आंखे हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा हैं, जिनके बिना एक दिन क्या एक पल भी रहना हमारे लिए मुश्किल हो सकता है। आंखों से हमें दुनिया देखने में मदद मिलती है। लेकिन, अगर इन आंखों में जरा भी कुछ भी चला जाए तो हमें काफी तकलीफ होती है। ऐसे में कई बार पोषण की कमी या अन्य कारणों से आंखों से जुड़ी समस्याएं होना या आंखों की रोशनी कमजोर होना आम बात है। आयुर्वेद के अनुसार आंखें सिर्फ देखने का साधन नहीं है, बल्कि ये तेज, बुद्धि और संपूर्ण स्वास्थ्य का भी प्रतीक माना जाता है। इसलिए, आंखों का स्वस्थ रहना सिर्फ आपके दिखने के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। इसलिए, अगर आप भी लंबे समय तक अपनी आंखों की रोशनी को तेज और हेल्दी रखना चाहते हैं तो आइए हरियाणा के सिरसा में स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि आंखों को स्वस्थ रखने के आयुर्वेदिक उपाय क्या हैं?
आंखों को स्वस्थ रखने के आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, स्क्रीन का बढ़ता उपयोग, खराब डाइट, नींद की कमी और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आंखों की रोशनी कमजोर होने के साथ इससे जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, आयुर्वेद के अनुसार शरीर में पित्त दोष बढ़ने के कारण आंखों से जुड़ी समस्याएं जैसे जलन, रेडनेस, ड्राईनेस, धुंधलापन और थकान जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में आयुर्वेद में कुछ ऐसे उपाय है जो आपकी आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
1. नस्य
नस्य पंचकर्म की एक अहम प्रक्रिया है, जिसमें औषधीय तेल या घृत को नासिका के रास्ते यानी नाक में डाला जाता है। आयुर्वेद में नियमित नस्य से आंखों की थकान को कम करने, रोशनी तेज करने, सिरदर्द, ड्राई आई और जलन की समस्या से राहत मिल सकती है।
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2. नेत्र सेक
आयुर्वेद के अनुसार आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों को हेल्दी रखने में नेत्र सेक भी फायदेमंद माना जाता है। नेत्र सेक में जड़ी-बूटी से तैयार काढ़े को पतली धार के रूप में आंखों पर डाला जाता है। आमतौर पर यह प्रक्रिया आंखों को ठंडक देने में मदद करती है और पित्त दोष को शांत करती है।
3. अंजन
अंजन आंखों में लगाया जाने वाला औषधीय लेप या काजल होता है। आयुर्वेद में आंखों में अंजन लगाने से आंखों की सफाई होती है, कफ दोष दूर होता है, रोशनी में सुधार होता है। हालांकि, आंखों में अंजन का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
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4. बिदालक
आयुर्वेद में बिदालक (Bidalaka) भी आंखों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें औषधीय लेप को आंखों के चारों ओर आंखों की पलकें बंद रखकर लगाया जाता है, जो आंखों के लिए काफी प्रभावी माना जाता है। इस लेप को आंखों में लगाने से आंखों की सूजन कम करने, जलन और दर्द से राहत, थकी हुई आंखों को आराम दिलाने में मदद मिलती है।
5. नेत्र स्नान
आयुर्वेद में आंखों को नियमित रूप से साफ रखने पर फोकस किया जाता है। इसलिए, सुबह उठकर ठंडे पानी या त्रिफला के पानी से आंखों को धोना काफी फायदेमंद माना जाता है। इससे आंखों में धूल और गंदगी को साफ करने, आंखों की ताजगी बढ़ाने और इंफेक्शन के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
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6. पर्याप्त पानी पीना
शरीर में पानी की कमी का सीधा असर आपकी आंखों की सेहत पर पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आंखों की ड्राईनेस कम होती है, पित्त संतुलित रहता है और आंखों के टिशू को पोषण मिलता है।
निष्कर्ष
आयुर्वेद में आंखों की देखभाल के लिए कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो आंखों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इसलिए, अगर आप भी अपनी आंखों को हेल्दी रखना चाहते हैं और रोशनी को तेज रखना है तो इन उपायों को आजमा सकते हैं।
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FAQ
आंखों की रोशनी किसकी वजह से कम होती है?
आंखों का रोशनी कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें बढ़ती उम्र, पोषक तत्वों की कमी, स्क्रीन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और आंखों से जुड़ी समस्याएं।आंखों में धुंधलापन आ जाए तो क्या करें?
आंखों में धुंधलापन आने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। साथ ही, लाइफस्टाइल में सुधार करके भी इस समस्या से राहत पाई दा सकती है।क्या खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है?
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।
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Jan 17, 2026 14:48 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jan 17, 2026 14:48 IST
Modified By : Katyayani TiwariJan 17, 2026 14:48 IST
Published By : Katyayani Tiwari