कुछ लोगों की आदत बार-बार चेहरा धोने की होती है। वैसे तो चेहरा धोने में कोई बुराई नहीं है। अगर आप चेहरा नहीं धोते हैं, तो इसकी वजह से चेहरे पर गंदगी, धूल-मिट्टी चिपक सकती है, जिससे कील-मुंहासे की समस्या हो सकती है। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि बार-बार चेहरा धोना भी सही नहीं है? दरअसल, बार-बार चेहरा धोने से भी मुंहासे की समस्या हो सकती है। ऐसा क्यों होता है? इस संबंध में जानें राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा की राय।
क्या सच में बार-बार मुंह धोने से मुंहासे होते हैं?
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हां, यह पूरी तरह सच है कि बार-बार मुंह धोने से कील-मुंहासे की समस्या हो सकती है। इस बारे में डाॅ. करुणा मल्होत्रा स्पष्ट करती हैं, "दिन में दो से तीन बार चेहरा धोना काफी होता है। अगर आप बार-बार चेहरा धोते हैं, तो इसकी वजह से कील-मुंहासे की समस्या बढ़ सकती है।"
डाॅ. करुणा मल्होत्रा आगे कहती हैं, "दरअसल, जब आप बार-बार अपने चेहरे को किसी केमिकल युक्त फेस वॉश या साबुन से धोते हैं, तो इसकी वजह से चेहरे की बाहरी और सुरक्षात्मक लेयर क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऐसे में स्किन अधिक ड्राई हो जाती है। ऐसे में स्किन खुद को प्राकृतिक रूप से माॅइश्चराइज रखने के लिए अधिक मात्रा में सीबम प्रोड्यूस करती है। नतीजतन, स्किन पोर्स ब्लाॅक हो जाते हैं, जिससे कील-मुंहासे की समस्या बढ़ जाती है।"
स्टडी क्या कहती है?
साल 2018 में Journal of Dermatological Treatment में प्रकाशित सिस्टमैटिक रिव्यू के अनुसार, चेहरे में होने वाली कील-मुंहासे सिर्फ फेस वॉश की क्वालिटी पर ही नहीं निर्भर करते हैं, बल्कि आप दिनभर में कितनी बार चेहरा धोते हैं और किस तरह चेहरा धोते हैं, ये बातें भी मायने रखती हैं। हालांकि, इस रिव्यू में साफ कहा गया है कि पर्याप्त क्लिनिकल डेटा न होने के कारण किसी एक तरीके या प्रोडक्ट को सबसे अच्छा नहीं बताया जा सकता है।
बार-बार चेहरा धोने से मुंहासे होने के कारण
सूजन का बढ़नाः जब आप चेहरे को दिन भर में बार-बार रगड़-रगड़ धोते हैं या केमिकल युक्त क्लींजर का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी वजह से सुरक्षात्मक लेयर टूट जाती है। ऐसे में त्वचा की अंदरूनी प्रोटेक्टिव बैरियर कमजोर पड़ जाता है। नतीजतन, स्किन में सूजन पैदा करने वाले केमिकल्स रिलीज होने लगते हैं, जिससे त्वचा लाल हो जाती है, जलन बढ़ जाती है और अगर चेहरे पर पहले से मुंहासे हैं, तो उनके फटने या उनमें संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
नमी के स्तर में कमीः जैसा कि यह स्पष्ट हो गया है कि बार-बार चेहरा धोने से चेहरे की प्राकृतिक लेयर टूट जाती है। ये प्रोटेक्टिव लेयर लिपिड्स जैसे सेरामाइड्स, फैटी एसिड्स और कोलेस्ट्रॉल से बनी होती है। जब आप चेहरा धोने के लिए बार-बार साबुन या फेसवॉश का इस्तेमाल करते हैं, तो उनमें मौजूद क्लींजिंग एजेंट्स इन जरूरी लिपिड्स को घोलकर बाहर बहा देते हैं। नतीजतन, स्किन का पीएच लेवल प्रभावित होता है, जिससे एक्ने की समस्या होने लगती है।
ओवर-वॉशिंग का उल्टा प्रभावः हमारी स्किन के नीचे सिबेशियस ग्लैंड्स यानी ऑयल ग्रंथियां होती हैं। इनका काम सीबम का उत्पादन संतुलित रखना है, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे। वहीं, अगर आप बार-बार चेहरा धोते हैं, तो त्वचा का नर्वस सिस्टम इसे एक इमरजेंसी कंडीशन में देखता है। ऐसे में त्वचा के रिसेप्टर्स दिमाग को संकेत भेजते हैं कि प्रोटेक्टिव लेयर डैमेज हो गई। इसकी भरपाई करने के लिए आॅयल ग्लैंड्स अतिरिक्त मेहनत करते हैं और दोगुना सीबम बनाना शुरू कर देते हैं। इस स्थिति को रिबाउंड ऑयलीनेस कहते हैं। इसका मतलब है त्वचा धोने के कुछ ही समय बाद पहले से भी ज्यादा ऑयली और चिपचिपी हो जाती है।
चेहरा धोने का सही नियम
चेहरा न तो बार-बार धोना चाहिए और न ही सिर्फ एक बार। वैसे तो हर व्यक्ति के लिए यह संख्या अलग हो सकती है, क्योंकि सबके त्वचा का प्रकार एक जैसा नहीं होता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि चेहरा धोने का सही नियम क्या है-
- दो बार चेहरा धोएंः विशेषज्ञों की मानें, तो दिन भर में सिर्फ दो बार चेहरा धोना काफी होता है। एक सुबह नहाते समय और दूसरा रात को सोने से पहले। असल में, रात तक चेहरे से काफी पसीना बह जाता है। चेहरे को साफ करने के लिए सोने से पहले फेस वॉश करना बेहतर होता है।
- अच्छा क्लींजर लगाएंः चेहरा धोने के लिए हमेशा अच्छे और माइल्ड क्लींजर का ही इस्तेमाल करें। यह भी ध्यान रखें कि चेहरे के लिए वही क्लींजर फायदेमंद होता है, जिससे त्वचा का पीएच लेवल संतुलित रहता है।
- माॅइश्चराइजर लगाना न भूलेंः आप दिन भर में जितनी बार भी चेहरा धोते हैं, उतनी ही बार अपनी त्वचा पर मॉइश्चराइजर अप्लाई करें। इन दिनों ऑयल फ्री माॅइश्चराइजर लगाना सही विकल्प है। इससे स्किन लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहती है।
निष्कर्ष
दिनभर में दो बार चेहरा धोना काफी होता है। अगर आप उन लोगों में से हैं, जो एक ही दिन में दो से अधिक बार चेहरा धोते हैं, तो अपनी इस आदत को आज से ही बदल दें। बार-बार चेहरा धोने से न सिर्फ त्वचा की प्रोटेक्टिव लेयर डैमेज होती है, बल्कि कील-मुंहासों की समस्या भी बढ़ जाती है। इस तरह की परेशानी से निपटने का हल आसान है, दिनभर में सिर्फ दो बार चेहरा धोएं और फेस वॉश के बाद माॅइश्चराइजर जरूर लगाएं।
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FAQ
क्या सिर्फ सादे पानी से बार-बार मुंह धोने से भी त्वचा को नुकसान होता है?
हां, केवल सादे पानी से भी बार-बार चेहरा धोने से त्वचा की प्राकृतिक नमी छिन जाती है, जिससे त्वचा में सूखापन और मुंहासे बढ़ सकते हैं।डबल क्लींजिंग क्या है और इसे कब करना चाहिए?
डबल क्लींजिंग में पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर से सनस्क्रीन व मेक-अप हटाया जाता है और फिर वॉटर-बेस्ड क्लींजर से गंदगी साफ की जाती है। यह प्रक्रिया सिर्फ रात को की जानी चाहिए।
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Aug 10, 2026 17:07 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra