एक्ने स्किन की सबसे आम समस्याओं में से एक हैं। कई लोगों में यह समस्या कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ लोगों को सालों तक बार-बार एक्ने निकलने की समस्या बनी रहती है। एक्ने निकलने के पीछे हार्मोनल बदलाव, स्किन ज्यादा ऑयली होना, बैक्टीरिया का बढ़ना और पोर्स का बंद होना शामिल है। एक्ने से राहत पाने के लिए कई लोग महंगे-महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, वहीं कुछ लोग नेचुरल चीजों का भी उपयोग करते हैं। नीम और हल्दी का इस्तेमाल एक्ने से राहत पाने के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इन दोनों चीजों में ऐसे गुण होते हैं, जो मुंहासों से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इसलिए, आइए इस लेख में विस्तार से हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि क्या सच में नीम और हल्दी का इस्तेमाल क्रॉनिक एक्ने को ठीक करने में मदद कर सकता है?
क्या नीम और हल्दी से क्रॉनिक एक्ने ठीक हो सकते हैं?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि नीम और हल्दी का इस्तेमाल करने से क्रोनिक एक्ने ठीक हो सकता है। इसका इस्तेमाल इंटरनल और एक्सटर्नल यानी खाने और लगाने दोनों तरह से फायदेमंद होता है। आयुर्वेद के अनुसार, टीनेज यानी बाल्यकाल और वयस्कता के बीच के समय को युवान काल कहते हैं और इस उम्र में होने वाले मुहासों को युवान पिड़का कहा जाता है। युवान पिड़का को ठीक करने के लिए चेहरे पर लगाने के लिए नीम की पत्तियों या निंबोली और हल्दी को आपस में मिलाकर लेप की तरह इस्तेमाल करना भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2022 में Journal of Cosmetic Dermatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नीम और हल्दी एक्ने को मैनेज करने और उन्हें रोकने में फायदेमंद हो सकते हैं। नीम और हल्दी से भरपूर प्यूरीफाइंग नीम फेस वॉश की जांच की गई, जिसे हल्के से मध्यम एक्ने को रोकने और कम करने में प्रभावी माना गया है। इसके नतीजों से पता चलता है कि लगभग 79% लोगों में सूजन वाले एक्ने में कमी आई या वे दोबारा नहीं हुए। इसके अलावा, 72% प्रतिभागियों में बिना सूजन वाले एक्ने में सुधार देखा गया है। नीम और हल्दी का यह मिश्रण सीबम के लेवल को कम करने और स्किन की नमी को बढ़ाने में प्रभावी पाया गया है।
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क्या केवल नीम और हल्दी से क्रॉनिक एक्ने ठीक हो सकता है?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि क्रॉनिक एक्ने सिर्फ स्किन पर मौजूद बैक्टीरिया के कारण नहीं होता है। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, ज्यादा ऑयली स्किन, जेनेटिक कारण, तनाव, कुछ दवाइयां और गलत स्किन केयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के कारण हो सकते हैं। जब तक एक्ने होने के कारण के बारे में पता नहीं चलता है, तब तक सिर्फ घरेलू उपायों से पूरी तरह राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। नीम और हल्दी एक्ने की सूजन को कम करने और स्किन को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह इलाज नहीं माना जा सकता है।
सही तरीके से उपयोग कैसे करें?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि अगर आपकी स्किन को नीम और हल्दी से कोई एनर्जी नहीं है तो हफ्ते में एक या दो बार इनका फेस पैक लगाया जा सकता है। इसके लिए आप थोड़ी-सी हल्दी में नीम पाउडर या ताजी नीम की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर गुलाब जल के साथ मिश्रण तैयार करके इसे अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इसके बाद हल्का मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें।

अगर आप नीम और हल्दी का मिश्रण खा सकते हैं तो सीमित मात्रा में इन दोनों के पाउडर को पानी में मिलाकर पी सकते हैं या फिर नीम की पत्तियों को चबाकर खा सकते हैं।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर एक्ने होने की समस्या बार-बार बनी रहती है, उनमें दर्द या पस हो, चेहरे पर गहरे दाग बन रहे हों या घरेलू उपायों की मदद से किसी तरह का कोई सुधार न हो तो स्किन एक्सपर्ट से कंसल्ट करना जरूरी है। डॉक्टर आपकी स्किन की स्थिति के अनुसार सही ट्रीटमेंट जैसे रेटिनॉइड्स, बेंजॉयल पेरॉक्साइड, एंटीबायोटिक दवाएं या हार्मोनल थेरेपी की सलाह दे सकते हैं। समय पर एक्ने का ट्रीटमेंट शुरू करने से दाग रहने का जोखिम कम हो जाता है।
निष्कर्ष
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि नीम और हल्दी में मौजूद नेचुरल गुण स्किन और एक्ने के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके सेवन या स्किन पर लगाने से हल्के एक्ने की सूजन को कम करने और स्किन को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। लेकिन, बार-बार होने वाले एक्ने की समस्या में डॉक्टर से जांच करवाएं और एक्ने होने की सही कारणों का पता लगाकर सही ट्रीटमेंट के साथ इस उपाय का इस्तेमाल करें।
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FAQ
त्वचा के एक्ने का क्या कारण है?
स्किन के एक्ने मुख्य रूप से ज्यादा ऑयल प्रोडक्शन, डेड स्किन सेल्स के कारण पोर्स का बंद होना और बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होते हैं।कौन सी विटामिन की कमी से चेहरे पर दाने निकलते हैं?
चेहरे पर दाने या एक्ने होने का मुख्य कारण विटामिन ए, विटामिन डी और विटामिन ई की कमी के कारण हो सकते हैं। इसके अलावा शरीर में जिंक की कमी भी स्किन पर दानों का एक बड़ा कारण बनती है।
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Aug 02, 2026 14:00 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma