Iron Deficiency In Pregnancy Affects The Newborn: प्रेग्नेंसी में आयरन बहुत महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है। गर्भावस्था में महिला के शरीर में ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाता है। ताकि गर्भ में पल रहे शिशु का मानसिक और शारीरिक विकास सही तरह से हो सके। आयरन की मदद से प्लेसेंटा को भी ऑक्सीजन सप्लाई होता है। इससे शरीर में एनीमिया जैसी घातक समस्या नहीं होती है। वैसे तो प्रेग्नेंसी की हर तिमाही में आयरन बहुत जरूरी होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रेग्नेंसी की आखिरी तिमाही में आयरन की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। ऐसा नहीं है कि महिलाएं अपने खानपान का ध्यान नहीं रखती हैं। इसके बावजूद कई बार महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। क्या आप जानते हैं कि आयरन की कमी वजह से सिर्फ गर्भवती महिला ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं कि गर्भावस्था में आयरन की कमी होने से गर्भ में पल रहे शिशु पर इसका क्या असर पड़ता है।
प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी बच्चे के विकास पर क्या असर डालती है?- Iron Deficiency Pregnancy Effects On Baby
-1772544439624.jpg)
समय से पहले जन्म और वजन कम होना
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी नहीं होनी चाहिए। इससे प्री-मैच्योर डिलीवरी का रिस्क काफी ज्यादा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था में आयरन की कमी की वजह से 37वें सप्ताह के पहले ही डिलीवरी हो सकती है। इसे प्री-मैच्योर डिलीवरी कहा जाता है। प्री-मैच्योर डिलीवरी की वजह से शिशु अंडरवेट भी हो सकता है। NCBI की रिपोर्ट भी कहती है कि प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी के कारण शिशु का समय से पहले जन्म और जन्म के समय वजन कम होना जैसी समस्या हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: शिशुओं में वजन घटने के क्या हो सकते हैं कारण? जानें कैसे करें उनकी देखभाल
मस्तिष्क विकास पर असर
आयरन मस्तिष्क विकास के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। इसकी कमी से पहचानने की याददाश्त कमजोर हो सकती है और प्रोसेसिंग स्पीड भी धीमी हो सकती है। यही नहीं, प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी के कारण जन्म के बाद बच्चे को सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और व्यवहार पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
शिशु में आयरन की कमी
अगर गर्भावस्था के दौरान महिला में आयरन की कमी है, तो संभवतः जन्म के बाद शिशु में भी आयरन की कमी हो सकती है। ऐसा खासकर जन्म के शुरुआती पहले महीने में देखने को मिल सकता है, जिसके कारण में बच्चे में एनीमिया के संकेत नजर आ सकते हैं। ध्यान रखें कि एनीमिया होने पर शिशु थकान, कमजोरी और वीक इम्यून सिस्टम से जूझ रहा होता है। जन्म के शुरुआती महीनों में शिशु पहले से ही कमजोर होते हैं। जिन बच्चों में आयरन की कमी होती है, उनमें बीमार होने का खतरा भी अधिक होता है।
इसे भी पढ़ें: कम वजन के साथ जन्मे शिशुओं को रहता है कई बीमारियों का खतरा, जानें कितना होना चाहिए जन्म के समय बच्चे का वजन
न्यूरोडेवेलपमेंट विकास पर असर
जैसा कि हमने जिक्र किया है कि आयरन की कमी की वजह से शिशु का मानसिक विकास बाधित हो सकता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गर्भावस्था के दौरान इस पोषक तत्व की कमी नहीं होने चाहिए। इसके वजह से जन्म के बाद शिशु को सिजोफ्रेनिया, ऑटिस्म और न्यूरोडेवेलपमेंट इश्यूज हो सकते हैं।
डॉक्टर की राय
प्रेग्नेंसी में ही जरूरी है कि महिलाएं आयरन से भरपूर चीजों को डाइट का हिस्सा बनाएं। इसमें रेड मीट, हरी पत्तेदार सब्जियां और तरह-तरह की दालें शामिल हैं। अगर गर्भावस्था में महिला को आयरन की कमी हो रही है, तो उन्हें आयरन सप्लीमेंट्स से इसकी कमी को पूरा करना चाहिए। इसके लिए डॉक्टर की राय लेना आवश्यक है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को नियमित रूप से प्रीनेटेल चेकअप्स और सीबीसी टेस्ट करवाते रहना चाहिए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने का मतलब यही है कि प्रेग्नेंसी के दौरान आयरन की कमी नहीं होनी चाहिए। आयरन की कमी गर्भ में पल रहे शिशु को बुरी तरह प्रभावित करती है। इसकी वजह से उसकी सोचने-समझने की क्षमता, कामकाज की प्रतिक्रिया और कॉग्नीटिव बिहेवियर पर बुरा असर पड़ सकता है। यहां तक कि न्यूरोडेवेलपमेंट पर भी नकारात्मक असर दिखता है। अगर महिला प्रेग्नेंसी के दौरान कभी भी यह महसूस करे कि उनमें आयरन की कमी हो रही है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
All Image Credit: Freepik
FAQ
क्या प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी बच्चे को प्रभावित कर सकती है?
कई अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में आयरन की कमी होने पर गर्भ में पल रहे शिशु को न्यूरोडेवेलपमेंट इश्यूज हो सकते हैं।गर्भावस्था में आयरन की कमी से क्या होता है?
गर्भावस्था में आयरन की कमी से महिला को एनीमिया हो सकता है, शरीर में रेड ब्लड सेल्स का स्तर कम हो सकता है। इसका बुरा प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है।आयरन की कमी से क्या-क्या दिक्कत हो सकती है?
आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन का स्तर गिर सकता है, ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो सकती है, थकान और कमजोरी बढ़ सकती है तथा सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Mar 05, 2026 10:05 IST
Modified By : Meera Tagore Mar 05, 2026 10:05 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta