Fri Sep 11, 2026 | 09:54 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

दूध या दही: किससे मिलेगा ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम? सर्दी में किसका सेवन है ज्यादा फायदेमंद

Milk Vs Curd: बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं और दही खाने से पाचन ठीक रहता है लेकिन जब बात प्रोटीन, कैल्शियम और सर्दियों में सही विकल्प की आती है, तो लोगों के मन में अक्सर कंफ्यूजन रहता है कि दूध ज्यादा फायदेमंद है या दही?

Milk Vs Curd: भारतीय रसोई में दूध और दही सिर्फ खाने-पीने की चीजें नहीं हैं, बल्कि सेहत से जुड़ी परंपरा का हिस्सा हैं लेकिन आज की बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती उम्र, कमजोर इम्यूनिटी और पोषण की कमी के बीच यह सवाल और भी अहम हो गया है कि दूध ज्यादा फायदेमंद है या दही? खासकर तब, जब बात प्रोटीन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों की हो। सर्दियों के मौसम में यह कंफ्यूजन और बढ़ जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि ठंड में दही खाने से सर्दी-जुकाम बढ़ सकता है, तो वहीं कुछ लोग इसे वजन कंट्रोल और पाचन के लिए जरूरी बताते हैं। दूसरी ओर, रात को गुनगुना दूध पीने की आदत को बेहतर नींद और मजबूत हड्डियों से जोड़कर देखा जाता है लेकिन क्या वाकई दूध में दही से ज्यादा कैल्शियम होता है? क्या दही प्रोटीन के मामले में आगे है? और सबसे जरूरी सवाल सर्दियों में किसे कब और कितना लेना सही है? इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए हमने बात की जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से।

दूध या दही: किससे मिलेगा ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम?

दूध और दही दोनों ही कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन B12 और पोटैशियम के अच्छे सोर्स हैं। हालांकि, इनके पोषण तत्वों में थोड़ा अंतर होता है। दूध में नेचुरल प्रोटीन और कैल्शियम अच्छी मात्रा में होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है। वहीं दही में दूध की तुलना में प्रोटीन थोड़ा ज्यादा और पाचन में सहायक प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''दही में फर्मेंटेशन के कारण पोषक तत्व शरीर में जल्दी अवशोषित होते हैं, जबकि दूध सीधे एनर्जी और कैल्शियम देता है।''

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प्रोटीन के लिए दूध या दही?

अगर केवल प्रोटीन की बात करें, तो दही दूध से थोड़ा आगे माना जाता है। दही में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती और रिपेयर में मदद करता है। खासकर जो लोग वर्कआउट करते हैं या उम्र बढ़ने के साथ मसल लॉस से परेशान हैं, उनके लिए दही बेहतर विकल्प हो सकता है। अर्चना जैन बताती हैं, ''दही में मौजूद प्रोटीन पेट पर हल्का होता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे वजन कंट्रोल में भी मदद मिलती है।''

कैल्शियम के लिए दूध या दही?

कैल्शियम के मामले में दूध को आज भी सबसे भरोसेमंद सोर्स माना जाता है। दूध हड्डियों की मजबूती, जोड़ों के स्वास्थ्य और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि दही में भी कैल्शियम भरपूर होता है, लेकिन दूध में इसकी मात्रा थोड़ी ज्यादा और जल्दी उपलब्ध होती है। डाइटिशियन के मुताबिक, ''बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और बुजुर्गों के लिए दूध कैल्शियम का बेहतर विकल्प है, जबकि दही सपोर्टिव न्यूट्रिएंट की तरह काम करता है।''

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milk vs curd

सर्दियों में दूध या दही?

सर्दियों में अक्सर यह सवाल उठता है कि ठंड में दही खाना चाहिए या नहीं। आयुर्वेद और न्यूट्रिशन दोनों के अनुसार, सर्दियों में दही का सेवन सीमित मात्रा में और दिन के समय करना चाहिए। रात में दही खाने से सर्दी-जुकाम या कफ की समस्या बढ़ सकती है। वहीं गुनगुना दूध सर्दियों में शरीर को गर्म रखने, अच्छी नींद और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, 'सर्दियों में रात को हल्दी वाला गुनगुना दूध लेना ज्यादा फायदेमंद होता है, जबकि दही दोपहर के भोजन के साथ बेहतर रहता है।''

निष्कर्ष

दूध और दही दोनों ही सेहत के लिए जरूरी हैं, लेकिन कौन-सा बेहतर है यह आपकी उम्र, पाचन, मौसम और सेहत की जरूरतों पर निर्भर करता है। डाइटिशियन अर्चना जैन की मानें तो दूध और दही में से किसी एक को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है, बल्कि सही समय और सही मात्रा में दोनों को डाइट में शामिल करना ही सेहत का सही तरीका है। इसलिए सर्दियों में गुनगुना दूध और दिन में सीमित मात्रा में दही को अपनाकर आप अपनी डाइट को संतुलित और हेल्दी बना सकते हैं।

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FAQ

  • क्या दही वजन घटाने में मदद करता है?

    दही वजन घटाने में मददगार हो सकता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स पेट लंबे समय तक भरा रखते हैं और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं।
  • डायबिटीज के मरीज दही खा सकते हैं या नहीं?

    डायबिटीज के मरीज सादा, बिना मीठा दही खा सकते हैं। यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता और आंतों की सेहत सुधारता है। फ्लेवर्ड या मीठे दही से बचना चाहिए।
  • क्या दही एसिडिटी और गैस में फायदेमंद है?

    दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाते हैं, जिससे एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 17, 2026 15:41 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
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