Tue Oct 6, 2026 | 02:29 AM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

डिलीवरी से पहले पानी की थैली फट जाए तो महिलाएं न करें ये गलतियां, जानें डॉक्टर की सलाह

प्रेग्नेंसी में डिलीवरी के समय पानी की थैली फटने पर कई महिलाएं ऐसी गलतियां कर देती हैं, जिससे इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे मां और शिशु दोनों के लिए खतरा हो सकता है। इस लेख में डॉक्टर ने प्रेग्नेंट महिलाओं को ऐसी गलतियां न करने की सलाह दी है। 
डिलीवरी से पहले पानी की थैली फट जाए तो महिलाएं न करें ये गलतियां, जानें डॉक्टर की सलाहडिलीवरी से पहले पानी की थैली फट जाए तो महिलाएं न करें ये गलतियां, जानें डॉक्टर की सलाह

प्रेग्नेंसी के आखिरी कुछ दिनों में कई महिलाओं की अचानक पानी की थैली (एम्नियोटिक सैक) फट जाती है। इससे पता चलता है कि डिलीवरी जल्द ही होने वाली है। कई महिलाओं को तो तुरंत दर्द शुरू हो जाता है, तो कुछ महिलाओं को लेबर पेन देर से शुरू हो सकता है। अगर किसी प्रेग्नेंट महिला की पानी की थैली फट जाए, तो उसे लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इस बारे में हमने Dr. Chetna Jain, Director, Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon से बात की। उन्होंने बताया कि अगर एम्नियोटिक सैक फट जाए, तो महिलाओं को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

लेबर पेन से पहले पानी की थैली फटने पर पांच गलतियां न करें

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “गर्भ में मौजूद एम्नियोटिक फ्लूइड बच्चे को सेफ रखने में काम करता है। यह फ्लूइड बच्चे को इंफेक्शन से बचाने का काम करता है और बच्चे को बाहरी दबाव से भी सुरक्षा देता है। जब यह सुरक्षा परत टूट जाती है, तो मां और शिशु दोनों को इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इस दौरान कुछ ऐसी गलतियां हैं, जिनसे हर गर्भवती महिला को बचना चाहिए।”

अस्पताल जाने में देरी करना

Dr. Chetna Jain के मुताबिक, “कई मामलों में मैंने देखा है कि परिवार पानी की थैली फटने के बाद लेबर पेन का इंतजार करते हैं, लेकिन अगर पानी पहले से निकल चुका है, तो महिला का तुरंत अस्पताल लेकर जाना सही रहता है। दरअसल, जितनी देरी होती है, उतना ही इंफेक्शन का खतरा बढ़ता जाता है। इसलिए मैं सभी महिलाओं को सलाह देती हूं कि चाहे दर्द शुरू हुआ है या नहीं, तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं।”

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बार-बार अंदरूनी चेकअप करवाना

Dr. Chetna Jain ने कहा, “कई बार महिलाएं या परिवार यह भी चेक करने की कोशिश करते हैं कि बच्चा कितना नीचे आ गया है। कई बार बिना जरूरत बार-बार वजाइनल एग्जामिनेशन भी कराया जाता है। ऐसा करने से बैक्टीरिया गर्भाशय तक पहुंच सकते हैं और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। अस्पताल में भी यह चेक तभी किया जाता है, जब वास्तव में जरूरत होती है।”

साफ-सफाई पर ध्यान न देना

Dr. Chetna Jain ने बताया कि पानी निकलने के बाद साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। कई महिलाएं लंबे समय तक एक ही कपड़ा या गीला पैड इस्तेमाल करती रहती हैं, जो इंफेक्शन का कारण बन सकता है। इसलिए महिलाओं को साफ और सूखे सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर पैड गीला हो जाए, तो उसे समय पर बदलते रहे।

पानी की गंध को नजरअंदाज करना

Dr. Chetna Jain के अनुसार, “पानी की थैली फटने पर महिलाओं को पानी पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर पानी का रंग हरा, भूरा, लाल या उसमें तेज बदबू हो, तो इसे बिल्कुल इग्नोर न करें। ऐसा पानी तभी आता है, जब भ्रूण को स्ट्रेस या इंफेक्शन हुआ हो। ऐसी कंडीशन में महिलाओं को लेबर पेन का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।”

घरेलू नुस्खों अपनाना

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “कई बार मेरे पास ऐसे केस भी आते हैं, जो पानी की थैली फटने के बाद जल्दी डिलीवरी के लिए घरेलू उपाय जैसे काढ़ा, हर्बल दवा या दवाएं लेने लगती हैं। इससे मां और शिशु दोनों को नुकसान हो सकता है। लेबर पेन जल्दी शुरू करने की कोशिश खुद से न करें और न ही किसी भी तरह की दवा लें। ये तरीके कई बार मां और शिशु दोनों के लिए जानलेवा तक हो सकते हैं।”

पानी की थैली फटने पर क्या करें?

Dr. Chetna Jain ने बताया कि जब महिला की पानी की थैली फटे जाए, तो लेबर पेन शुरू हुआ हो या न हो, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर शिशु में हलचल कम हो, तेज बुखार, प्रेग्नेंसी 37 हफ्ते पूरी होने से पहले पानी की थैली फट जाए, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष
Dr. Chetna Jain सलाह देती हैं कि महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बहुत जरूरी है। पानी की थैली फटने के बाद सबसे जरूरी है कि महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में देरी नहीं करनी चाहिए। ऐसे समय में प्रेग्नेंट महिलाओं को अपनी साफ-सफाई, पानी के रंग और गंध पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके साथ, डॉक्टर की सलाह जरूर माननी चाहिए।

FAQ

  •  क्या पानी की थैली फटने की स्थिति में आराम के लिए बाथटब या टब बाथ लिया जा सकता है?

    नहीं, पानी की थैली फटने के बाद बाथटब या स्विमिंग पूल में बैठने की गलती न करें। टब के पानी में मौजूद कीटाणु योनि के रास्ते आसानी से गर्भाशय में प्रवेश कर सकते हैं। यदि सफाई जरूरी हो, तो केवल खड़े होकर नॉर्मल शावर लें, लेकिन बेहतर होगा कि आप सीधे अस्पताल जाएं।
  •  क्या पानी की थैली फटने के बाद पैड की जगह कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है?

    बिल्कुल नहीं। पानी के रिसाव को रोकने के लिए कभी भी घर का पुराना या कपड़ा भले ही वह धुला हो इस्तेमाल न करें। कपड़े में छिपे सूक्ष्म बैक्टीरिया तुरंत इंफेक्शन फैला सकते हैं। इसकी जगह हमेशा एक पूरी तरह साफ, स्टेरलाइज्ड मैटरनिटी सैनेटरी पैड का ही इस्तेमाल करें।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 30, 2026 17:11 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jun 30, 2026 17:11 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain