Thu Sep 24, 2026 | 10:07 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Chopra , Pediatrician and Neonatologist

बच्चा मिट्टी या दीवार पर लगा पेंट क्यों खाता है? डॉक्टर से जानें कारण और रोकने के उपाय

कई बार बच्चे मिट्टी, चॉक या दीवार पर लगा पेंट खाने लगते हैं और बार-बार मना करने के बावजूद नहीं छोड़ते। इसका कारण सिर्फ उनकी शरारत नहीं होता, बल्कि शररी में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकता है। इस लेख में डॉक्टर ने इसके कारणों और रोकने के तरीकों को विस्तार से समझाया है।  
बच्चा मिट्टी या दीवार पर लगा पेंट क्यों खाता है? डॉक्टर से जानें कारण और रोकने के उपायबच्चा मिट्टी या दीवार पर लगा पेंट क्यों खाता है? डॉक्टर से जानें कारण और रोकने के उपाय

बच्चे का मिट्टी या दीवार का पेंट खाना सिर्फ आदत नहीं होती। कई बार पेरेंट्स को लगता है कि बच्चा नई चीज देखकर ऐसी हरकत कर रहा है। अगर बच्चा मना करने के बावजूद भी बार-बार ऐसा करता है, तो इसका कारण शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी हो सकती है। इस बारे में Dr. Abhishek Chopra, Consultant Pediatrician and Neonatologist, Cloudnine Group of Hospitals, New Delhi कहते हैं कि अगर बच्चा बार-बार ऐसी चीजें खाता है, जिसमें कोई न्यूट्रिशनल वैल्यू नहीं है। इसे पायका (Pica) कहा जाता है। इसका कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकता है।

बच्चों के मिट्टी या पेंट खाने की आम वजह क्या है?

Medlineplus के अनुसार, पायका की समस्या वयस्कों के मुकाबले छोटे बच्चों में ज्यादा देखी जाती है। 1 साल से लेकर 6 साल की उम्र के करीब एक तिहाई बच्चों में इस तरह का व्यवहार देखा जा सकता है। हालांकि, इसके कारणों की सटीक जानकारी नहीं है।

Dr. Abhishek Chopra कहते हैं, “मेरे पास कई ऐसे मामले आते हैं, जिसमें पेरेंट्स बच्चों के मिट्टी या दीवार पर लगे पेंट खाने की आदत से परेशान होते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों का आयरन और अन्य टेस्ट किए जाते हैं, ताकि समस्या के बारे में पता चल सके।”

आयरन की कमी

Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “बच्चों की इस आदत का कारण आयरन की कमी हो सकती है। कई मामलों में बच्चों को एनीमिया हो सकता है और इस वजह से कई बच्चे पेंट, चॉक या मिट्टी खाने लगते हैं। बच्चों की हेल्थ कंडीशन को देखते हुए डॉक्टर हीमोग्लोबिन और आयरन स्टेटस की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, इस बात समझना भी जरूरी है कि हर बच्चे में मिट्टी या चॉक खाने का मतलब सिर्फ आयरन की कमी नहीं होता। इसलिए खुद से आयरन सप्लीमेंट या सिरप न दें। बच्चों में आयरन कितना होना चाहिए, इसकी जानकारी डॉक्टर से ही लें।”

जिंक की कमी

Dr. Abhishek Chopra ने बताया कि जिंक की कमी की वजह से भी बच्चे मिट्टी या चॉक खाने लगते हैं। इसलिए ऐसे बच्चों के विटामिन या मिनरल्स की जांच करानी चाहिए। इसके अलावा, बच्चे की डाइट, लक्षण और जरूरत पड़ने पर जांच कराना भी महत्वपूर्ण है।

Cleveland Clinic के अनुसार, बच्चों में ऐसा करने की वजह जिंक की कमी हो सकती है। इसलिए अगर बच्चे की मिट्टी खाने या दीवारों के पेंट खाने की आदत कम नहीं हो रही, तो आयरन और जिंक का चेकअप कराया जा सकता है।

Causes of Children Eating Chalk or SoilCauses of Children Eating Chalk or Soil

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मेंटल हेल्थ

Cleveland Clinic के अनुसार, कई बार मेंटल कंडीशंस खुद ही विकसित हो सकती हैं। वहीं कुछ स्थितियां मां के गर्भ में विकास के दौरान आई रुकावटों के कारण जन्म से ही बच्चों में आ जाती हैं। इसके अलावा, बच्चों के मिट्टी खाने के कारण जेनेटिक भी हो सकते हैं।

मिट्टी खाने से क्या नुकसान हो सकता है?

