अगर आप कम पानी पीते हैं, तो यह शरीर के बाकि अंगों के साथ-साथ हार्ट के लिए एक बड़ा रिस्क है। पानी की कमी से हार्ट रेट बढ़ जाता है जिससे अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmia) और हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति भी आ सकती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो ब्लड की मात्रा भी कम हो जाती है। इस वजह से हार्ट पर लोड बढ़ जाता है और हार्ट को अधिक स्पीड से काम करना पड़ता है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, ब्लड गाढ़ा हो जाता है और ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है। ब्लड क्लॉट बनने से ब्लड फ्लो कम हो जाता है और हार्ट अटैक आ सकता है। जब शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होता है यानी शरीर में सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम की कमी होती है, तो इससे हार्ट की स्पीड बढ़ सकती है और इस दौरान कार्डियक अरेस्ट की संभावना बढ़ सकती है। आइए जानते हैं शरीर में पानी की कमी से कैसे बचें ताकि हार्ट और अन्य अंगों को डिहाइड्रेशन से नुकसान न हो। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. V Rajasekhar, Cardiologist At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।
शरीर में पानी की कमी से हार्ट को क्या नुकसान होता है?
| डिहाइड्रेशन से होने वाली हार्ट की समस्याएं | कारण |
| कार्डियक अरेस्ट | इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन |
| हार्ट अटैक | ब्लड क्लॉट बनना |
| अनियमित दिल की धड़कन | हार्ट रेट बढ़ना |
शरीर में पानी की कमी हार्ट के लिए नुकसानदायक है। American Heart Association के मुताबिक, पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे हार्ट को पूरे शरीर के लिए ब्लड पंप करने में आसानी होती है। यह मांसपेशियों को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। जब शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा होती है, तो हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। वहीं दूसरा पक्ष देखें, तो जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और अनियमित दिल की धड़कन जैसी समस्याएं हो सकती है।
Mayo Clinic के मुताबिक, शरीर में ब्लड प्रेशर को मेंटेन करने के लिए ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं और पूरे शरीर में ब्लड फ्लो को बनाए रखने के लिए हार्ट तेजी से धड़कने लगता है, यानी डिहाइड्रेशन से दबाव बढ़ सकता है।
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शरीर में पानी की कमी कब होती है?
- जब हम कम पानी पीते हैं।
- जब बहुत गर्मी होती है, तो भी शरीर से ज्यादा पानी निकल सकता है।
- डायरिया में हो सकता है।
- उल्टी में भी हो सकता है।
- डाययुरेटिक (मूत्रवर्धक) दवाएं लेने के कारण भी शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
- ज्यादा पसीना निकलने से भी डिहाइड्रेशन हो सकता है।
किन लोगों को डिहाइड्रेशन से हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा होता है?
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- जिन बुजुर्गों की उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है उनमें पानी की कमी से हार्ट डिजीज होने का खतरा अधिक होता है क्योंकि इस उम्र में थ्रस्ट सेंसेशन कम हो जाती है और किडनी फंक्शन भी कमजोर हो जाता है जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।
- ऐसे लोग जो किसी स्पोर्ट्स में शामिल हैं, वे अधिक गर्मी में खेलने या ज्यादा पसीना निकलने के कारण अक्सर डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं और हार्ट डिजीज का खतरा हो सकता है।
- ऐसे वर्कर्स जो धूप में काम करते हैं उनमें भी डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है।
- जिन लोगों को डायबिटीज, किडनी की बीमारी या हाई बीपी की समस्या हो, उनमें भी डिहाइड्रेशन और हार्ट रिस्क का खतरा ज्यादा हो सकता है।
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शरीर में पानी की कमी के लक्षण क्या हैं?
- मुंह सूख जाना।
- ड्राई स्किन।
- चक्कर और कमजोरी।
- यूरिन का रंग अधिक पीला होना।
- पेशाब की मात्रा कम हो जाना।
- हार्ट की स्पीड बढ़ने के कारण हार्ट पल्पिटेशन की समस्या होना।
- पेशाब करते समय जलन होना।
डिहाइड्रेशन से कैसे बचें?
- शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पानी पीना सबसे अच्छा विकल्प है।
- ताजे फल और सब्जियों में भी पानी होता है जो शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।
- इलेक्ट्रोलाइट्स वाली स्पोर्ट्स ड्रिंक्स का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, इसमें चीनी और कैलोरी ज्यादा हो सकती है इसलिए इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए फलों का जूस, कैफीन और सोडा लेने से बचें।
निष्कर्ष:
अगर शरीर में पानी की कमी होगी, तो हार्ट की सेहत खराब हो सकती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो ब्लड की मात्रा भी शरीर में कम हो जाती है। इससे ब्लड गाढ़ा हो जाता है और क्लॉट बनने की संभावना होती है। ब्लड क्लॉट बनने से ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और हार्ट तक पर्याप्त ब्लड न पहुंचने से हार्ट अटैक आ सकता है। इसी तरह शरीर में पानी की कमी से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है और कार्डियक अरेक्ट की संभावना बढ़ सकती है। शरीर में पानी की कमी से ब्लड की मात्रा कम हो जाती है और हार्ट रेट के बढ़ने से अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmia) जैसी समस्या भी हो सकती है। 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, स्पोर्ट्स खेलने वाले लोग, धूप में काम करने वाले वर्कर्स, डायबिटीज, किडनी या हाई बीपी के मरीजों को डिहाइड्रेशन से हार्ट डिजीज होने का खतरा ज्यादा होता है। शरीर को पानी की कमी से बचाने के लिए पर्याप्त पानी पिएंं, फल और सब्जियों का सेवन करें, डॉक्टर की सलाह पर इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक ले सकते हैं। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए फलों का जूस, कैफीन, सोडा से परहेज करें।
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FAQ
क्या डिहाइड्रेशन से बीपी प्रभावित हो सकता है?
हां, गंभीर डिहाइड्रेशन से लो बीपी की समस्या हो सकती है। इससे चक्कर या कमजोरी भी हो सकती है।क्या डिहाइड्रेशन से किडनी पर असर पड़ता है?
हां, गंभीर डिहाइड्रेशन किडनी तक पहुंचने वाले ब्लड फ्लो को कम कर सकती है। इससे किडनी फंक्शन प्रभावित होता है।
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Oct 09, 2026 13:00 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr V Rajasekhar
