Thu Oct 8, 2026 | 09:42 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

ज्यादा मीठा खाने से एक्ने क्यों निकलते हैं? डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

ज्यादा मीठा खाने से शरीर में इंसुलिन स्पाइक, IGF-1 बढ़ना और सूजन की समस्या होती है, जिससे सीबम उत्पादन बढ़कर एक्ने होते हैं। एक्ने से बचाव के लिए कम ग्लाइसेमिक फूड्स, प्रोटीन-फाइबर और हाइड्रेशन का ध्यान रखना जरूरी है। 
ज्यादा मीठा खाने से एक्ने क्यों निकलते हैं? डॉक्टर से जानें बचाव के उपायज्यादा मीठा खाने से एक्ने क्यों निकलते हैं? डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

मूड खराब हो या फिर बहुत ज्यादा खुशी का मौका हो, मीठा खाना हर हाल में लगभग तय ही होता है। मिठाइयां, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स, पेस्ट्री और बेकरी प्रोडक्ट्स का सेवन बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग हर उम्र के लोगों को काफी पसंद होता है। बता दें कि ये स्वाद में मीठी और दिल को सुकून देने वाली चीजें न सिर्फ आपके वजन को बढ़ाती हैं, बल्कि आपकी स्किन की चमक भी छीन सकती हैं। अक्सर लोग एक्ने होने पर सिर्फ महंगे फेस वॉश और क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, जबकि असली गड़बड़ी उनकी प्लेट में छिपा हुआ मीठा होता है। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि ज्यादा मीठा खाने से मुंहासे क्यों होते हैं?

चीनी की वजह से क्यों होती है मुंहासे की समस्या?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, जब आप ज्यादा चीनी या रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (मैदा और सॉफ्ट ड्रिंक्स) से भरपूर फूड्स खाते हैं, तो शरीर के अंदर एक चेन-रिएक्शन शुरू होने लगती है, जो सीधे चेहरे की स्किन को प्रभावित करती है। ऐसे में मीठा खाने से स्किन प्रभावित होती है और एक्ने का कारण बन सकती है। 

साल 2024 में Journal of Dermatology Research में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, चीनी और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स का ज्यादा सेवन एक्ने की गंभीरता को सीधे तौर पर बढ़ाता है। यह शरीर में इंसुलिन और इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फैक्टर 1 (IGF-1) को एक्टिवेट करता है, जिससे ज्यादा सीबम का उत्पादन और सूजन होती है।

1. इंसुलिन स्पाइक और सीबम का ज्यादा बनना

मीठा खाते ही ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है। इसे कंट्रोल करने के लिए पैन्क्रियाज इंसुलिन हार्मोन रिलीज करता है। खून में इंसुलिन का हाई लेवल स्किन के ऑयल ग्लैंड्स को एक्टिव कर देता है, जिससे चेहरे पर ज्यादा सीबम बनने लगता है। यह तेल डेड स्किन सेल्स के साथ मिलकर स्किन पोर्स को ब्लॉक कर देता है।  

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2. IGF-1 (इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फैक्टर) का बढ़ना

इंसुलिन का लेवल बढ़ने से शरीर में IGF-1 नाम का हार्मोन भी बढ़ जाता है। यह हार्मोन पुरुषों और महिलाओं दोनों में एंड्रोजन हार्मोन्स के असर को बढ़ा देता है। एंड्रोजन हार्मोन सीधे तौर पर सिस्टिक और मवाद वाले पिंपल्स के लिए जिम्मेदार होते हैं।

3. शरीर और स्किन में इंफ्लेमेशन 

ज्यादा चीनी का सेवन करने से शरीर में सूजन या इंफ्लेमेशन की समस्या बढ़ सकती है। जब स्किन में इंफ्लेमेशन बढ़ता है, तो एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसके कारण पिंपल्स बहुत लाल, दर्दनाक और सूजे हुए नजर आते हैं। 

4. ग्लाइकेशन और समय से पहले बुढ़ापा

चीनी का सेवन ब्लड में मौजूद प्रोटीन्स के साथ जुड़कर AGEs (Advanced Glycation End-products) बनाती है। इस कारण यह प्रक्रिया स्किन के कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचाती है। इससे न सिर्फ पिंपल्स के दाग-धब्बे देर से ठीक होते हैं, बल्कि चेहरे पर झुर्रियां भी समय से पहले आने लगती हैं। 

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शुगर क्रेविंग कैसे कंट्रोल करें?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार मीठे की क्रेविंग कम करने के लिए या इसे ज्यादा मात्रा में खाने से बचने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-

  1. कम ग्लाइसेमिक फूड्स: अपनी डाइट में मैदा और चीनी की जगह साबुत अनाज जैसे ओट्स, दलिया और मल्टीग्रेन शामिल करें।
  2. प्रोटीन और फाइबर शामिल करें: जब भी मीठा खाने का मन करे, पहले मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स या फल खाएं। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड्स शुगर के अवशोषण को धीमा कर देते हैं।
  3. हाइड्रेटेड रहें: रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है और सीबम का संतुलन बेहतर बना रहता है।
  4. डार्क चॉकलेट खाएं: अगर आपको बहुत ज्यादा मीठा खाने की क्रेविंग हो तो 70% या उससे ज्यादा कोको वाली डार्क चॉकलेट का एक छोटा टुकड़ा खा सकते हैं।

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मीठे फूड्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और स्किन पर असर 

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि हर मीठा फूड एक्ने का कारण नहीं बनता है, बल्कि उसमें मौजूद ग्लाइसेमिक इंडेक्स मुंहासों के बढ़ने की वजह होती है। इसलिए, एक्ने की समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि आप क्या खा रहे हैं और वह आपकी स्किन पर कैसे असर डालेगा, इस बारे में समझें। 

फूड्स 

ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्किन पर असर
चीनी, केक, पेस्ट्री, चॉकलेट बहुत हाई इंसुलिन तुरंत स्पाइक करता है और पिंपल्स के रिस्क को सबसे ज्यादा बढ़ाता है। 
कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस बहुत हाई  लिक्विड चीनी खून में तेजी से घुलती है और एक्ने होने का कारण बनती है। 
मैदा, सफेद ब्रेड, पिज्जा  हाई पचने में तेज होता है और सीबम प्रोडक्शन को दोगुना करता है। 
ताजे फल जैसे- सेब, पपीता, बेरीज लो से मीडियम इन फलों में नेचुरल शुगर और फाइबर होता है, जो स्किन के लिए सुरक्षित विकल्प होता है।

कब है डॉक्टर से मिलने की जरूरत? 

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आपकी डाइट सही करने के बावजूद चेहरे पर पिंपल्स कम नहीं हो रहे हैं तो यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, थायराइड या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है। ऐसे में खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलकर सही कारण का पता लगाने की कोशिश करें। 

निष्कर्ष 

मीठा खाने से एक्ने होने की समस्या होना बहुत आम बात है। चीनी खाने से शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जो एक्ने का कारण बन सकते हैं। इसलिए, जरूरी है कि आप चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करें और सही स्किन केयर रूटीन को फॉलो करें। हालांकि, इसके बाद भी एक्ने की समस्या से राहत न मिले तो डॉक्टर से कंसल्ट करें। 

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • फेस पर एक्ने हो जाए तो क्या करें?

    चेहरे पर एक्ने होने पर दिन में दो बार किसी माइल्ड क्लींजर से चेहरा धोएं, पिंपल्स को फोड़ने से बचें और सैलिसिलिक एसिड वाले स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। 
  • कौन सी विटामिन की कमी से चेहरे पर दाने निकलते हैं?

    चेहरे पर दाने या पिंपल्स मुख्य रूप से विटामिन डी, ए और ई की कमी के कारण हो सकते हैं। इसके अलावा, मिनरल्स जैसे जिंक की कमी से भी यह हो सकता है। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 21, 2026 19:17 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh