Tue Sep 22, 2026 | 07:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bala Raja Sekhar Chandra , Sr. Consultant - Neuro & Spine Surgeon

Taare Zameen Par मूवी में ईशान को डिस्लेक्सिया के कारण थी पढ़ने-लिखने में परेशानी, जानें क्या है ये बीमारी

डिस्लेक्सिया एक तरह का न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जो मुख्य रूप से पढ़ने, लिखने, वर्तनी और अक्षरों को उनकी आवाज से जोड़ने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। 
Taare Zameen Par मूवी में ईशान को डिस्लेक्सिया के कारण थी पढ़ने-लिखने में परेशानी, जानें क्या है ये बीमारीTaare Zameen Par मूवी में ईशान को डिस्लेक्सिया के कारण थी पढ़ने-लिखने में परेशानी, जानें क्या है ये बीमारी

डिस्लेक्सिया में पढ़ने और ल‍िखने की क्षमता कमजोर हो जाती है। इस कंडीशन से पीड़ि‍त माता-प‍िता अक्‍सर डॉक्‍टर के पास यह श‍िकायत लेकर आते हैं क‍ि बच्‍चा पढ़ने में कमजोर है, पर‍िणाम में बच्‍चे के मार्क्स अच्‍छे नहीं है और वह पढ़ने की कोश‍िश नहीं करता। अगर आपके आस-पास भी कोई ऐसा बच्‍चा है, तो वह डिस्लेक्सिया का श‍िकार हो सकता है। ऐसे बच्‍चों को पढ़ने-ल‍िखने और बोलने में समस्‍या महसूस होती है। इस समस्‍या से पीड़ि‍त बच्‍चे शब्‍दों को समझ नहीं पाते हैं। यह समस्‍या आमि‍र खान की फ‍िल्‍म 'तारे जमीन पर' में भी देखी गई है। फ‍िल्‍म में द‍िखाया गया है क‍ि ईशान नाम के बच्‍चे को भाषा की परेशानी होती है और वह अपनी समस्‍या क‍िसी को समझा नहीं पाता है। आइए जानते हैं डिस्लेक्सिया के लक्षण, जांच और इसे मैनेज करने के उपाय। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Bala Raja Sekhar Chandra Yetukuri, Sr. Consultant Neuro & Spine Surgeon And Clinical Director- Advance Endoscopic Spine Surgery At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।

Mayo Clinic के मुताब‍िक,

  • डिस्लेक्सिया कम बुद्धिमत्ता, सुनने या देखने की समस्या के कारण नहीं होता है।
  • डिस्लेक्सिया वाले ज्यादातर बच्चे सही ट्यूशन, पढ़ाई में मदद म‍िलने से अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
  • डिस्लेक्सिया का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन अगर इसकी पहचान जल्दी हो जाए, तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
  • कई बार डिस्लेक्सिया की पहचान बचपन में नहीं हो पाती और व्यक्ति को कई वर्षों तक इसके बारे में पता नहीं चलता। कुछ लोगों में इसकी पहचान वयस्क होने के बाद भी हो सकती है।

डिस्लेक्सिया में क्‍या परेशानी होती है?

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  • डिस्लेक्सिया पीड़ि‍त बच्‍चों को शब्‍दों की स्‍पेल‍िंग ल‍िखने में परेशानी होती है।
  • डिस्लेक्सिया वाले बच्चों या वयस्कों की बुद्धि और आंखों की रोशनी सामान्य हो सकती है, फिर भी उन्हें पढ़ने और लिखने में परेशानी हो सकती है।
  • ऐसे बच्‍चे धीरे-धीरे पढ़ सकते हैं।
  • इन्‍हें नए शब्‍द या एक जैसे बोले जाने वाले शब्‍दों को समझने में भी परेशानी होती है।
  • ऐसे बच्‍चों को ल‍िखी हुई जानकारी को समझने में भी परेशानी हो सकती है।

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डिस्लेक्सिया को आलस या मेहनत की कमी न समझें

माता-प‍िता शुरुआती समय में यह समझ नहीं पाते क‍ि बच्‍चे की पढ़ने-लिखने की क्षमता आख‍िर क्‍यों कमजोर हो रही है? कई बार उन्‍हें लगता है क‍ि बच्‍चा आलसी है। कई बार वे उसे कम मेहनत करने का ताना देते हैं, तो कई बार वे अपनी ही परवर‍िश पर सवाल उठाते हैं। जबक‍ि डिस्लेक्सिया से पीड़ि‍त एक बच्‍चे के साथ इनमें से कोई कारण नहीं होता। डिस्लेक्सिया आदतों से संबंध‍ित कंडीशन नहीं है। इस कंडीशन में व्‍यक्‍त‍ि या बच्‍चे का द‍िमाग, भाषा को समझने और उसका इस्तेमाल करने में परेशानी महसूस करता है।

ऑटिज्म, डिस्लेक्सिया और ADHD में अंतर

ऑटिज्म और डिस्लेक्सिया दोनों न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशन हैं, लेक‍िन डिस्लेक्सिया में केवल पढ़ने, ल‍िखने और बोलने की क्षमता कमजोर होती है जबक‍ि ऑटिज्म में पढ़ने और ल‍िखने की क्षमता कमजोर होने के साथ-साथ म‍िलने-जुलने और बातचीत करने में भी परेशानी महसूस होती है।
ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसआर्डर) से पीड़ि‍त व्‍यक्‍त‍ि को ध्‍यान लगाने में परेशानी होती है। ऐसे बच्‍चे या लोग हाइपरएक्‍ट‍िव हो सकते हैं।

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डिस्लेक्सिया की पहचान कैसे होती है?

