Wed Oct 7, 2026 | 06:37 PM IST

Medically Reviewed by Dr Latika Singh Sinsinwar , Gynaecologist and Laparoscopic Surgeon - Cloudnine Hospital, Pari Chowk, Greater Noida

प्रेग्नेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज होना कब से शुरू होता है? डॉक्टर से जानें

Pregnancy White Discharge: प्रेग्नेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज होना नॉर्मल है, लेकिन महिलाएं इसे लेकर परेशान हो जाती हैं। उनके मन में इससे जुड़े कई सवाल आते हैं। आइए, जानते हैं प्रेग्नेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज से जुड़े सभी सवालों के जवाब डॉक्टर से। 
प्रेग्नेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज होना कब से शुरू होता है? डॉक्टर से जानेंप्रेग्नेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज होना कब से शुरू होता है? डॉक्टर से जानें

Pregnancy White Discharge: प्रेग्नेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज होने पर महिलाएं हमेशा परेशान हो जाती हैं और चिंतित हो जाती हैं कि कहीं कोई दिक्कत तो नहीं। ऐसे में जरूरी है कि आप प्रेग्नेंसी में होने वाले व्हाइट डिस्चार्ज के बारे में जानें और इस बारे में सही जानकारी रखें कि यह कब-कब होता है, इसके कारण क्या हैं? आपको इसे लेकर कब परेशान होना चाहिए या इस स्थिति में क्या करना चाहिए? इन तमाम चीजों में विस्तार से जानकारी के लिए हमने Dr. Latika Singh, Consultant - Gynecologist and Obstetrician at Cloudnine Group of Hospitals, Pari Chowk, Greater Noida से बात की।

प्रेग्नेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज कब से शुरू होता है?

डॉ. लतिका कहती हैं कि प्रेग्नेंसी नें व्हाइट डिस्चार्ज आमतौर पर प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों यानी पहले महीने में ज्यादा अनुभव हो सकता है खासकर कि पहले 1 या 2 हफ्तों में। इसके अलावा व्हाइट डिस्चार्ज तीसरी तिमाही यानी 37वें हफ्ते में भी होता है और इस दौरान यह ज्यादा होता है क्योंकि पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है और शरीर बच्चे के जन्म के लिए अपने आप को तैयार कर रहा होता है।

प्रेग्नेंसी की शुरुआत में व्हाइट डिस्चार्ज क्यों होता है?

डॉ. लतिका कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती 1 से 2 हफ्तों में ही वजाइना से सफेद रंग का डिस्चार्ज आना बढ़ जाता है हालांकि, यह नेचुरल और नॉर्मल बॉडी प्रोसेस है। दरअसल, इस दौरान शरीर में हॉर्मोन का लेवल बढ़ जाता है, खासकर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का। इसके अलावा पेल्विक हिस्से में बढ़ते गर्भाशय के लिए ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है जो शुरुआती गर्भावस्था के बदलावों में मदद करता है।

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प्रेग्नेंसी की शुरुआत में व्हाइट डिस्चार्ज कैसा होता है?

डॉ. लतिका कहती हैं कि प्रेग्नेंसी की शुरुआत में व्हाइट डिस्चार्ज साफ या दूध जैसा सफेद होता है। आमतौर पर यह पतला, क्रीमी या मुलायम जिससे किसी भी प्रकार की गंध नहीं आती। दरअसल, इस दौरान एस्ट्रोजन बढ़ने से सर्विक्स ज्यादा फ्लूइड बनाता है उसकी वजह से होता है जो गर्भाशय को इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है।

कब है चिंता की बात?

प्रेग्नेंसी की शुरुआत में अगर डिस्चार्ज पीला, गुलाबी, हरा या ग्रे रंग का होता है तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ग्रे या गुलाबी रंग का डिस्चार्ज अक्सर पुराने खून का संकेत होता है हालांकि, शुरुआती तीन महीनों, इस बारे में हमेशा अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। हालांकि, शुरुआती कुछ हफ्तों में स्पॉटिंग भी हो सकती है जिसे 'इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग' कहते हैं। यह तब होता है जब फर्टिलाइज्ड एग गर्भाशय की परत (यूटेरिन लाइनिंग) से जुड़ता है और प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती है।

आगे डॉक्टर लतिका बताती हैं कि कुछ महिलाओं के लिए यह शुरुआती प्रेगनेंसी का एक सामान्य हिस्सा है। पेल्विक जांच के बाद भी हल्की स्पॉटिंग हो सकती है क्योंकि इस दौरान सर्विक्स ज्यादा संवेदनशील होता है और यहां ब्लड फ्लो बढ़ जाता है। हालांकि, इस तरह की स्पॉटिंग आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होती, लेकिन किसी भी तरह की ब्लीडिंग खासकर अगर पेट में ऐंठन (क्रैम्प्स) के साथ हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं।

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प्रेग्नेंसी के अंत में व्हाइट डिस्चार्ज क्यों होता है?

डॉ. लतिका कहती हैं प्रेग्नेंसी के अंत में खासकर कि 37वें हफ्ते में आपका शरीर एस्ट्रोजन हार्मोन ज्यादा बनाता है। इससे पेल्विक एरिया का ब्लड फ्लो बढ़ता है और बर्थ कैनाल तैयार होता है। डिलीवरी का समय नजदीक आने पर आपका बच्चा पेल्विस में नीचे की ओर खिसक जाता है और आपका म्यूकस प्लग निकल सकता है जो गाढ़ा, जेली जैसा या गुलाबी धारियों वाला हो सकता है।

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प्रेग्नेंसी के अंत में व्हाइट डिस्चार्ज कैसा होता है?

प्रेग्नेंसी के अंत में डिस्चार्ज पतला, दूध जैसा सफेद और हल्की गंध वाला या बिना गंध वाला हो सकता है। यह बर्थ कैनाल को इंफेक्शन से बचाता है।

कब है चिंता की बात?

डॉ. लतिका कहती हैं चिंता की बात तब है जब यह डिस्चार्ज जेली जैसा या गुलाबी या भूरे रंग का हो। इस दौरान समझ जाना चाहिए कि लेबर (प्रसव) का समय नजदीक है। हां, अगर गाढ़ा और थक्केदार सफेद डिस्चार्ज हो और इसके साथ तेज खुजली हो रही हो तो समझ जाएं कि इंफेक्शन है क्योंकि यह यीस्ट इन्फेक्शन का संकेत होता है और इसमें आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बदबू वाला ग्रे-सफेद डिस्चार्ज, बैक्टीरियल वैजिनोसिस का संकेत हो सकता है, इसमें भी आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना है, देरी आगे दिक्कत पैदा कर सकती है।

साथ ही ध्यान रखें कि पानी जैसा साफ तरल पदार्थ लगातार धीरे-धीरे रिसना या अचानक तेजी से निकलना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी पानी की थैली यानी एमनियोटिक सैक फट गई है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचे क्योंकि इससे आपको बच्चे को नुकसान भी हो सकता है।

NHS.UK के अनुसार, प्रेग्नेंसी में थ्रश (Thrush) को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। थ्रश एक तरह का इंफेक्शन है, जिससे वजाइना से असामान्य डिस्चार्ज हो सकता है जिससे गंध आती है और यह पनीर जैसा सफेद रंग का होता है।

निष्कर्ष:

ऐसे में डॉ. लतिका का सुझाव है कि प्रेग्नेंसी में किसी भी प्रकार की इंफेक्शन से बचने के लिए ढीले कॉटन अंडरवियर पहनें। यह इंफेक्शन से बतचा में मददगार है। इसके अलावा खुशबूदार साबुन य बाथ प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचें। प्रेगनेंसी के स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप कदम-कदम पर अपने डॉक्टर से बात करें और उनका सुझाव मानें।

FAQ

  • प्रेगनेंसी में इन्फेक्शन क्यों होता है

    प्रेगनेंसी में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने की वजह से ब्लैडर काफी हद तक प्रभावित रहता है और बहुत ज्यादा पेशाब लगने की वजह से ब्लैडर भरा रहता है जिससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं और यूटीआई इंफेक्शन हो सकता है।
  • गर्भवती होने पर यूटीआई को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?

    प्रेग्नेंसी नें यूटीआई इंफेक्शन को ठीक करने का सबसे तेज तरीका है कि आप जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर को दिखाएं और एंटीबायोटिक्स दवाओं की मदद से इसे कंट्रोल करें।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 07, 2026 17:48 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Latika Singh Sinsinwar