बच्चें को मुंह पर थप्पड़ मार देना या उसका कान खींच देना, पेरेंट्स को मामूली लग सकता है, लेकिन चेहरे पर थप्पड़ मारने के उसकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। बार-बार बच्चे के चेहरे पर थप्पड़ मारने से कई बार चोट इतनी तेज हो सकती है कि बच्चे का कान, नाक या आंख पर भी असर पड़ सकता है। इस बारे में Dr. Abhishek Chopra, Senior Consultant, Paediatrician and Neonatologist, Cloudnine Group of Hospitals, New Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि बार-बार थप्पड़ खाने से बच्चे के मन में डर पैदा हो सकता है और वह अपनी बात खुलकर कहने से भी बचने लग सकता है। इसलिए बच्चे को मारने के बजाय उसे अनुशासन सिखाना जरूरी है।
बच्चे के मुंह पर थप्पड़ मारने के 6 नुकसान
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल 0 से 18 साल तक के करीब 1.2 अरब बच्चों को घर पर शारीरिक दंड दिया जाता है, जबकि स्कूलों में एक चौथाई से लेकर आधे बच्चे शारीरिक दंड का सामना करते हैं। इससे उनके शरीर और दिमाग के अलावा, पढ़ाई और उनके रोजाना के काम को बुरी तरह से नुकसान पहुंचता है।
Dr. Abhishek Chopra कहते हैं कि मुंह पर थप्पड़ मारने से बच्चों की आंखें और कान के पर्दे प्रभावित हो सकते हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों को मुंह पर मारने से बचना चाहिए।
1. कान के पर्दे को नुकसान पहुंचना
Dr. Abhishek Chopra ने बताया कि बच्चे के चेहरे पर थप्पड़ मारने से कान के आसपास तेज दबाव पड़ सकता है। अगर थप्पड़ सीधे कान पर लगे, तो कान के पर्दे को चोट लगने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को कान में तेज दर्द, सुनने में परेशानी या घंटी जैसी आवाज सुनाई दे सकती है। गंभीर चोट लगने पर कान का पर्दा फट भी सकता है। कई बार छोटे बच्चे कान में दर्द होने की शिकायत तक नहीं कर पाते। इसलिए थप्पड़ लगने के बाद अगर बच्चा बार-बार कान पकड़ रहा है, दर्द की शिकायत कर रहा है या आवाज नहीं सुन रहा, तो एक बार डॉक्टर से चेक जरूर कराएं।
2. आंख और चेहरे पर चोट लगना
Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “चेहरे पर जोर से थप्पड़ मारने से आंखों के आसपास की त्वचा पर सूजन या खरोंच आ सकती है। अगर हाथ सीधे बच्चे की आंख के आस-पास लग जाए, तो आंख पर सीधी चोट भी लग सकती है। कई बार बच्चे की देखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए थप्पड़ लगने के बाद बच्चे को आंखों में तेज दर्द हो, धुंधला दिखाई दे या नजर में अचानक बदलाव आए, तो इसे डॉक्टर को दिखाएं।”
3. सिर में चोट लगने का खतरा
Dr. Abhishek Chopra के मुताबिक, कई बार बच्चे को थप्पड़ इतनी तेज लगता है कि उसका सिर अचानक तेजी से एक तरफ घूम जाता है। अगर ऐसे में वह किसी चीज से टकरा जाए, तो उसे सिर पर गंभीर चोट भी लग सकती है। अगर बच्चे का सिर दीवार या किसी हार्ड चीज से टकरा गया है, तो उसके लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। बच्चे को बेहोशी, बार-बार उल्टी होना, तेज सिरदर्द या बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। वैसे मुहं पर थप्पड़ लगने पर दिमाग पर सीधे तौर पर चोट नहीं लगती, लेकिन किसी चीज से सिर टकरने पर नुकसान जरूर हो सकता है।
Risks of Slapping a Child
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4. बच्चे के मन में डर बढ़ना
Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “मैंने कई मामले देखें हैं, जिसमें पेरेंट्स आकर बताते हैं कि थप्पड़ मारने से बच्चा डर से उनकी बात मानने लगेगा, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार बच्चा उस समय तो चुप रह जाता है, लेकिन जरूरी नहीं है कि वह अपनी गलती मान लें। बार-बार मुंह पर थप्पड़ मारने से बच्चे के मन में डर जरूर बैठ सकता है। इस वजह से बच्चे अपनी परेशानी बताने से डरने लगते हैं और वे अपने पेरेंट्स से दूर होने लगते हैं।”