डिस्लेक्सिया की पहचान के लिए बच्चे की पढ़ने-लिखने की क्षमता, उसकी सीखने और समझने की क्षमता और स्पीच-लैंग्वेज से जुड़ी जांच की जाती है।

डिस्लेक्सिया की पहचान के ल‍िए IQ टेस्‍ट क‍िया जाता है

डिस्लेक्सिया के लक्षण द‍िखने पर डॉक्‍टर बच्‍चे का IQ टेस्‍ट करने की सलाह देते हैं। कई बार डॉक्‍टर के ल‍िए माता-प‍िता को यह समझाना मुश्‍क‍िल हो जाता है क‍ि बच्‍चे का IQ आख‍िर क्‍यों जरूरी है? डॉक्‍टर अक्‍सर यह कहते हैं क‍ि बच्‍चे का IQ, ड‍िस्‍लेक्‍स‍िया होने के बाद भी नॉर्मल ही आता है। ऐसा इसल‍िए क्‍योंक‍ि लर्न‍िंग ड‍िसेब‍िल‍िटी की जांच पूरी तरह से संभव नहीं है। कई बार माता-प‍िता को भी यह समझाना मुश्‍क‍िल हो जाता है क‍ि आख‍िर IQ टेस्‍ट क्‍यों क‍िया जा रहा है? जबक‍ि IQ टेस्‍ट बच्‍चे की बुद्ध‍ि की क्षमता को जांचने के ल‍िए नहीं बल्‍क‍ि यह देखने के ल‍िए क‍िया जाता है क‍ि बच्‍चे के ब्रेन का कौन सा एर‍िया ज्‍यादा अच्‍छा है या कौन सा ह‍िस्‍सा कमजोर है?

एजुकेशन असेसमेंट की मदद ली जाती है

IQ टेस्‍ट के बाद बच्‍चे का एजुकेशन असेसमेंट क‍िया जाता है। इसमें बच्‍चे के पढ़ने और ल‍िखने की क्षमता की जांच की जाती है। इसके बाद बच्‍चे को र‍िमेड‍ियल क्‍लॉसेज दी जाती हैं। यानी बच्‍चे को अलग रचनात्‍मक ढंग से बच्‍चे को अलग-अलग व‍िषय स‍िखाए जाते हैं। र‍िमेड‍ियल क्‍लॉसेज की जरूरत कुछ महीनों से लेकर सालों तक बनी रह सकती है।

डिस्लेक्सिया से पीड़ि‍त बच्‍चों को म‍िलती है रीड‍िंग ट्रेन‍िंग

डिस्लेक्सिया एक क्रॉन‍िक कंडीशन है यानी यह लंबे समय तक रहती है। हालांक‍ि, ऐसा नहीं है क‍ि ड‍िस्‍लेक्‍स‍िया के साथ बच्‍चा ब‍िल्‍कुल पढ़-ल‍िख नहीं सकता। अगर डिस्लेक्सिया पीड़ि‍त बच्‍चे के पढ़ने के तरीके, रीड‍िंग ट्रेन‍िंग वगैरह पर गौर क‍िया जाए, तो उसके ल‍िखने और पढ़ने की क्षमता में सुधार आ सकता है।

डिस्लेक्सिया होने पर माता-प‍िता क्‍या करें?

  • बच्चे को छोटी उम्र से ही किताबें पढ़कर सुनाएं।
  • बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो कहानी सुनने के बाद उसके साथ किताब पढ़ें।
  • बच्चे की जरूरतों को समझकर शिक्षक के साथ मिलकर काम करना फायदेमंद हो सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

डिस्लेक्सिया एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जो मुख्य रूप से पढ़ने और लिखने की क्षमता को प्रभाव‍ित करता है। डिस्लेक्सिया की पहचान के ल‍िए IQ टेस्‍ट क‍िया जाता है। इसके अलावा, पढ़ने-लिखने की क्षमता, उसकी सीखने और समझने की क्षमता और स्पीच-लैंग्वेज से जुड़ी जांच भी होती है। इसके बाद एजुकेशन असेसमेंट क‍िया जाता है और र‍िमेड‍ियल क्‍लॉसेज दी जाती हैं। डिस्लेक्सिया से पीड़ि‍त बच्‍चों को भले ही पढ़ने-ल‍िखने में समस्‍या हो, लेक‍िन वे भी रीड‍िंग ट्रेन‍िंग की मदद से पढ़-ल‍िख सकते हैं। डिस्लेक्सिया में केवल पढ़ने, ल‍िखने और बोलने की क्षमता कमजोर होती है जबक‍ि ऑटिज्म में पढ़ने और ल‍िखने की क्षमता कमजोर होने के साथ-साथ म‍िलने-जुलने और बातचीत करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है।

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FAQ

  • क्या डिस्लेक्सिया ठीक हो सकता है?

    डिस्लेक्सिया का कोई स्‍थायी इलाज नहीं है, लेक‍िन समय पर पहचान करके पढ़ने-लिखने की क्षमता में सुधार किया जा सकता है।
  • क्या डिस्लेक्सिया के साथ ऑटिज्म भी हो सकता है?

    हां, कुछ लोगों को डिस्लेक्सिया के साथ ऑटिज्म भी हो सकता है। कई बार ये दोनों न्‍यूरो कंडीशन एक साथ हो जाती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 22, 2026 18:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
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