Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

किडनी स्टोन दोबारा क्यों हो जाता है? डॉक्टर से समझें 5 कारण, जिन्हें नजरअंदाज कर देते हैं लोग

किडनी की पथरी के मरीजों को अक्सर यह समस्या रहती है कि एक बार किडनी स्टोन होने पर यह बार-बार बन सकता है। इसके कारणों को जानना जरूरी है, ताकि किडनी स्टोन की समस्या बार-बार न हो। इस लेख में डॉक्टर ने विस्तार से इस बारे में बात की है।

किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी होने पर मरीज की सबसे बड़ी चिंता अक्सर यही रहती है कि किसी तरह यह पथरी निकल जाए, लेकिन पथरी निकलने या उसका इलाज हो जाने के बाद एक और सवाल उतना ही महत्वपूर्ण है कि क्या यह दोबारा भी बन सकती है और इसके क्या कारण हो सकते हैं? यह जानने के लिए हमने Dr. Vineet Malhotra, Senior Consultant in Urology & Andrology, VNA Hospital, Delhi से बात की।

उन्होंने बताया कि जिस वजह से पहली बार पथरी बनी थी, अगर वह वजह खत्म नहीं हुई, तो किडनी में पथरी दोबारा बन सकती है। इसलिए एक बार पथरी हो जाने के बाद सिर्फ मौजूदा स्टोन का इलाज करना ही पर्याप्त नहीं है। अगर कारणों पर ध्यान न दिया जाए, तो भविष्य में दोबारा पथरी बनने की संभावना बनी रह सकती है।

किडनी स्टोन बार-बार होने के 5 कारण

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “किडनी खून को फिल्टर करके शरीर के वेस्ट प्रोडक्ट्स को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। जब पेशाब में कैल्शियम, ऑक्सलेट या यूरिक एसिड ज्यादा होने लगता है, तो पेशाब पूरी तरह से डायल्यूट नहीं होता। इन पदार्थों के छोटे-छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं और यही आपस में जुड़कर पथरी का रूप ले सकते हैं। इसलिए अगर किसी मरीज को पहले किडनी स्टोन की समस्या रह चुकी है, तो उसमें भविष्य में क्रिस्टल्स बनने का रिस्क हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।”

1. पानी कम पीना

Dr. Vineet Malhotra का कहना है, “जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता, तो पेशाब ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में उसमें मौजूद पदार्थ क्रिस्टल बनाने की संभावना बढ़ा सकते हैं। गर्म मौसम में पसीना ज्यादा निकलना, लंबे समय तक धूप में रहना, एक्सरसाइज करना या फिजिकल मेहनत करने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए ज्यादा पसीना आने पर शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।”

उन्होंने बताया कि इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को जबरदस्ती बहुत ज्यादा पानी पीना चाहिए। पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, एक्टिविटी, मौसम और दूसरी हेल्थ कंडीशंस पर निर्भर करती है।

2. ज्यादा नमक खाना

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “मेरे पास कुछ लोग यह शिकायत लेकर आते हैं कि वे तो सिर्फ सब्जी या सलाद में ही नमक डालते हैं। इससे नमक की मात्रा ज्यादा कैसे हो सकती है? ऐसे में वे बिस्कुट, नमकीन, चिप्स या पैकेज्ड फूड में नमक की मात्रा काउंट ही नहीं करते। जिन लोगों को किडनी स्टोन की दिक्कत होती है, उनके लिए सोडियम की थोड़ी ज्यादा मात्रा भी स्टोन बनने की संभावना बढ़ा सकती है। खाने में ज्यादा सोडियम लेने से पेशाब के जरिए कैल्शियम का निकलना बढ़ सकता है, जो कैल्शियम से जुड़े किडनी स्टोन के रिस्क को बढ़ा सकता है।”

3. ज्यादा प्रोटीन लेना

Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि जो लोग बहुत ज्यादा एनिमल प्रोटीन लेते हैं, उनमें पेशाब में होने वाले कुछ बदलाव किडनी में स्टोन के रिस्क को बढ़ा सकते हैं। इस तरह कुछ लोगों में कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन इसका कतई मतलब नहीं है कि पथरी के बाद पालक, नट्स या दूसरे फूड्स हमेशा के लिए बंद कर दिए जाएं। बस सीमित मात्रा में लेना जरूरी है। किडनी स्टोन होने पर डाइट के बारे में डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है।  

4. फैमिली हिस्ट्री

Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, कुछ लोगों में किडनी स्टोन बनने का रिस्क जेनेटिक हो सकता है। जिन लोगों के पेरेंट्स या भाई-बहनों को बार-बार किडनी स्टोन होता है, उनके परिवार के दूसरे लोगों में इसका रिस्क बढ़ सकता है।

kidney stone recurrence

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5. मोटापा और अन्य बीमारियां

Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है, उनमें दोबारा किडनी स्टोन बनने का कारण मोटापा, गाउट, मेटाबोलिक बीमारियां या आंतों से जुड़ी समस्याएं हो सकता है। इसलिए अगर किसी को किडनी स्टोन की समस्या है, तो उसे अपने वजन और इन बीमारियों को मैनेज करना जरूरी है।”

क्या कहती है रिसर्च?

StatPearls Publishing के मुताबिक, दोबारा किडनी स्टोन होने का कारण डिहाइड्रेशन, 93% मामलों में यूरिनरी केमिस्ट्री बैलेंस न होना, पेशाब में एसिड की मात्रा ज्यादा होना, फैमिली हिस्ट्री और बार-बार UTI हो सकता है। जो लोग बहुत ज्यादा मांस या मछली खाते हैं, उनमें यूरिक एसिड की वजह से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है।

किडनी स्टोन दोबारा न बनने के लिए क्या करें?

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं कि जिन लोगों को बार-बार किडनी स्टोन की समस्या हो रही है, उन्हें लाइफस्टाइल और डाइट में कुछ बदलाव करने चाहिए।

  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • खाने में नमक की मात्रा सीमित करें।
  • बार-बार स्टोन बनने वाले मरीजों को डाइट में बदलाव करने चाहिए।
  • वजन को कंट्रोल में रखें।
  • दोबारा किडनी स्टोन बनने पर डॉक्टर की सलाह पर इलाज कराएं।
  • खुद से किसी भी तरह की दवा न लें।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Vineet Malhotra सलाह देते हैं कि अगर एक बार किडनी स्टोन बना है, तो निकाले गए स्टोन का एनालिसिस कराया जाना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि किडनी में बना स्टोन कैल्शियम ऑक्सलेट, कैल्शियम फॉस्फेट या यूरिक एसिड में से किस प्रकार का है। इससे डाइट में बदलाव करके किडनी स्टोन बनने का रिस्क कम किया जा सकता है। 

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निष्कर्ष
ऐसा नहीं है कि अगर एक बार किडनी स्टोन बन गया, तो भविष्य में दोबारा वह जरूर बनेगा। जिन लोगों को बार-बार किडनी स्टोन बनता है, उन्हें इसके कारणों को जानना जरूरी है और अगर दोबारा कमर या पेट में तेज दर्द होने लगे, पेशाब में खून दिखाई दे, पेशाब करने में परेशानी हो या बुखार या  ठंड लगने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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FAQ

  • क्या बार-बार स्टोन होने पर कोई विशेष मेडिकल टेस्ट (24-Hour Urine Metabolic Evaluation) कराना चाहिए?

    जिन्हें बार-बार स्टोन बनता है, उन्हें 24 घंटे का यूरिन मेटाबॉलिक प्रोफाइल और यूरिक एसिड या कैल्शियम टेस्ट कराना चाहिए। इससे पता चलता है कि शरीर में किस केमिकल के असंतुलन से स्टोन बन रहा है।
  • क्या बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम या विटामिन D के सप्लीमेंट्स लेने से स्टोन दोबारा हो सकता है?

    बिना जरूरत के या गलत समय पर हाई-डोज कैल्शियम और विटामिन D या C के सप्लीमेंट्स लेने से खून और पेशाब में कैल्शियम का स्तर बढ़ता है, जो पथरी का रूप ले लेता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 04, 2026 18:43 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Sep 04, 2026 18:43 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra

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