Fri Oct 9, 2026 | 06:46 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

बार-बार बैठ जाती है आवाज? इसे सामान्य गले की थकान न समझें, डॉक्टर से जानें 5 कारण

कई लोगों की आवाज भारी होने लगती है या बैठने लगती है। हालांकि, उन्हें गले से जुड़ी कोई समस्या नहीं होती। इसके बावजूद बार-बार गला बैठना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इस लेख में डॉक्टर ने इसके कारणों को विस्तार से समझाया है।
बार-बार बैठ जाती है आवाज? इसे सामान्य गले की थकान न समझें, डॉक्टर से जानें 5 कारणबार-बार बैठ जाती है आवाज? इसे सामान्य गले की थकान न समझें, डॉक्टर से जानें 5 कारण

सुबह उठते ही आवाज भारी लगना, बात करते-करते आवाज का धीमा पड़ जाना या कुछ दिनों में बार-बार आवाज बैठ जाना, इन समस्याओं को लोग अक्सर गले की थकान समझकर छोड़ देते हैं। हालांकि, कई मामलों में अगर कोई लगातार ज्यादा बात करता है, तेज आवाज में बोलता है या हाल ही में सर्दी-जुकाम हुआ हो, तो गले की थकान हो सकती है, लेकिन अगर आवाज बार-बार बैठ रही है या आवाज में बदलाव लंबे समय तक बना रहता है, तो इसकी वजह सिर्फ गले का इंफेक्शन नहीं हो सकती। इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, ENT Expert, MedFirst ENT Centre, Delhi से बात की।

आवाज भारी होने के 5 कारण

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “आवाज वोकल कोर्ड्स के कंपन से बनती है। जब इस पर सूजन, जलन या किसी तरह का बदलाव होता है, तो आवाज भी बदल सकती है। बार-बार होने वाले भारीपन को सिर्फ गला खराब है समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं।”

1. ज्यादा बोलना या तेज आवाज में बात करना

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “अगर कोई बहुत तेज आवाज में बात करता है या अक्सर चिल्लाता रहता है, तो इसका असर आवाज पर पड़ सकता है। लगातार वोकल कॉर्ड्स का इस्तेमाल करने से उनमें इरिटेशन हो सकती है। कई बार देखा होगा कि टीचर्स, सिंगर्स, एंकर्स या कॉल सेंटर्स में काम करने वाले लोगों का गला हमेशा बैठा हुआ रहता है, क्योंकि उन्हें दिनभर बोलना पड़ता है। इसलिए उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है।”

2. सर्दी-जुकाम होना

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj का कहना है, “सर्दी-जुकाम के दौरान सिर्फ नाक बंद या गले में खराश ही नहीं होती, आवाज भी बदल सकती है। वायरल इंफेक्शन की वजह से लारनेक्स और वोकल कोर्ड्स में सूजन आ जाए तो आवाज भारी, कर्कश या बैठी हुई लग सकती है। इसे लारिन्जाइटिस (laryngitis) कहा जाता है। इन मामलों में आमतौर पर इंफेक्शन ठीक होने के साथ आवाज भी धीरे-धीरे सामान्य हो जाती है। इस दौरान बार-बार गला साफ करने या जोर लगाकर बोलने से बचना बेहतर होता है।”

3. एसिड रिफ्लक्स की बीमारी होना

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने बताया कि कुछ लोगों को सुबह उठने के बाद आवाज भारी या बैठी हुई लगती है, तो इसका कारण एसिड रिफ्लक्स हो सकता है। एसिड रिफ्लक्स में पेट का एसिड ऊपर की तरफ आ सकता है। इससे गले में इरिटेशन और जलन हो सकती है। कुछ लोगों को इसके साथ गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना, बार-बार गला साफ करने जैसी समस्या या खांसी जैसी शिकायत भी हो सकती है।

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4. स्मोकिंग और तंबाकू खाना

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj के अनुसार, स्मोकिंग और तंबाकू न सिर्फ फेफड़ों के लिए ही नुकसानदायक होता है, बल्कि इसका असर गले और वोकल कोर्ड्स पर भी पड़ सकता है। सिगरेट के धुएं और तंबाकू के केमिकल्स से गले और वोकल कॉर्ड्स में जलन हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति स्मोकिंग या तंबाकू का इस्तेमाल करता है और उसकी आवाज में लगातार बदलाव बना हुआ है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. वोकल कोर्ड्स नोड्यूल्स या पॉलिप्स

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj का मानना है कि कभी-कभी आवाज में बार-बार बदलाव वोकल कोर्ड्स पर नोड्यूल्स या पॉलिप्स का बनना भी हो सकता है। ये समस्याएं खासकर उन लोगों में देखने को मिल सकती हैं जो लंबे समय तक अपनी आवाज का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मामलों में आवाज भारी या कर्कश लग सकती है और आराम करने के बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं होती।

रिसर्च क्या कहती है?

National Institute on Deafness and Other Communication Disorders (NIDCD) के अनुसार भी बार-बार आवाज बैठने के कारण लैरिंजाइटिस, चिल्लाना, लगातार बोलते रहना, GERD, वोकल नोड्यूल्स, पॉलिप्स और सिस्ट, वोकल फोल्ड हेमरेज और न्यूरोलॉजिकल बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा, जिन लोगों को थायराइड की समस्या होती है, उन्हें भी आवाज से जुड़ी समस्या हो सकती है।

आवाज बैठने पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने आवाज बैठने से रोकने के लिए ये सलाह दी है।

  • आवाज को आराम दें। लगातार बोलते रहने, चिल्लाने या जोर लगाकर आवाज निकालने से बचें।
  • पर्याप्त पानी पीते रहें।
  • स्मोकिंग या तंबाकू से दूरी बनाएं।
  • अगर किसी खास चीज से गले में इरिटेशन बढ़ती है, तो उससे बचने की कोशिश करें।
  • बार-बार गला साफ करने की आदत वोकल कोर्ड्स में इरिटेशन कर सकती है। इसलिए बार-बार गला साफ करने की आदत से बचें।
  • अगर समस्या एसिड रिफ्लक्स से जुड़ी लगती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर उसका सही इलाज कराएं।

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निष्कर्ष
अगर आवाज बैठने की समस्या बार-बार हो ररी है या लंबे समय से बनी हुई है, तो इसकी वजह जानना बहुत जरूरी है। खासतौर पर अगर आवाज में बदलाव के साथ निगलने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत, लगातार गले में दर्द, खून आना या गर्दन में गांठ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जल्द जांच करवानी चाहिए।

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FAQ

  • क्या आवाज बैठी होने पर फुसफुसाकर बात करना वोकल कॉर्ड्स के लिए सुरक्षित होता है?

    फुसफुसाकर बोलने से वोकल कॉर्ड्स पर सामान्य रूप से बोलने की तुलना में दोगुना दबाव और तनाव पड़ता है। आवाज बैठी होने पर पूरी तरह शांत रहना या बहुत धीमी व स्वाभाविक आवाज में बोलना ही बेहतर है।
  • गरम पानी में नमक डालकर गरारे करने से बैठी आवाज ठीक क्यों नहीं होती?

    नमक के पानी के गरारे केवल ऊपरी गले तक पहुंचते हैं, जबकि वोकल कॉर्ड्स वायुमार्ग के अंदर स्थित होती हैं। स्वर तंत्रियों को नमी देने के लिए सादे पानी की भाप लेना सबसे प्रभावी उपाय है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 04, 2026 19:34 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Sep 04, 2026 19:34 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj