की शुरुआत करें और सारा दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। ध्यान रखें, हाइड्रेशन का मतलब यह नहीं है कि आप बहुत सारा पानी पिएं, बल्कि पूरे दिन शरीर की जरूरत के अनुसार पानी पीना जरूरी है। अगर आपको किडनी, दिल या कोई अन्य क्रोनिक कंडीशन है तो पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह पर ही तय करनी चाहिए।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • 1 दिन में नॉर्मल कितना पानी पीना चाहिए?

    एक हेल्दी व्यक्ति को आमतौर पर रोजाना लगभग 2 से 3 लीटर या शरीर के वजन के अनुसार प्रति किलोग्राम 30 से 35 मिलीलीटर पानी पीना चाहिए।
  • पानी पीने का सही तरीका क्या है?

    पानी पीने का सही तरीका यह है कि इसे हमेशा बैठकर, घूंट-घूंट करके और प्यास लगने पर ही पीना चाहिए। पानी का तापमान बहुत ठंडा या बर्फ वाला नहीं होना चाहिए। हमेशा सादा, मटके का या गुनगुना पानी पीना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।

Read Next

फल खाते समय कभी न करें ये 7 गलतियां, सेहत को हो सकता है भारी नुकसान

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 29, 2026 12:34 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Aug 29, 2026 12:34 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content