Dr. Abhishek Chopra कहते हैं, “मिट्टी खाना सिर्फ न्यूट्रिशन की कमी से जुड़ा मामला नहीं है। इसके कई कारण हो सकते हैं। मिट्टी में कीड़े या उनके अंडे, बैक्टीरिया और दूसरे प्रदूषक मौजूद हो सकते हैं। इसके कारण बच्चे को पेट से जुड़ी परेशानियां या संक्रमण होने का रिस्क हो सकता है। पेंट में लीड जैसे हानिकारक पदार्थ भी मौजूद हो सकते हैं, जो पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।”

बच्चों को मिट्टी खाने की आदत कैसे छुड़ाएं?

Dr. Abhishek Chopra ने सलाह दी है कि पेरेंट्स, बच्चों को मिट्टी या पेंट खाने की आदत छुड़वाने के कई तरीके अपना सकते हैं।

  • अगर बच्चा मिट्टी या पेंट खा रहा है, तो उसे बार-बार डांटें या शर्मिंदा न करें।
  • बच्चे को ये चीजें न खाने पर ईनाम के तौर पर कुछ पौष्टिक चीजें खाने को दें।
  • बच्चे की इस आदत को जरूर चेक करें कि वह कितनी बार और कब ऐसा कर रहा है।
  • बच्चे को किसी खेल या उसकी मनपसंद चीजों में व्यस्त करें।

बच्चे की डाइट में किन चीजों पर ध्यान दें?

Dr. Abhishek Chopra ने कहा कि बच्चे को संतुलित आहार देना जरूरी है। खाने में आयरन से भरपूर चीजें जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बींस, दूसरी फलियां, अंडा और मांस शामिल की जा सकती है। आयरन वाले खाने के साथ विटामिन C से युक्त खाने की चीजें लेने से इसका अवशोषण करने में मदद मिल सकती है। 

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डॉक्टर की सलाह

Dr. Abhishek Chopra ने कहा कि अगर बच्चा कभी-कभार मिट्टी या दूसरी चीजें मुंह में डाल लेता है, तो ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। अगर बच्चे में ये लक्षण दिखाई दें, तो उसे नजरअंदाज न करें।

  • बच्चा बार-बार मिट्टी, चॉक या पेंट जैसी चीजें खाता है।
  • बच्चा बहुत थका हुआ नजर आता है।
  • उसकी स्किन पर पीलापन महसूस होता है।
  • भूख कम लगती है।
  • वजन या लंबाई उम्र के हिसाब से ठीक से नहीं बढ़ रही है।
  • पेट में दर्द या इससे जुड़ी परेशानी बार-बार होती है।

निष्कर्ष
बच्चे का मिट्टी, चॉक या पेंट खाना सीधे तौर पर आयरन की कमी नहीं हो सकती है, लेकिन अगर बच्चा बार-बार ऐसा कर रहा है, तो उसके व्यवहार को चेक करना जरूरी है। इसलिए बच्चे को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई सप्लीमेंट्स न दें। इसके अलावा, बच्चे को इस आदत के लिए बार-बार न डांटें, बल्कि उसे सही तरीके से समझाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • मिट्टी या दीवार का पेंट खाने वाले बच्चे में डीवर्मिंग की दवा कब देनी चाहिए?

    1 साल से बड़े बच्चों को हर 6 महीने में एक बार पेट के कीड़े खत्म करने की दवा की सलाह दी जाती है, ताकि पोषण का अवशोषण सही रहे।
  • बच्चे में मिट्टी या पेंट खाने की आदत से दांतों को क्या नुकसान होता है?

    मिट्टी में छोटे-छोटे कंकड़-पत्थर और पेंट में सख्त कण होते हैं। इन्हें लगातार चबाने से दांतों का एनेमल घिस जाता है, दांत में दरार पड़ सकती है और मसूड़ों में गंभीर इंफेक्शन हो सकता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 24, 2026 20:07 IST

    Published By : Aneesh Rawat
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