आज के समय में वजन कम करने के लिए कई तरह के फास्टिंग और डाइटिंग के तरीकों को अपनाते हैं, जिसमें इंटरमिटेंट फास्टिंग को सबसे ज्यादा फॉलो किया जाता है। बहुत से लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग ये सोच कर करते हैं कि सिर्फ अपने खाने का समय तय करने और कुछ समय भूखा रहने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं है। इंटरमिटेंट फास्टिंग करने के बाद भी कई लोग वजन में कमी आने की जगह इसके बढ़ने की समस्या से परेशान हो जाते हैं। ऐसे में उनके मन में अक्सर ये सवाल आता है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान वह ऐसी क्या गलती कर रहे हैं जो वजन बढ़ने का कारण बन रहा है? आइए इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानते हैं।
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान वजन क्यों बढ़ता है?
न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज का कहना है कि, इंटरमिटेंट फास्टिंग करने के बाद भी वजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, क्योंकि फास्टिंग सिर्फ खाने के समय को कंट्रोल करती हैं, न कि कुल कैलोरी को। इसलिए, अगर कोई व्यक्ति इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान खाने के समय में ज्यादा खाना खाते हैं, ज्यादा चीनी वाला खाना खाएं, तले हुए स्नैक्स या कैलोरी वाला खाना खाता है तो फास्टिंग के दौरान उसके शरीर में जितनी एनर्जी बर्न होती है, उससे ज्यादा एनर्जी मिल सकती है और कैलोरी इनटेक भी बढ़ सकता है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, कभी-कभी लोग अनजाने में ज्यादा खाना खा लेते हैं क्योंकि लंबे समय तक फास्टिंग करने के बाद भूख ज्यादा लग जाती है और हम ज्यादा खाना खा लेते हैं, जिससे वजन कम करने के लिए कैलोरी बर्न होने की जगह बढ़ जाती है, जो मोटापे का कारण बनता है।
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इंटरमिटेंट फास्टिंग में वजन बढ़ने का ये भी हो सकते हैं कारण
न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज के अनुसार, इंटरमिटेंट फास्टिंग में वजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें ये शामिल हैं-
1. मेटाबॉलिज्म धीमा होना
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान नींद में कमी और क्रोनिक स्ट्रेस के कारण शरीर में तनाव हार्मोन बढ़ने लगता है, जो मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और पेट के आसपास चर्बी जमा होने का कारण बनता है। नींद पूरी न होने के कारण भूख बढ़ाने वाले हार्मोन भी एक्टिव हो जाते हैं, जिससे फास्टिंग विंडो को फॉलो करना मुश्किल हो जाता है।
2. हार्मोनल असंतुलन
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोन असंतुलन भी वजन बढ़ने का कारण बन सकता हैं। थायराइड हार्मोन की कमी के कारण शरीर अपनी ऊर्जा सही तरह से खर्च नहीं कर पाता है, जिससे फास्टिंग के बावजूद वजन कम नहीं हो पाता है। इसके साथ ही, इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति में भी शरीर ग्लूकोज का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता है, जो शरीर में फैट बर्निंग मोड को रोकता है।
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3. मांसपेशियों में कमी
अगर आप एक्सरसाइज नहीं करते हैं और प्रोटीन का कम मात्रा में सेवन करते हैं तो मांसपेशियों में कमी आ सकती है, जिससे कैलोरी बर्निंग रेट कम हो जाता है। इसलिए, वजन कम करने के लिए सिर्फ फास्टिंग प्रक्रिया पर निर्भर रहना काफी नहीं है, बल्कि पूरे दिन एक्टिव रहना भी कैलोरी कम करने में मदद करता है।
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4. अनहेल्दी खाना
वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान ईटिंग विंडो में भी लोगों को हेल्दी खाना चाहिए, लेकिन लोग मीठी कॉफी, पैकेट वाले जूस या सोडा ड्रिंक्स ज्यादा मात्रा में पीते हैं। इसके अलावा अपनी डाइट में भी अनहेल्दी फूड्स को शामिल करते हैं, जो वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण बनता है।
5. वॉटर रिटेंशन
इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वालों में ज्यादा नमक का सेवन भी मोटापा बढ़ने का कारण बन सकता है। खाने में ज्यादा सोडियम शामिल करने से शरीर पानी रोकने लगता है, जो आप में मोटापा दिखाता है।
निष्कर्ष
इंटरमिटेंट फास्टिंग सबसे अच्छा तब काम करती है, जब इसे प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर फूड, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी, अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट के साथ किया जाए, क्योंकि सिर्फ फास्टिंग करने से वजन कम नहीं होता है, बल्कि इन बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है।
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Feb 26, 2026 16:48 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 26, 2026 16:48 IST
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Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Edwina Raj