एस्ट्रोजन हार्मोन, हार्ट और ब्लड वेसल्स को स्वस्थ रखने में मदद करता है। एस्ट्रोजन हार्मोन धमनियों में प्लाक जमने से बचाव करने, ब्लड वेसल्स को स्वस्थ रखने और हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करता है। मेनोपॉज के दौरान और उसके बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है इसलिए मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हृदय रोग का खतरा काफी बढ़ सकता है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, पेट के आस-पास की चर्बी बढ़ सकती है, गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है, बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है। ये सभी हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं। आइए जानते हैं मेनोपॉज, हार्ट हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist At Yashoda Hospitals, Hitech City, Hyderabad से बात की।
American Heart Association के मुताबिक, मेनोपॉज के दौरान धमनियां भी हृदय रोग के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। धमनियों की दीवारें मोटी और सख्त होने लगती हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एक सर्वे के अनुसार, 2009 से 2019 के बीच महिलाओं में हृदय रोग मौत का प्रमुख कारण बना।
मेनोपॉज में हार्ट हेल्थ कैसे प्रभावित होती है?
मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे धमनियों में प्लाक जमा होने का खतरा बढ़ता है। मेनोपॉज के बाद या उस दौरान, ब्लड शुगर असंतुलन रेजिस्टेंस जैसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है जो हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। उम्र बढ़ने और हार्मोनल बदलावों के साथ ब्लड की सेहत प्रभावित हो सकती है, जिससे हृदय रोग का जोखिम बढ़ता है।
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मेनोपॉज के बाद हार्ट डिजीज का खतरा किन महिलाओं को अधिक होता है?
जिन महिलाओं को 40 साल की उम्र से पहले या सर्जरी के कारण मेनोपॉज हो जाता है, उनमें यह खतरा और अधिक हो सकता है। हाई बीपी या मोटापे से पीड़ित महिलाओं में भी हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा होता है। Johns Hopkins Medicine के मुताबिक, अध्ययनों में पाया गया है कि जिन महिलाओं को 45 साल या उससे कम उम्र में मेनोपॉज हो जाता है, उनमें बाद के वर्षों में हृदय संबंधित समस्याओं का खतरा उन महिलाओं की तुलना में अधिक हो सकता है, जिनका मेनोपॉज सामान्य उम्र यानी लगभग 50 साल के आसपास होता है।
हार्मोन थेरेपी की मदद ली जाती है
मेनोपॉज के लक्षणों से राहत के लिए हार्मोन थेरेपी का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सिर्फ हार्ट डिजीज से बचाव के लिए हार्मोन थेरेपी लेने की सलाह नहीं दी जाती।
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हार्ट को स्वस्थ रखने के टिप्स
मेनोपॉज के दौरान और उसके बाद हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए-
नियमित एक्सरसाइज करें
रोजाना वॉकिंग, योग, साइकिलिंग या अन्य शारीरिक एक्टिविटी प्लान करें। नियमित एक्सरसाइज वजन को कंट्रोल करने के साथ-साथ बीपी और कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में भी मदद मिल सकती है।
पौष्टिक आहार लें
डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और बीज शामिल करें। बहुत ज्यादा नमक, चीनी, तले-भुने और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
वजन को कंट्रोल करें
मेनोपॉज के दौरान खासकर पेट के आस-पास फैट बढ़ सकता है इसलिए संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
बीपी और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं
समय-समय पर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच कराते रहें। अगर परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर नियमित हार्ट चेकअप कराना और भी जरूरी हो जाता है।
इसके अलावा धूम्रपान से बचें, पर्याप्त नींद लें और स्ट्रेस से बचने के लिए डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन की मदद ले सकती हैं।
निष्कर्ष:
मेनोपॉज के दौरान और बाद में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है। यह हार्मोन हार्ट और ब्लड वेसल्स को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह हाई कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करता है। इसलिए जब मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर घटता है, तो हार्ट डिजीज की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, हर महिला को हार्ट डिजीज का खतरा नहीं होता है। अगर 40 साल से पहले मेनोपॉज आया हो, महिला मोटापा, हाई बीपी का शिकार हो या सर्जरी हो चुकी हो, तो हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। मेनोपॉज के दौरान हार्मोन्स का संतुलन सुधारने के लिए कुछ महिलाओं को हार्मोन थेरेपी लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट, वेट मैनेजमेंट, बीपी और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल से भी हार्ट डिजीज से बचाव में मदद मिलती है।
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FAQ
मेनोपॉज किस उम्र में होता है?
ज्यादातर महिलाओं में मेनोपॉज 50 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है। अगर 40 वर्ष से पहले पीरियड्स बंद हो जाएं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।मेनोपॉज में खान-पान कैसा होना चाहिए?
डाइट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स, बीज, प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। बहुत ज्यादा नमक, चीनी और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज करें।
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Current Version
Oct 08, 2026 20:03 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Oct 08, 2026 20:03 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Vidya Tickoo
