Oral Hygiene Before Pregnancy: आमतौर पर जब महिला प्रेग्नेंसी के बारे में सोचती है, तो वह हिमोग्लोबिन और न्यूट्रिशन से लेकर पीरियड्स तक के सभी टेस्ट करा लेती हैं, लेकिन ओरल हाइजीन को भूल जाती है। दांतों और मसूड़ों की साफ-सफाई भी प्रेग्नेंसी पर असर डाल सकती है। कई बार शरीर में न्यूट्रिशन तो पूरा होता है, लेकिन इसके बावजूद प्रेग्नेंसी में दिक्कतें होती हैं। इसका कारण दांतों या मसूड़ों में समस्या हो सकती है। ओरल हेल्थ का प्रेग्नेंसी से क्या कनेक्शन है और क्यों प्रेग्नेंसी से पहले ओरल हाइजीन का ध्यान रखना जरूरी है? इस बारे में हमने गुरुग्राम के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. चेतना जैन (Dr. Chetna Jain Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon) से बात की। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं की ओरल हाइजीन सही नहीं होती, उन्हें कई बार प्रेग्नेंसी में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
ओरल हेल्थ कैसे प्रेग्रेंसी से जुड़ी है?
डॉ. चेतना कहती हैं, “अगर मैं प्रेग्नेंसी और ओरल हेल्थ की बात करूं, तो ये दोनों आपस में डायरेक्ट जुड़े हैं, क्योंकि मुंह की बीमारियां शरीर के अन्य हिस्सों पर भी असर डाल सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के हार्मोन्स में काफी उतार-चढ़ाव होता है, ऐसे में मसूड़े और दांत दोनों ही काफी सेंसिटिव हो जाते हैं। अगर पहले से ही मूसड़ों में दिक्कत होगी, तो प्रेग्नेंसी में मसूड़ों में सूजन, खून आना, कैविटी या पेरियोडोंटल बीमारी हो सकती है। ये बीमारियां ब्लड में पहुंचकर प्रेग्नेंसी के दौरान भ्रूण पर भी असर डाल सकती है।”

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खराब ओरल हेल्थ से प्रेग्नेंट महिलाओं को नुकसान
डॉ. चेतना ने बताया कि अगर प्रेग्नेंसी से पहले ओरल हाइजीन को इग्नोर करने से कई रिस्क फैक्टर हो सकते हैं और अगर महिला समय पर ध्यान न दे, इंफेक्शन यूटरस तक पहुंच सकता है।
- खराब मसूड़ों की वजह से इंफेक्शन शरीर में सूजन बढ़ा सकता है और समय से पहले डिलीवरी का रिस्क हो सकता है।
- अगर इंफेक्शन का समय पर इलाज न किया जाए, तो बच्चे की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है।
- NCBI रिपोर्ट के अनुसार, जिन महिलाओं की डेंटल हेल्थ बहुत खराब होती है, उन्हें मिसकैरेज का रिस्क काफी ज्यादा रहता है। मसूड़ों की इंफेक्शन से यूटराइन को नुकसान पहुंच सकता है, जो बाद में मिसकैरिज का रिस्क बढ़ा सकता है।
- अगर प्रेग्नेंसी से पहले दांतों की समस्या रही है और इसका पूरा इलाज नहीं कराया, तो प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर दवाइयां कम या सीमित कर सकते हैं। इससे प्रेग्नेंट महिलाओं की पूरी सेहत पर असर पड़ सकता है।
प्रेग्नेंसी से पहले दांतों और मसूड़ों का सेहतमंद रहना क्यों जरूरी है?
डॉ. चेतना कहती हैं, “प्रेग्नेंसी से पहले दांतों से जुड़े किसी भी तरह के एक्स-रे और डेंटल प्रोसेस बिना रिस्क के किए जा सकते हैं। प्रेग्नेंसी से पहले महिलाओं के हार्मोन में ज्यादा बदलाव नहीं होता, इसलिए मसूड़ों का आसानी से इलाज किया जा सकता है। दांतों की साफ-सफाई या मसूड़ों का इलाज कराते समय मुंह पर सूजन या दर्द होता है, जो प्रेग्नेंसी में सही नहीं होता। इसलिए पहले इलाज कराना बेहतर रहता है। इसके अलावा, जब दांतों में समस्या होती है, तो दांतों से चबाना मुश्किल होता है और प्रेग्नेंसी में पूरा न्यूट्रिशन चाहिए, इसलिए मैं सभी महिलाओं को सलाह देती हूं कि मुंह से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी को प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले ही ठीक कराना बहुत जरूरी है।”
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प्रेग्नेंसी से पहले ओरल हाइजीन का ध्यान कैसे रखें?
डॉ. चेतना ने महिलाओं को ओरल हाइजीन का ध्यान रखने के लिए यह सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
- प्रेग्नेंसी से पहले डेंटिस्ट से मुंह का पूरा चेकअप कराएं।
- अगर मसूड़ों से बदबू, दर्द या खून आए, तो इसे इग्नोर न करें।
- दिन में कम से कम दो बार ब्रश और जीभ को साफ करने के लिए फ्लॉस का इस्तेमाल करना चाहिए।
- घर का खाना जरूर खाएं और प्रोसेस्ड फूड या मीठा खाना कम से कम खाएं।
- डॉक्टर की सलाह पर कैल्शियम और विटामिन D जरूर लें।
निष्कर्ष
डॉ. चेतना ने बताया कि हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए ओरल हाइजीन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, जो अक्सर इग्नोर हो जाता है। सेहतमंद प्रेग्नेंसी के लिए महिलाओं को लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करने चाहिए, जो मां और बच्चे दोनों के लिए जरूरी है। प्रेग्नेंसी के अलावा भी मुंह की साफ-सफाई हेल्दी रहने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, तो जो महिलाएं प्रेग्नेंसी का सोच रही हैं, उन्हें खासतौर पर ओरल हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए।
FAQ
ओरल हाइजीन का मतलब क्या होता है?
ओरल हाइजीन का मतलब है कि दांतों और मसूड़ों को सेहतमंद रखना और मुंह को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना ब्रश और फ्लॉसिंग करना बहुत जरूरी है।1 दिन में कितनी बार ब्रश करना चाहिए?
American Dental Association के अनुसार, हर किसी को दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए ताकि दांतों की सड़न खत्म की जा सके।दांत साफ करने का 2 2 2 नियम क्या है?
2-2-2 का नियम के अनुसार, साल में दो बार डेंटिस्ट के पास जाना चाहिए। दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए और ब्रश पूरे दो मिनट करना चाहिए।
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Current Version
Feb 11, 2026 17:38 IST
Modified By : Aneesh Rawat Feb 11, 2026 17:38 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetna Jain