Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

ब्राउन राइस और मिलेट्स? सफेद चावल का क्या है सेहत के लिए बेहतर विकल्प

सफेद चावल के स्थान पर मिलेट्स या ब्राउन राइस दोनों ही हेल्दी विकल्प है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं कि ब्राउन राइस या मिलेट्स दोनों में से क्या ज्यादा फायदेमंद होता है? 

भारत के ज्यादातर हिस्सों में सफेद चावल सबसे ज्यादा खाया जाता है। चावल सब्जी, दाल या अन्य कई चीजों के साथ मिलाकर खाया जाता है। इतना ही नहीं, कई लोगों के दिन के एक आहार में चावल जरूर शामिल होता है। हालांकि, सफेद चावल ज्यादा पोषण से भरपूर नहीं होता है, क्योंकि पॉलिशिंग के दौरान इसके कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं। इसलिए, आज के समय में कई लोग चावल की जगह इसके हेल्दी विकल्प की तलाश करते हैं, जिस कारण ब्राउन राइस या मिलेट्स का सेवन करना पसंद करते हैं। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं कि सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस या मिलेट्स क्या ज्यादा बेहतर है? आइए इस लेख में हम दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं।

ब्राउन राइस क्या है? - What Is Brown Rice In Hindi?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि, ब्राउन चावल पर पॉलिश नहीं किया जाता है। इसमें बाहर की चोकर की परत बनी रहती है, जो फाइबर, विटामिन और मिनरल्स ज्यादा मात्रा में होते हैं। ब्राउन राइस में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो पाचन को बेहतर रखने और कब्ज दूर करने में मदद करता है। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स सफेद चावल के मुकाबले कम होता है, जिससे शुगर लेवल धीरे-धीरे बढ़ता है। इतना ही नहीं, इसमें मौजूद मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है और यह आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

ब्राउन राइस के नुकसान - Side Effects Of Brown Rice In Hindi

न्यूट्रनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, ब्राउन राइस सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं, जैसे-

  • ब्राउन राइस पकने में ज्यादा समय लगता है।
  • कुछ लोगों को इसका स्वाद और टेक्सचर पसंद नहीं आता है।
  • ज्यादा मात्रा में खाने से गैस या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।

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मिलेट क्या है? - What is Millets in Hindi?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के मुताबिक, मिलेट्स को आमतौर पर मोटे अनाज के रूप में जाना जाता है। वर्तमान समय में इसे सुपरफूड माना जाता है। मिलेट्स में बाजरा, ज्वार, रागी आदि शामिल होते हैं, जो फाइबर, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम से भरपूर होता है। इसे खाने से पाचन बेहतर होता है, मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, यह ग्लूटेन फ्री होता है और हड्डियों को भी मजबूत बनाने में मदद करता है।

मिलेट्स के नुकसान - Side Effects Of Millets in Hindi

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि, मिलेट्स का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, हालांकि, यह कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कुछ लोगों को शुरुआत में इसे पचाने में समस्या हो सकती है, और सही तरीके से पकाकर या भिगोकर न खाने से गैस और अपच की समस्या भी होना आम बात है।

इसे भी पढ़ें: पेट के लिए फायदेमंद होता है ब्राउन राइस, इसे खाने से दूर होती हैं पाचन से जुड़ी ये 5 समस्याएं

ब्राउन राइस या मिलेट्स- क्या है ज्यादा हेल्दी? - Millets Or Brown Rice- Which One Is Healthier In Hindi?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा की माने तो ब्राउन राइस और मिलेट्स दोनों ही सफेद चावल से ज्यादा फायदेमंद है, लेकिन, इनमें से ज्यादा लाभकारी क्या है आइए जानते हैं-

पोषक तत्व  ब्राउन राइस  मिलेट्स
फाइबर  नॉर्मल  बहुत ज्यादा
प्रोटीन  नॉर्मल  कुछ मिलेट्स में ज्यादा
ग्लाइसेमिक इंडेक्स  नॉर्मल  कम
ग्लूटेन  ग्लूटेन-फ्री  ग्लूटेन-फ्री
मिनरल्स  अच्छे  सभी मिलेट्स में कम या ज्यादा

ब्राउन राइस या मिलेट्स दोनों पोषक तत्वों से भरपूर होता है। हालांकि, मिलेट्स ब्राउन राइस से थोड़ा ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें पोषक तत्व ज्यादा पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

निष्कर्ष

ब्राउन राइस या मिलेट्स दोनों ही सफेद चावल से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, हालांकि, मिलेट्स ब्राउन राइस से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। फिर भी, आपके शरीर की जरूरत और पाचन क्षमता के अनुसार सही विकल्प चुन सकते हैं।
Image Credit: Freepik

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 22, 2026 18:42 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Feb 22, 2026 18:42 IST

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