दुनियाभर में करोड़ों लोग रोजाना कई कप कॉफी पीते हैं। कुछ लोगों के दिन की शुरुआत कॉफी से होती है, तो कुछ लोगो दिनभर एक्टिव रहने के लिए कॉफी पीना प्रेफर करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि दिन में कितने कप कॉफी पीने से हार्ट को हेल्दी रखा जा सकता है। क्या ज्यादा कॉफी पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है? हार्ट हेल्थ से जुड़े ऐसे कई सवालों पर एक्सपर्ट्स की राय अलग-अलग है, लेकिन हाल ही में American Heart Association (AHA) ने कॉफी और हार्ट हेल्थ को लेकर विभिन्न अध्ययनों की समीक्षा की है। इसके साथ ही हमने Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से उनकी राय जानी।
क्या कहती है स्टडी?
American Heart Association (AHA) ने हाल ही में स्टडी करके निष्कर्ष निकाला कि प्राकृतिक स्त्रोतों से मिलने वाली मीडियम मात्रा में कैफीन ज्यादातर सेहतमंद लोगों के लिए सुरक्षित मानी जाती है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया कि जो लोग मध्यम मात्रा में कॉफी पीते हैं, उन लोगों में हार्ट फेलियर और इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा अपेक्षाकृत कम देखा गया। हालांकि, इस स्टडी में स्पष्ट किया गया है कि ये निष्कर्ष ऑब्जर्वेशनल स्टडीज पर आधारित हैं। इसलिए सिर्फ कॉफी पीने को हार्ट की बीमारियों से बचाव का तरीका नहीं माना जा सकता। बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और स्मोकिंग न करने जैसी आदतें भी उतनी ही जरूरी हैं।
शरीर में कैफीन कैसे काम करता है?
Nutritionist Divya Gandhi कहती हैं, “आमतौर पर लोग कैफीन को कॉफी या चाय तक ही सीमित कर देते हैं, लेकिन डार्क चॉकलेट, कोको और कुछ पेनकिलर दवाओं में भी कैफीन मौजूद होता है। कैफीन शरीर में पहुंचने के बाद दिमाग में मौजूद एडेनोसिन केमिकल के प्रभाव को कम कर देती है। एडेनोसिन केमिकल शरीर को आराम और नींद का संकेत देता है और कैफीन इस केमिकल को ब्लॉक करती है। इस वजह से कॉफी पीने के बाद व्यक्ति ज्यादा एनेर्जिक महसूस करता है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है।”
कॉफी का हार्ट हेल्थ पर असर

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ब्लड प्रेशर पर असर
AHA की रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से सीमित मात्रा में कॉफी पीते हैं, उनमें लंबे समय तक ब्लड प्रेशर पर इसका कोई असर नहीं दिखा है। हालांकि, जिन लोगों का पहले से ही ब्लड प्रेशर ज्यादा है या कैफीन के प्रति सेंसिटिव है, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही कैफीन पीना चाहिए।
कॉफी का कोलेस्ट्रॉल पर असर
AHA की रिपोर्ट के अनुसार, कॉफी को बनाने का अलग-अलग तरीका है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी अलग हो सकता है। जो लोग फिल्टर कॉफी पीते हैं, तो इससे कोलेस्ट्रॉल पर कोई खास असर नहीं पड़ता, लेकिन अनफिल्टर्ड कॉफी में कैफेस्टोल LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है। अनफिल्टर्ड कॉफी में फ्रेंच प्रेस, तुर्किश और स्कैंडिनेवियन बॉयल्ड कॉफी शामिल है। इसलिए जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल पहले से ज्यादा है, उन्हें फिल्टर कॉफी पीने की सलाह दी जा सकती है।
कॉफी का हार्ट बीट पर असर
AHA रिपोर्ट में बताया गया है कि जो लोग मध्यम मात्रा में कॉफी पीते हैं, उनमें एट्रियल फिब्रिलेशन का खतरा कम पाया गया है। यह फायदा नियमित और सीमित मात्रा में कॉफी पीने वालों में देखा गया। दूसरी ओर, कुछ क्लिनिकल ट्रायल्स में यह भी सामने आया कि कॉफी लेने के बाद कुछ लोगों में Premature Ventricular Contractions (PVCs) यानी हार्ट की अतिरिक्त धड़कनों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि, ये बदलाव हर व्यक्ति में नहीं देखे गए। इसलिए अगर किसी को हार्ट बीट से जुड़ी समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही कैफीन की मात्रा तय करें।
कॉफी से हार्ट अटैक का रिस्क
रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना दो से चार कप कॉफी पीने वाले लोगों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) का खतरा न पीने वालों के मुकाबले में थोड़ा कम देखा गया। Nutritionist Divya Gandhi का कहना है, “कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड के कारण ब्लड वेसल्स के फंक्शन को बेहतर बनाने और शरीर में सूजन कम करने में मदद करते हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ज्यादा कॉफी पीना दिल के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा। किसी भी चीज को ज्यादा लेना भी नुकसान पहुंचा सकता है।”
एक दिन में कितनी कैफीन सुरक्षित मानी जाती है?
AHA और US Food and Drug Administration के अनुसार, ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना करीब 400 मिलीग्राम तक कैफीन सुरक्षित मानी जाती है। इसका मतलब है कि करीब तीन से पांच कप सामान्य ब्लैक कॉफी के बराबर हो सकती है। हालांकि कॉफी के प्रकार और बनाने के तरीके के अनुसार इसकी मात्रा बदल सकती है और यह मात्रा सभी पर लागू नहीं होती। Divya Gandhi कहती हैं, “कॉफी में मौजूद कैफीन का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। इसलिए जो लोग दवाएं लेते हैं, उन्हें कॉफी की मात्रा डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए। इसके अलावा, प्रेग्नेंट महिलाओं, ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं और बच्चों को कैफीन की मात्रा डॉक्टर की सलाह पर ही तय करनी चाहिए।”
कॉफी बनाते समय रखें ध्यान
Divya Gandhi ने बताया कि कॉफी बनाते समय उसमें जरूरत से ज्यादा चीनी, फ्लेवर्ड सिरप, व्हिप्ड क्रीम या हाई-फैट क्रीमर न मिलाएं। कैफे स्टाइल कॉफी में बहुत ज्यादा कैलोरी होती है, जो वजन बढ़ाने, ब्लड शुगर और हार्ट हेल्थ पर असर डाल सकती हैं।
कैफीन किन लोगों को कम से कम लेना चाहिए?
Divya Gandhi ने कहा कि इन लोगों को कैफीन की मात्रा एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए।
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
- गंभीर हार्ट की बीमारियों वाले मरीज
- प्रेग्नेंट महिलाएं
- नींद की समस्या से जूझ रहे लोग
- एंग्जायटी या पैनिक डिसऑर्डर वाले मरीज
- कैफीन के प्रति बहुत सेंसिटिव लोग
निष्कर्ष
American Heart Association की नई रिपोर्ट के अनुसार, अगर कैफीन का स्त्रोत प्राकृतिक है, तो मीडियम मात्रा में कॉफी ली जा सकती है, लेकिन इसमें चीनी, दूध या क्रीम जरूरत से ज्यादा न मिलाएं। अगर सीमित मात्रा में कॉफी पीने को कुछ अध्ययनों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक के कम रिस्क से भी जोड़ा गया है। इसके साथ सेहतमंद लाइफस्टाइल, डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और सीमित मात्रा में कॉफी हार्ट हेल्थ के लिए बेहतर है।
FAQ
क्या ब्लैक कॉफी और दूध-चीनी वाली कॉफी में फर्क होता है?
हार्ट के लिए बिना चीनी और बिना मलाई/दूध वाली सादी ब्लैक कॉफी ही सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है। बहुत ज्यादा चीनी, व्हिप्ड क्रीम या सिरप वाली कॉफी पीने से वजन, ट्राइग्लािसराइड्स और डायबिटीज बढ़ती है, जो दिल के लिए नुकसानदेह है।कॉफी पीने का सबसे सही समय क्या है?
सुबह सोकर उठते ही खाली पेट कॉफी पीने से बचें। उठने के एक या दो घंटे बाद कॉफी पीना सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस समय शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर घटने लगता है, जिससे कैफीन का सही फायदा मिलता है।
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Jul 22, 2026 15:51 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dt Divya Gandhi