Fri Oct 9, 2026 | 02:46 PM IST

Medically Reviewed by Archana Singhal , Counsellor & Family Therapist

क्या परीक्षा या स्कूल जाने के समय बच्चे को पेट में दर्द होता है? एक्सपर्ट से जानें क्यों तनाव हो सकता है वजह

कई बार बच्चे सुबह उठकर पेट दर्द की शिकायत करते हैं, तो पेरेंट्स इसे बहाना मान लेते हैं। कई बार बच्चों के पेट में दर्द का कारण स्ट्रेस हो सकता है। इस लेख में एक्सपर्ट ने विस्तार से स्ट्रेस और पेट दर्द के बीच के कनेक्शन को समझाया है।
क्या परीक्षा या स्कूल जाने के समय बच्चे को पेट में दर्द होता है? एक्सपर्ट से जानें क्यों तनाव हो सकता है वजहक्या परीक्षा या स्कूल जाने के समय बच्चे को पेट में दर्द होता है? एक्सपर्ट से जानें क्यों तनाव हो सकता है वजह

स्कूल जाने से पहले या किसी एक्जाम से पहले कई बार बच्चे पेट में दर्द की बात कहते हैं। ऐसे समय में पेरेट्स हमेशा सोचते हैं कि बच्चा स्कूल जाने से घबरा रहा है या फिर बहाना बना रहा है। ऐसे में पेरेंट्स बच्चे के खानपान को ही चेक करते हैं या फिर पेट से जुड़ी परेशानी ही समझते हैं, लेकिन कई बार इसकी वजह तनाव या एंग्जायटी भी हो सकती है। इस बारे में माइंडवेल काउंसल की संस्थापक, काउंसलर और फैमिली थेरेपिस्ट अर्चना सिंघल (Archana Singhal, Counsellor & Family Therapist and Founder of Mindwell Counsel) ने बताया कि बच्चे हमेशा शब्दों में यह नहीं बता पाते कि उन्हें तनाव हो रहा है। कई बार उनकी परेशानी शारीरिक लक्षणों के रूप में सामने आती है। ऐसे में पेट दर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना या नींद में बदलाव को समझने के लिए बच्चे के इमोशंस पर भी ध्यान देना चाहिए।

स्ट्रेस होने पर बच्चे के पेट में दर्द क्यों होता है?

Archana Singhal का कहना है, “कई बार मेरे पास पेरेंट्स आते हैं, जो बताते हैं कि उकना बच्चा एग्जाम या किसी टेस्ट से पहले पेट दर्द की शिकायत करता है, तो ऐसे में कई बार उसका कारण स्ट्रेस ही निकलता है। वह कोई बहाना नहीं बना रहा होता, बल्कि स्ट्रेस के कारण उसे पेट में दर्द हो सकता है। दरअसल, जब बच्चा किसी बात से डरा हुआ या परेशान होता है, तो उसके शरीर में तनाव से जुड़ी प्रतिक्रिया शुरू हो सकती है। इसे फाइट या फ्लाइट कहा जाता है और इससे निपटने के लिए शरीर कोर्टिसोल व एड्रेनालाईन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है । इससे पेट में ऐंठन, बेचैनी, जी मिचलाने या टॉयलेट जाने की आदत में बदलाव महसूस हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे के पेट दर्द को सीधे तनाव से जोड़ दिया जाए। पहले यह पता लगाना जरूरी है कि कहीं इसके पीछे कोई शारीरिक समस्या तो नहीं है।”

Mayo Clinic Health System के अनुसार, बच्चों में पेट दर्द का तनाव या चिंता के दौरान शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे पेट में दर्द, सिरदर्द, नींद की परेशानी और स्कूल में ध्यान लगाने में मुश्किल शामिल हो सकती है।

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बच्चों में पेट दर्द का कारण गट-ब्रेन कनेक्शन

Archana Singhal कहती हैं, “दिमाग और पाचन तंत्र के बीच लगातार मैसेज करते हैं, इसे गट-ब्रेन कनेक्शन कहा जाता है। इस वजह से स्ट्रेस के कारण पेट में परेशानी हो सकती है। कुछ बच्चें आंतों और दिमाग के बीच होने वाले संकेतों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं। ऐसे में उनके पेट में गैस बनना या आंतों में खिंचाव भी ज्यादा दर्दनाक महसूस हो सकती हैं। इस वजह से कई बार डॉक्टर चेकअप के बाद भी पेट दर्द का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता पाते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चा पेट में दर्द का बहाना बना रहा है।”

बच्चा किन स्थितियों में पेट दर्द की शिकायत करता है?

Archana Singhal ने बताया कि अगर बच्चे को बार-बार पेट में दर्द होता है, तो पेरेंट्स को यह देखना चाहिए कि बच्चा किन परिस्थितियों में शिकायत कर रहा है?

  • क्या बच्चा स्कूल के दिनों में पेट दर्द की शिकायत करता है, लेकिन छुट्टी के दिन ऐसा कम होता है।
  • टेस्ट, एग्जाम या किसी कॉम्पिटिशन में भाग लेने लगा, तो उसे घबराहट और पेट में परेशानी होने लगती है।
  • बच्चा ठीक से सो नहीं पाता और रात में बेचैन रहता या सुबह उठने पर थका हुआ महसूस करता है।
  • बच्चा पहले से ज्यादा चिड़चिड़ा हो गया है और लोगों से मिलने से बचता है या पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा रहा।

बच्चे को पेट दर्द होने पेरेंट्स को क्या करना चाहिए?

Archana Singhal ने पेरेंट्स को सलाह दी है कि अगर बच्चे को बार-बार पेट में दर्द हो रहा है, तो उन्हें ये करना चाहिए।

  • अगर बच्चा बार-बार पेट दर्द की शिकायत करता है, तो उसे यह न कहें कि सब उसके दिमाग में है या वह स्कूल से बचने के लिए ऐसा कर रहा है। पहले उसकी परेशानी समझें।
  • सीधा सवाल न करें कि क्या उसे किसी बात की टेंशन है, बल्कि उससे जानने की कोशिश करें कि स्कूल में दिन कैसा रहा, किसी बात से परेशानी तो नहीं हुई या कोई ऐसी चीज है जिसे लेकर वह परेशान तो नहीं है। बच्चे को अपनी बात कहने के लिए समय दें।
  • बच्चे के साथ दिन में कुछ समय बैठें। उसके साथ कहानी पढ़ें या उसकी कोई पसंदीदा एक्टिविटीज जरूर करें।
  • बच्चे के सोने, उठने, खाने और खेलने का समय लगभग रोजाना एक जैसा ही रखने की कोशिश करें।
  • बच्चे को रोजाना पढ़ाई के अलावा, खेल और आराम के लिए भी समय देना चाहिए।
  • अगर बच्चा स्कूल जाने से रोजाना घबराता है, तो उसकी परेशानी को समझकर स्कूल टीचर से जरूर मिलें।

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निष्कर्ष
हालांकि, हर बार तनाव को पेट दर्द का कारण न समझें। इसके साथ बच्चे के पेट की जांच भी जरूर कराएं। अगर बच्चे को पेट दर्द लगातार कई दिनों तक बना हुआ है या इसके साथ तेज सिरदर्द, बुखार या उल्टी आए, तो डॉक्टर से चेकअप कराएं। कई बार पेट दर्द का कारण कब्ज, इंफेक्शन या पाचन से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती है। शारीरिक समस्याओं को साथ-साथ बच्चों की भावनाओं को भी समझने की कोशिश करनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या पेट के इस तनाव-जनित दर्द के लिए बार-बार पेनकिलर देना सुरक्षित है?

    बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर या एंटीबायोटिक न दें। पेनकिलर देने से पेट की अंदरूनी परत में जलन बढ़ सकती है। तनाव के कारण होने वाले दर्द में दवा से ज्यादा आश्वासन, काउंसिलिंग और आराम काम आता है।
  • रात को देर तक जागकर पढ़ाई करने का बच्चे के पेट दर्द से क्या संबंध है?

    पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर का सर्काडियन रिदम बिगड़ जाता है और तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। नींद पूरी न होने पर पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे सुबह पेट में गैस, एसिडिटी और मरोड़ महसूस होती है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 09, 2026 13:22 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Archana Singhal