Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

बच्चों में सफेद बाल सिर्फ जेनेटिक नहीं, शरीर में इन 5 न्यूट्रिएंट्स की कमी भी हो सकती है वजह

बच्चों के बाल सफेद होना बीमारियों के अलावा शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। बच्चों में कौन-से पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जानने के लिए पढ़ें यह लेख।  

बालों का असमय सफेद होना बहुत आम होता जा रहा है, लेकिन बच्चों के बाल सफेद होना चिंता का विषय हो सकता है। कई बार जेनेटिकल कारणों की वजह से बाल सफेद हो सकते हैं। इसके अलावा, बच्चे खाने-पीने में बहुत ज्यादा नखरे करते हैं और इस वजह से उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसका असर बालों पर पड़ सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के शरीर में कौन-से पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसे जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा (Cosmetologist and Skin Disease Specialist) से बात की।

बच्चों के बाल सफेद होना का कारण पोषक तत्वों की कमी

Dr. Karuna Malhotra कहती हैं, “बालों का रंग मेलानिन पिगमेंट तय करता है और बालों की जड़ों में मौजूद कोशिकाएं इस पिगमेंट को बनाती है। शरीर को इसके लिए कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है। अगर बच्चे की डाइट लंबे समय तक संतुलित नहीं है, तो कुछ विटामिन और मिनरल्स की कमी बालों की सेहत और रंग पर असर डाल सकती है।”

1. विटामिन B12 की कमी

Dr. Karuna Malhotra ने बताया कि विटामिन B12 शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बनाने और नर्व सिस्टम के फंक्शन के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर एनीमिया समेत कई समस्याएं हो सकती हैं। अगर बच्चे की डाइट में दूध-दही, अंडा, मछली, मांस या अन्य B12 स्रोत बहुत कम हैं, तो डॉक्टर इसकी जांच की सलाह दे सकते हैं। B12 की कमी के कारण बच्चे में कमजोरी, थकान, चक्कर या त्वचा का रंग पीला पड़ना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।”

2. आयरन की कमी

Dr. Karuna Malhotra ने कहा, “आयरन की कमी बच्चों में काफी आम समस्या है और इसका सीधा संबंध एनीमिया से है। शरीर में आयरन की कमी होने पर हिमोग्लोबिन का स्तर प्रभावित होता है और शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम हो सकती है। आयरन की कमी के कारण कुछ बच्चों के बाल सफेद होने का कारण हो सकता है। इसलिए आयरन को पूरा करने के लिए डाइट में दालें, चना, राजमा, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल और अंडा शामिल किया जा सकते हैं।”

3. कॉपर की कमी

Dr. Karuna Malhotra के अनुसार, कॉपर शरीर के लिए कम मात्रा में जरूरी होने वाला मिनरल है, लेकिन इसका काम महत्वपूर्ण है। यह कई एंजाइमों के काम में भूमिका निभाता है। इनमें टायरोसिनेज (Tyrosinase) भी शामिल है, जो मेलानिन बनने की प्रक्रिया से जुड़ा है। कई बार जिन बच्चों में कॉपर की कमी होती है, उनमें बालों का सफेद होना पाया जा सकता है। हालांकि, बच्चों में सफेद बाल आने पर सिर्फ कॉपर की कमी मान लेना सही नहीं होगा। कॉपर की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में मेवे, बीज, दालें और साबुत अनाज इसके स्रोत हैं।

white hair in kids

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4. विटामिन D की कमी

Dr. Karuna Malhotra ने बताया कि विटामिन D का नाम आमतौर पर हड्डियों और कैल्शियम के साथ लिया जाता है, लेकिन शरीर में इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा है। बालों के फॉलिकल्स को बनाने के लिए विटामिन D की जरूरत होती है। अगर बच्चे को धूप बहुत कम मिलती है या डॉक्टर को इसकी कमी महसूस होती, तो ब्लड टेस्ट के बाद जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट दिया जा सकता है।

5. प्रोटीन की कमी

Dr. Karuna Malhotra ने कहा, “बच्चों की ग्रोथ के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है। लंबे समय तक पर्याप्त प्रोटीन न मिलने पर शरीर के कई हिस्सों पर असर पड़ सकता है और बालों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। बहुत ज्यादा प्रोटीन की कमी में हाइपोपिग्मेंटेशन, यानी त्वचा या बालों के सामान्य रंग में कमी जैसी स्थिति देखी जा सकती है। इसलिए बच्चे के भोजन में पर्याप्त प्रोटीन होना जरूरी है। इसलिए दाल, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोया, मछली और मांस जैसे फूड्स को बच्चे की उम्र और डाइट के अनुसार दिए जा सकते हैं।”

क्या कहती है रिसर्च?

ResearchGate में प्रकाशित जर्नल के अनुसार, शरीर में विटामिन B 12 की कमी से बच्चों में समय से पहले सफेद बाल हो सकते हैं। खासतौर पर जो बच्चे शाकाहारी होते है, उनमें विटामिन B12 की कमी होने का रिस्क ज्यादा पाया जा सकता है। इसके अलावा, जर्नल में बताया गया है कि आयरन की कमी के कारण एनीमिया होने से बाल सफेद होे की समस्या हो सकती है।

क्या सिर्फ डाइट सुधारने से सफेद बाल फिर काले हो जाएंगे?

Dr. Karuna Malhotra कहती हैं कि वैसे तो यह बच्चों के बाल सफेद होने के कारणों पर निर्भर करता है। अगर बच्चों के बाल सफेद होने का कारण पोषक तत्वों की कमी है, तो डाइट में बदलाव ककरे इसे आगे होने वाले बदलाव को रोकने में मदद मिल सकती है, लेकिन पहले से सफेद हो चुके बाल हमेशा दोबारा काले हो जाएं, यह जरूरी नहीं है। अगर फैमिली हिस्ट्री है, तो इसे न्यूट्रिशन के जरिए मैनेज करने की कोशिश की जा सकती है।

बच्चों के सफेद होने पर पेरेंट्स को क्या करना चाहिए?

Dr. Karuna Malhotra ने पेरेंट्स को कुछ खास सलाह दी है, ताकि बच्चों के बालों को सफेद होने से रोका जा सके।

  • बच्चों की डाइट में सभी जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करें।
  • बच्चे को सिर्फ फास्ट फूड, पैकेज्ड स्नैक्स या एक ही तरह के भोजन पर निर्भर न रहने दें।
  • अगर सफेद बाल तेजी से बढ़ रहे हैं, बाल झड़ भी रहे हैं, तो घरेलू नुस्खों के बजाय डॉक्टर को दिखाएं।
  • बच्चे की डाइट और लक्षणों के अनुसार ही जरूरत पड़ने पर डॉक्टर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।
  • खुद से बच्चों को किसी भी तरह का सप्लीमेंट न दें।

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निष्कर्ष

बच्चों के बाल सफेद होना गंभीर समस्या हो सकती है, जिसे समय पर डॉक्टर से जांच कराने के बाद मैनेज किया जा सकता है। कई बार बच्चों में पोषक तत्वों की कमी होती है, जो बाल सफेद होने का कारण बन सकती है। इसलिए बच्चों की डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

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FAQ

  • क्या बच्चों के पेट में कीड़े होने से भी बाल सफेद हो सकते हैं?

    पेट में कीड़े बच्चे द्वारा खाए गए भोजन से जरूरी पोषक तत्वों और विटामिनों का अवशोषण खुद कर लेते हैं, जिससे शरीर में गंभीर न्यूट्रिशन की कमी होने से बाल सफेद होने लगते हैं।
  • क्या बचपन में थायराइड की समस्या से भी बाल सफेद होते हैं?

    थायराइड हार्मोन की कमी सीधे तौर पर बालों के रंग बनाने वाले पिगमेंट के प्रोडक्शन को धीमा कर देती है, जिससे बाल पतले, रूखे और समय से पहले सफेद होने लगते हैं।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 25, 2026 15:24 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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