वर्तमान में कम उम्र के लोगों और बच्चों में आंखों का कमजोर होना एक बड़ी समस्या है। ऐसे में आंखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मे का नंबर कम करने के लिए लोग कई तरह के तरीकों और डाइट का इस्तेमाल करते हैं। इन उपयों में आई योग भी शामिल है, जिसे लोग अक्सर चश्मे का नंबर कम करने के उम्मीद से करना पसंद करते हैं। आई योग आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करने, तनाव को कम करने और आंखों की थकान को कम करने में मदद करता है। Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior का कहना है कि आई योग करने से चश्मे का नंबर कम या खत्म नहीं होता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं-
क्या आई योगा से चश्मे का नंबर कम हो सकता है?
Dr. Purendra Bhasin का कहना है कि आंखों के योग और एक्सरसाइज को अक्सर चश्मे का नंबर कम करने या चश्मे की जरूरत खत्म करने के नेचुरल तरीके के रूप में कई लोग इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, लोगों को यह समझना जरूरी है कि आंखों की रेगुलर एक्सरसाइज से आमतौर पर मायोपिया, हाइपरोपिया या एस्टिग्मैटिज्म जैसी रिफ्रैक्टिव समस्याएं ठीक नहीं हो सकती हैं। आंखों से जुड़ी ये समस्याएं अक्सर आईबॉल के आकार या लंबाई या कॉर्निया से जुड़ी परेशानियों के कारण होती हैं। आंखों को घुमाने या स्ट्रेच करने से आंखों की रोशनी पर असर नहीं पड़ता है। इसलिए, आंखों के योग को कमजोर आंखों के लिए चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस या मेडिकल इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
साल 2025 में European Journal of Integrative Medicine में प्रकाशित रिसर्च पेपर के अनुसार, योग को आंखों की समस्याओं जैसे तनाव और थकान को मैनेज करने में फायदेमंद माना गया है।
क्या आई योग करने से आंखों को कोई फायदा मिलता है?
चश्मे का नंबर कम करने या रोशनी बढ़ाने में आई योग फायदेमंद नहीं होते हैं। Dr. Purendra Bhasin के अनुसार, आई योग आंखों की थकान कम करने और तनाव से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। आई योग खासकर उन लोगों को कुछ राहत पहुंचा सकता है, जो लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। पलकें झपकाने, पास और दूर की चीजों पर बारी-बारी से फोकस करने, थोड़ी देर के लिए आंखें बंद करने और स्क्रीन से थोड़ी-थोड़ी देर पर ब्रेक लेने जैसी एक्सरसाइज से आंखों की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। इससे आंखों की थकान, ड्राईनेस, भारीपन, सिरदर्द और देर तक पास की चीजों पर काम करने के बाद फोकस करने में होने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
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साल 2020 में International Journal of Yoga में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, योग अभ्यास से आंखों की थकान और भारी पन जैसे लक्षणों में कमी आ सकती है। इस स्टडी के अनुसार, रिफ्रैक्टिव एरर यानी चश्मे का नंबर वाले छात्रों में भी योग के जरिए आंखों की थकान में सुधार देखा गया है, लेकिन इसमें चश्मे का नंबर कम होने का कोई प्रमाण नहीं है।
आंखों के लिए कौन-से एक्सरसाइज या योग फायदेमंद है?
Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि आंखों से जुड़ी कुछ हल्की समस्याओं के लिए कुछ योग फायदेमंद होते हैं। डॉक्टर द्वारा बताई जाने वाली कुछ आई एक्सरसाइज आंखों से जुड़ी कुछ खास समस्याओं में काफी मददगार साबित होती हैं। जैसे, कनवर्जेंस एक्सरसाइज उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं, जिन्हें पास की चीजों को देखते समय दोनों आंखों का एक साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत होती है। यह खास आई एक्सरसाइज नॉर्मल आई योग से बिल्कुल अलग होती हैं। इन एक्सरसाइज को खुद से करने से बचना चाहिए और हमेशा आंखों के डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट की निगरानी में ही करना चाहिए।
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डॉक्टर की सलाह
Dr. Purendra Bhasin का कहना है कि आंखों के एक्सरसाइज शुरू करने के बाद भी लोगों को अपने चश्मे को पहनना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। सही नंबर का चश्मा न पहनने से आंखों की रोशनी ज्यादा कम हो सकती है, सिरदर्द बढ़ सकता है और रोजमर्रा के काम करने में मुश्किल हो सकती है। जिन बच्चों के चश्मे का नंबर बढ़ रहा है, उन्हें रेगुलर आई टेस्ट करवाना चाहिए क्योंकि समय पर आंखों को ज्यादा कमजोर होने से रोककर किसी गंभीर बीमारी को धीमा करने या रोकने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष
आई योग आंखों के तनाव को कम कर सकता है, लेकिन इससे चश्मे का नंबर कम नहीं होता है। इसलिए, अगर आपकी आंखें कमजोर हैं और आप रोशनी बढ़ाने के लिए आई योग करते हैं, साथ ही चश्मा पहनना कम या बंद कर देते हैं तो इससे आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, कमजोर आंखों की समस्या और चश्मा लगने की स्थिति में आई योग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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FAQ
नॉर्मल आंखों का नंबर कितना होता है?
हेल्दी आंखों का नंबर 0 डायोप्टर होता है। आंखों की रोशनी के इस नॉर्मल क्षमता को विजन चार्ट पर 6/6 कहा जाता है, जिसमें 6 मीटर की दूरी से किसी चीज को साफ-साफ देख सकते हैं।आंख कमजोर होने के क्या संकेत हैं?
आंख कमजोर होने के संकेत धुंधला दिखना, सिरदर्द और आंखें सिकोड़ना है। इसके कारण नजर कमजोर होने पर शरीर और आंखों में कई तरह के बदलाव महसूस होते हैं।
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Jul 24, 2026 21:10 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin