किडनी की पथरी एक ऐसी समस्या है, जिसके होने पर व्यक्ति को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है। जब हमारे यूरिन में मौजूद नमक और मिनरल्स एक जगह जमा होकर सख्त हो जाते हैं तो वे छोटे-छोटे स्टोन का रूप ले लेते हैं, जो किडनी स्टोन के रूप में जाना जाता है। यह न सिर्फ शरीर को दर्द पहुंचाता है, बल्कि इलाज न मिलने पर किडनी के काम करने की क्षमता पर भी असर डाल सकता है। अक्सर ऐसा कहा जाता है कि हमारे खानपान और कम पानी पीने के कारण किडनी की पथरी हो सकती है। ऐसे में जब भी किसी व्यक्ति को किडनी की पथरी होती है, तो सबसे पहले उससे यह पूछा जाता है कि वह व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी पीता है या नहीं। हैदराबाद स्थित यशोदा अस्पताल में नेफ्रोलॉजी और ट्रांसप्लांट सेवाओं के क्लिनिकल डायरेक्टर और HOD, सीनियर कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारसु का कहना है कि कम पानी पीने के कारण किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है।
क्या कम पानी पीने से किडनी में पथरी हो जाती है?
डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारसु का कहना है कि, "कम पानी पीना किडनी में पथरी होने का एक बड़ा कारण होता है। जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो आपका पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे मिनरल्स क्रिस्टल बनकर पथरी का रूप ले लेते हैं। कम पानी का सेवन किडनी में पथरी होने के जोखिम को 50% तक बढ़ा सकता है। इन्हें शरीर से बाहर निकालने के लिए हाइड्रेटेड रहना जरूरी है। 2020 के European Journal Of Nutrition में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, पहली बार और बार-बार होने वाली किडनी की पथरी के मरीजों में कम पानी पीना और पेशाब की मात्रा कम होना इसके सबसे बड़े रिस्क फैक्टर होते हैं। पेशाब कम बनने से उसमें मौजूद गंदगी या अपशिष्ट पदार्थों का गाढ़ापन (concentration) बढ़ जाता है। इसके कारण पेशाब में पथरी बनाने वाले तत्व बहुत ज्यादा जमा हो जाते हैं, जिससे क्रिस्टल बनने और पथरी के बढ़ने में मदद मिलती है।
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कम पानी पीने और किडनी स्टोन के बीच कनेक्शन
डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारसु का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से पेशाब की मात्रा कम हो जाती है, जिससे मिनरल्स की सांद्रता (Concentration) 20-30% तक बढ़ जाती है पानी का सेवन बढ़ाने से किडनी स्टोन के दोबारा होने के खतरे को 50% तक कम हो जाता है। अगर आप अपने पेशाब को पतला रखते हैं, तो उसमें क्रिस्टल नहीं बन पाते।
2016 में American Journal of Nephrology में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के मुताबिक, किडनी की पथरी को रोकने के लिए पानी का सेवन बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है। अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन दोनों के अनुसार, अगर आप चाहते हैं कि आपको दोबारा किडनी की पथरी न हो, तो इतना पानी पिएं कि दिनभर में कम से कम 2 से 2.5 लीटर पेशाब आए। इसके साथ ही यह भी माना जाता है कि ज्यादा मात्रा में पानी पीने से यूरिन की मात्रा और फ्लो बढ़ता है, जो कैल्शियम ऑक्सालेट, कैल्शियम फॉस्फेट और यूरिक एसिड की ज्यादा सांद्रता को कम करता है।

किडनी स्टोन के लक्षण
डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारसु ने बताया कि, किडनी की पथरी के लक्षणों को आसानी से पहचाना जा सकता है, इसलिए अगर शरीर में ये लक्षण नजर आएं तो इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए-
- पीठ या कमर का दर्द- पसलियों के नीचे, पीठ या किनारे के हिस्से में अचानक और तेज होने वाले दर्द की समस्या किडनी स्टोन का संकेत हो सकता है।
- पेशाब में खून आना- पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या अन्य किसी रंग का होना।
- पेशाब के दौरान दर्द होना- पेशाब करते समय तेज जलन या बहुत ज्यादा दर्द होना, या बार-बार पेशाब आना जैसा महसूस होना।
- जी मिचलाना और उल्टी- शरीर में तेज दर्द के कारण चक्कर आना, जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस हो सकता है।
- बुखार और कंपकंपी- अगर दर्द के साथ आपको तेज बुखार और कंपकंपी महसूस हो तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का संकेत हो सकता है, जो किडनी स्टोन की ओर इशारा करता है।
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पर्याप्त पानी पी रहे हैं या नहीं कैसे चेक करें?
डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारसु का कहना है कि शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना न सिर्फ आपकी सेहत को बेहतर रखता है, बल्कि किडनी की पथरी जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए भी जरूरी है। इसलिए आप इन टिप्स की मदद से अपने शरीर में हाइड्रेशन की जांच कर सकते हैं-
- पेशाब का रंग- आप हाइड्रेटेड हैं या डिहाइड्रेटेड इस बात का पता तुरंत आपके पेशाब के रंग से चल सकता है। अगर आपको हल्के पीले रंग का पेशाब हो रहा है तो यह पर्याप्त पानी पीने का संकेत होता है। लेकिन अगर आपको गहरे पीले रंग का यूरिन पास हो रहा है तो यह आपके शरीर में पानी की कमी का संकेत होता है।
- डिहाइड्रेशन के संकेत- पानी पीने के बावजूद बार-बार प्यास लगना, मुंह सूखना, सिर में दर्द होना और थकान महसूस होना भी डिहाइड्रेशन का लक्षण होता है।
- हाइड्रेशन ट्रैक करने का तरीका- आप एक हफ्ते तक किसी ऐप या मार्किंग वाली बोतल का इस्तेमाल करके भी जान सकते हैं कि हाइड्रेटेड रहने के लिए आप सही मात्रा में पानी पी रहे हैं या नहीं।
दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए?
