Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deepak Prajapat , Senior Consultant – Pulmonology

बच्चों में अस्थमा के इन शुरुआती लक्षणों को अक्सर परेटेंस कर देते हैं नजरअंदाज, जानें कैसे करें पहचान

बच्चों में अस्थमा के शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी है ताकि स्थिति को ज्यादा बिगड़ने से रोका जा सके। बार-बार खांसी, सांस लेने में सीटी की आवाज और खेलते समय जल्दी थकना इसके संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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बच्चों में अस्थमा की समस्या तेजी से बढ़ रही है और इसके शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है। ऐसा करने से बच्चे में अस्थमा की स्थिति को ज्यादा बदतर होने से रोका जा सकता है। बार-बार बच्चों को खांसी आने या सांस से जुड़ी समस्याओं को अक्सर नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। Dr. Deepak Prajapat, Pulmonologist, Metro Heart Institute, Noida के अनुसार, अस्थमा एक क्रोनिक सांस से जुड़ी बीमारी है, जिसमें फेफड़ों की सांस लेने वाली नलियों में सूजन और सेंसिटिविटी बढ़ जाती है। जब बच्चा किसी एलर्जी, धूल, धुएं या वायरल इंफेक्शन के संपर्क में आता है तो ये नलियां सिकुड़ जाती हैं और सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। ऐसे में बच्चों में अस्थमा के शुरुआती लक्षणों को इन संकेतों की मदद से पहचान सकते हैं।

साल 2022 में Lung India में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, भारत में बच्चों में अस्थमा की समस्या करीब 7.9% है, जिसमें लड़कियां 5.9% और लड़के 9% है। गंदी हवा, सिगरेट का धुआं, बार-बार सर्दी-जुकाम और पोषण की कमी बच्चों में अस्थमा होने के मुख्य कारण हैं।

बच्चों में अस्थमा के शुरुआती 6 लक्षण

Dr. Deepak Prajapat के अनुसार, बच्चों में अस्थमा होने पर माता-पिता को उन में यह शुरुआती लक्षण नजर आ सकते हैं-

1. बार-बार खांसी आना

अस्थमा के कारण बच्चों को रात के समय खासकर, सुबह उठते समय या दौड़ने-भागने के बाद बार-बार खांसी की समस्या आती है। पेरेंट्स अक्सर इसे सिर्फ वायरल इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, लगातार कई हफ्तों तक बनी रहने वाली सूखी खांसी अस्थमा का शुरुआती संकेत हो सकती है।

साल 2016 में Current Respiratory Medicine Reviews में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कफ वेरिएंट अस्थमा, अस्थमा की एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सिर्फ खांसी होती है। कफ वेरिएंट अस्थमा लंबे समय तक रहने वाली खांसी के सबसे आम कारणों में से एक है।

2. सीने से सीटी जैसी आवाज आना

बच्चों के सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आने की समस्या को भी पेरेंट्स नॉर्मल समझकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन, यह इस बात का संकेत हो सकता है कि बच्चे की सांस की नलियां संकरी हो रही हैं और उन्हें मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत हो सकती है। Cleveland Clinic के अनुसार, अस्थमा और एलर्जी वाले व्यस्क और बच्चों में भी घरघराहट की समस्या होने की संभावना ज्यादा हो सकती है।

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3. खेलते समय जल्दी थक जाना

Dr. Deepak Prajapat के अनुसार, कई बार पेरेंट्स कहते हैं कि उनका बच्चा हल्की गतिविधियां करने के बाद जल्दी थक जाता है या खेलते समय बार-बार उसकी सांस फूलने लगती है तो यह अस्थमा का संकेत हो सकता है, जिसके लिए बच्चे की सही जांच करवानी जरूरी है।

4. मौसम बदलते ही बार-बार सर्दी-खांसी होना

Dr. Deepak Prajapat ने बताया कि अगर मौसम में बदलाव के साथ बच्चे को बार-बार खांसी, सांस फूलना या सांस लेते समय घरघराहट की समस्या होने लगती है तो यह सिर्फ नॉर्मल इंफेक्शन नहीं हो सकता है। कई बार इसके पीछे एलर्जिक अस्थमा का संकेत भी होता है।

5. रात में खांसी से नींद टूटना

Dr. Deepak Prajapat के अनुसार, अस्थमा के लक्षण अक्सर रात के समय ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसलिए, अगर रात में बार-बार बच्चा खांसकर उठ जाता है या उसकी नींद पर असर पड़ता है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

6. सांस लेने में कठिनाई

Dr. Deepak Prajapat ने बताया कि अगर बच्चा बहुत तेजी से सांस लेने लगे, सांस लेते समय पसलियां अंदर की ओर खिंचती दिखाई दें या फिर बोलते समय सांस फूलने लगे तो यह अस्थमा के संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को पेरेंट्स को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

Early-symptoms-of-asthma-in-children

किन बच्चों में अस्थमा का खतरा ज्यादा होता है?

Dr. Deepak Prajapat के अनुसार कुछ बच्चों में अस्थमा होने की संभावना ज्यादा रहती है, जिनमें शामिल है-

  • परिवार में अस्थमा या एलर्जी का इतिहास होना
  • बार-बार वायरल इंफेक्शन होना
  • धूल या धुएं के संपर्क में रहना
  • पालतू जानवरों से एलर्जी होना
  • प्रदूषित वातावरण में रहना
  • एक्जिमा या एलर्जिक राइनाइटिस से पीड़ित बच्चों में

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क्या हर बार बच्चे में खांसी का मतलब अस्थमा हो सकता है?

Dr. Deepak Prajapat का कहना है कि हर बार बच्चे को खांसी आने का संकेत अस्थमा नहीं होता है। लेकिन, अगर खांसी बार-बार होती है, हर मौसम में दोहराई जाती है, दवा लेने से कुछ दिन में बाद दोबारा खांसी आनी शुरू हो जाए, दौड़ने या हंसने पर खांसी की समस्या बढ़ जाए तो यह अस्थमा का संकेत हो सकता है, जिसके लिए बच्चे को तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

बच्चे में अस्थमा के लिए कौन-कौन से टेस्ट हो सकते हैं?

Dr. Deepak Prajapat बताते हैं कि बच्चे की उम्र और उनमें नजर आने वाले लक्षणों के अनुसार डॉक्टर कई तरह के टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं-

  • डिटेल में मेडिकल हिस्ट्री
  • पूरे शरीर की जांच
  • प्लमोनरी फंक्शन टेस्ट
  • स्पाइरोमेट्री टेस्ट
  • एलर्जी की जांच
  • जरूरत पड़ने पर एक्स-रे

माता-पिता को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

Dr. Deepak Prajapat ने बताया कि बच्चे को अस्थमा होने से बचाने या समय पर इसके इलाज के लिए पेरेंट्स को कुछ खास सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे-

  • बच्चे को बार-बार आने वाली खांसी को नॉर्मल समझकर नजरअंदाज करने से बचें।
  • अगर बच्चे को पहले से अस्थमा है त डॉक्टर द्वारा दिए गए इनहेलर का सही तरीके से इस्तेमाल करें।
  • बच्चे को नियमित रूप से फॉलो-अप के लिए डॉक्टर के पास ले जाएं।
  • स्कूल में टीचर को भी बच्चे की स्थिति के बारे में जरूर बताएं।
  • बच्चे को धूल और प्रदूषण से बचाकर रखें।
  • बच्चे के लिए डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का नियमित इस्तेमाल करें।

डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?

Dr. Deepak Prajapat कहते हैं कि अगर बच्चे को बहुत तेजी से सांस लेना पड़े, सांस लेते समय ज्यादा मुश्किल हो, होंठ या नाखून नीले पड़ने लगे, बच्चे को बोलने में परेशानी हो रही हो या बार-बार इनहेलर लेने के बाद भी बच्चे को राहत न मिले तो इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बल्कि इस स्थिति में बिना देर किए बच्चे को तुरंत पास के अस्पताल लेकर जाएं।

निष्कर्ष
Dr. Deepak Prajapat का कहना है कि बच्चे में अस्थमा के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से उनकी स्थिति ज्यादा बिगड़ सकती है। बच्चों में अस्थमा कोई ऐसी बीमारी नहीं है, जिससे डरने की जरूरत हो, लेकिन इसे नजरअंदाज करना बच्चे की सेहत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होता है। इसलिए, अगर आपका बच्चा बार-बार खांसता है, खेलते समय जल्दी थक जाता है, रात में खांसी आती है या मौसम बदलते ही सांस लेने में परेशानी महसूस होती है तो इसे नॉर्मल समझकर अनदेखा करने से बचना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • अस्थमा के क्या ट्रिगर हैं?

    एलर्जी, हवा में जलन पैदा करने वाले तत्व और सर्दी-जुकाम जैसे कारक अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे सांस की नली में सूजन और सिकुड़न पैदा हो सकती है।
  • अस्थमा के लिए सबसे खराब भोजन कौन सा है?

    अस्थमा के लिए सबसे खराब भोजन प्रोसेस्ड फूड, सल्फाइट से भरपूर फूड्स और तले हुए फैट से भरपूर फूड्स हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 28, 2026 21:54 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Deepak Prajapat

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