5. बच्चे में गुस्सा बढ़ना
Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “कई बार पेरेंट्स को लगता है कि मुंह पर थप्पड़ मारना बच्चे को अनुशासन सिखाने के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी समझना होगा कि आपके इस व्यवहार से उसे लगेगा कि गलती करने पर मारपीट की जा सकती है। उसे लगता है कि गुस्सा आने पर दूसरों को मारना सही है। इसलिए कई मामलों में देखा गया है कि जो बच्चे घर पर थप्पड़ या मारपीट के शिकार होते हैं, उनमें गुस्सा बहुत ज्यादा होता है और वे छोटी-छोटी बात पर दूसरे बच्चों को मारने, धक्का देने या गुस्सा करने लगते हैं।”
6. पेरेंट्स पर भरोसा कम होना
Dr. Abhishek Chopra ने बताया कि पेरेंट्स को ऐसा बनना चाहिए कि अगर बच्चे को कुछ भी समस्या हो, तो वह उन्हें अपनी बात बता सके, लेकिन अगर बच्चा घर पर थप्पड़ या मार खाता है, तो उसके मन में अपने पेरेंट्स के लिए डर पैदा हो जाता है। इसलिए कुछ बच्चे अपनी गलतियां छिपाने लगते हैं। उन्हें लगता है कि सच बताने पर डांट या मार पड़ सकती है। ऐसे में वे स्कूल में हुई परेशानी या किसी दूसरे बच्चे के साथ हुए झगड़े के बारे में भी खुलकर नहीं बताते। इसलिए घर के माहौल को डर वाला नहीं बनाना चाहिए।
रिसर्च क्या कहती है?
Journal of Family Psychology में प्रकाशित एक मेटा-विश्लेषण में 1,60,927 बच्चों से जुड़े रिसर्च के निष्कर्षों का आकलन किया गया। इसमें पाया गया कि बच्चों को थप्पड़ या शारीरिक दंड देने पर बच्चों में कई तरह के नेगेटिव इफैक्ट्स देखने को मिले हैं। हालांकि, इसमें चेहरे पर थप्पड़ मारने से कान या आंख से जुड़ी चोटों के बारे में बात नहीं की गई। इसमें रिसर्च में बच्चों की मेंटल हेल्थ पर पड़ने वाले नेगेटिव प्रभाव की बात की गई है।
बच्चे को अनुशासन कैसे सिखाएं?
Dr. Abhishek Chopra ने पेरेंट्स को बच्चों को अनुशासित करने की कुछ ये सलाह दी है।
- अगर बच्चे की किसी बात पर बहुत गुस्सा आ रहा है, तो तुरंत बोलने या चिल्लाने के बजाय कुछ समय रुकें। शांत होने के बाद बच्चे से बात करें।
- अगर बच्चे का व्यवहार गलत लग रहा है, तो उसे शांति से समझाएं कि उसका व्यवहार क्यों गलत था और अगली बार उसे क्या करना चाहिए।
- जब बच्चा कोई अच्छा काम करता है, तो उसकी तारीफ करें।
- बच्चों के साथ प्यार से रहें और उन्हें प्यार से ही सिखाएं। इससे बच्चे में डर पैदा नहीं होगा।
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निष्कर्ष
बच्चे की गलती पर उसे मुंह पर थप्पड़ मार देना सही तरीका नहीं है। कई बार तेज थप्पड़ से बच्चे को मुंह पर चोट, आंख या कान के पर्दे पर असर पड़ सकता है। बच्चों की मेंटल कंडीशन पर भी नेगेटिव असर पड़ सकता है। बच्चे धीरे-धीरे अपने पेरेंट्स को गलती बताने से डरने लगते हैं। इसलिए बच्चों को थप्पड़ मारने के बजाए उसे प्यार से समझाएं।
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FAQ
क्या चेहरे पर मार खाने से बच्चों में बोलने में हकलाहट शुरू हो सकती है?
अचानक लगे तेज मानसिक आघात और डर के कारण कुछ सेंसेटिव बच्चों में स्पीच मोटर कंट्रोल में फर्क आ सकता है। डर और घबराहट की वजह से बच्चा शब्दों को दोहराने या हकलाने लगता है।क्या गाल पर लगने वाले थप्पड़ से लार ग्रंथि को नुकसान हो सकता है?
गाल के पिछले हिस्से और कान के ठीक नीचे पैरोटिड ग्रंथि होती है। तेज थप्पड़ से इस ग्रंथि या इसकी नली में सूजन, खून का थक्का या रुकावट आ सकती है, जिससे बच्चे के गाल में गांठ, खाना चबाते समय तेज दर्द या मुंह सूखने की समस्या पैदा हो सकती है।
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Oct 26, 2026 13:43 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Abhishek Chopra