2022 में Public Health Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार किडनी की पथरी में व्यक्ति को दिन भर में 2.5 लीटर से ज्यादा पानी पीना चाहिए और कम से कम 2 लीटर पेशाब का आउटपुट बनाए रखना चाहिए। ऐसा करने से किडनी की पथरी के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारसु के अनुसार, एक हेल्दी व्यक्ति को दिनभर में लगभग 2.5 से 3 लीटर यानी 10 से 12 गिलास पानी पीने का लक्ष्य रखना चाहिए। पानी पीने की प्रक्रिया को आप अलग-अलग चरणों में बांट सकते हैं, जिसमें-
- सुबह उठते ही 1 गिलास पानी पिएं
- दोपहर के भोजन से पहले 2 गिलास पिएं
- दोपहर के बीच में 2 गिलास पानी पीने की कोशिश करें
- रात के खाना खाने से पहले 2 गिलास पानी पिएं
- सोने से पहले 1 या 2 गिलास पानी पिएं
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पानी पीने के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
डॉ. राजशेखर चक्रवर्ती मदारसु की मानें तो पानी पीने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, जैसे-
- अगर आप एक्सरसाइज करते हैं, बहुत गर्मी में रहते हैं या आपको डायबिटीज जैसी बीमारी है तो पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह पर बढ़ा सकते हैं।
- खीरा और तरबूज जैसे ताजे और पानी से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन करें, लेकिन सादा पानी पीने की मात्रा पर भी ध्यान दें।
- पेशाब के रंग पर ध्यान दें, ताकि हाइड्रेशन की स्थिति का आसानी से पता लगाया जा सके।
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर आपको बार-बार किडनी में पथरी होती है, परिवार में स्टोन की हिस्ट्री रही है, पेशाब में खून आता है, पेशाब करते समय दर्द और जलन महसूस होती है तो इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अलावा, इन चीजों के अलावा अगर आपको पेशाब करने में दिक्कत आती है, तेज बुखार या सूजन की समस्या होती है और आप अक्सर डिहाइड्रेटेड रहते हैं तो समय-समय पर अपना चेकअप जरूर करवाएं। शुरुआत में ही इमेजिंग और यूरिन टेस्ट करवाने से समस्याओं के बारे में जल्दी पता चल सकता है, जिससे आप समय पर अपनी बीमारी का सही इलाज करवा सकते हैं।
निष्कर्ष
कम पानी पीने से किडनी स्टोन का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए, डॉक्टर भी भरपूर मात्रा में यानी रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। इतना ही नहीं, आप पर्याप्त मात्रा में पानी पी रहे हैं या नहीं इस बात का पता आप अपने पेशाब के रंग और शरीर में डिहाइड्रेशन के मिलने वाले अन्य लक्षणों की मदद से लगा सकते हैं। इसलिए, पानी की कमी के कारण किडनी स्टोन होने से बचाने के लिए अपने शरीर में पानी की मात्रा का ध्यान रखें और नियमित रूप से पानी पिएं।
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FAQ
किडनी में पथरी हो जाए तो क्या होता है?
किडनी में पथरी होने पर पीठ, पेट के निचले हिस्से या जांघों में बहुत तेज दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब लगना, पेशाब में जलन, जी मिचलाना और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।पथरी किसकी कमी से होती है?
पथरी बनने का मुख्य कारण शरीर में पानी की कमी और यूरिन में कैल्शियम, ऑक्सलेट, यूरिक एसिड जैसे मिनरल्स का ज्यादा जमा होना है। डाइट में बहुत कम कैल्शियम लेने से भी ऑक्सलेट का अवशोषण बढ़कर पथरी का जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए सामान्य मात्रा में कैल्शियम लेना जरूरी है।बच्चों में किडनी स्टोन के क्या लक्षण हैं?
बच्चों में किडनी स्टोन होने पर पेट या पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में खून आना, बार-बार यूरिन इंफेक्शन, उल्टी और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।पथरी के मरीज को क्या नहीं खाना चाहिए?
पथरी में सबसे ज्यादा हाई-ऑक्सलेट, ज्यादा नमक औऱ एनिमल प्रोटीन के सेवन से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, अचार, पापड़ और प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन से भी बचना चाहिए, क्योंकि ये फूड्स यूरिक एसिड और कैल्शियम बढ़ाते हैं, जिससे पथरी बड़ी हो सकती है।क्या किडनी स्टोन के कारण बार-बार पेशाब आता है?
हां, किडनी स्टोन के कारण बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। जब पथरी किडनी से निकलकर मूत्राशय के पास पहुंचती हैं तो यह मूत्राशय को बढ़ावा देती है, जिससे बार-बार पेशाब आने की इच्छा महसूस होती
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Apr 25, 2026 21:10 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Apr 25, 2026 21:10 IST
Modified By : Katyayani TiwariApr 25, 2026 21:10 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Rajasekara C Madarasu