Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Praveen Gautam , Yoga Therapist

फोकस बढ़ाने में कैसे फायदेमंद है त्राटक योग? जानें एक्सपर्ट से

त्राटक मेडिटेशन एक तरह का योग अभ्यास है, जो मन को शांत करने और फोकस बढ़ाने में मदद करता है। इस मेडिटेशन को नियमित रूप से करने पर तनाव कम करके याददाश्त में सुधार होने में मदद मिल सकती है। 

आज की तेज रफ्तार वाली लाइफस्टाइल में लगातार मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल गैजेट्स का इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ गया है। इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने से मन को शांत और फोकस्ड रखना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में लोगों को मेडिटेशन करने की सलाह दी जाती है, ताकि मन को शांत करने और फोकस को बेहतर बनाने में मदद करे। त्राटक मेडिटेशन भी एक ऐसा योग अभ्यास है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसलिए, आइए इस लेख में Praveen Gautam, Yoga Therapist at Yoga Junction, Uttam Nagar से जानते हैं कि त्राटक मेडिटेशन क्या है और इसे करने से फोकस कैसे बढ़ता है?

त्राटक मेडिटेशन क्या है?

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम ने बताया कि त्राटक योग की उन 6 क्रियाओं में से एक है, जो हमारे शरीर और मन को साफ करने का काम करती हैं। इस अभ्यास की मदद से आपको किसी एक चीज पर बिना पलक झपकाए लगातार देखना होता है। उस एक चीज को देखते-देखते जब आपकी आंखों में आंसू आने लगें तो आंखें बंद कर लें। इसके बाद, उसी लौ या छवि को अपने मन के अंदर देखने की कोशिश करें। यह अभ्यास आपके शरीर और मन के बीच के तालमेल को बेहतर बनाने और फोकस बढ़ाने में मदद करता है।

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फोकस बढ़ाने में कैसे मदद करता है?

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम बताते हैं कि त्राटक मेडिटेशन का सबसे बड़ा फायदा फोकस में सुधार होना माना जाता है। जब व्यक्ति रोजाना कुछ मिनट तक एक ही बिंदु पर फोकस करता है तो उसका मन बार-बार भटकने के स्थान पर स्थिर रहने का अभ्यास करता है। समय के साथ यह क्षमता पढ़ाई, काम और रोजमर्रा के जीवन के अन्य कामों में भी दिखाई देने लगती है। नियमित रूप से त्राटक मेडिटेशन का अभ्यास करने से ध्यान भटकने की समस्या कम हो सकती है और फोकस बेहतर हो सकता है।

आगे इस बारे में योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि नियमित रूप से त्राटक मेडिटेशन का अभ्यास करने से लगातार तनाव और चिंता का असर व्यक्ति की सोचने और फैसला लेने की क्षमता पर पड़ता है। त्राटक मेडिटेशन मन को शांत करने में मदद कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव कम महसूस हो सकता है। जब मन शांत होता है तो किसी भी काम पर फोकस करना आसान हो जाता है। त्राटक मेडिटेशन के दौरान मन को बार-बार एक ही लक्ष्य पर फोकस किया जाता है, जो मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। कुछ लोगों का अनुभव रहा है कि नियमित रूप से त्राटक का अभ्यास करने से याददाश्त और मानसिक स्पष्टता में सुधार महसूस हुआ है।

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त्राटक ध्यान करने का सही तरीका क्या है?

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, त्राटक मेडिटेशन करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें-

  • त्राटक मेडिटेशन करने के लिए एक शांत और साफ जगह पर बैठ जाएं।
  • इसके बाद आंखों के लेवल पर लगभग 2 से 3 फीट की दूरी पर मोमबत्ती जलाएं या कोई बिंदु बनाएं।
  • आंखों में पानी आने पर उन्हें बंद करें और उस बिंदु और लौ को मन में देखने की कोशिश करें।
  • शुरुआत में 2 से 5 मिनट तक ये करें और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
  • त्राटक अभ्यास करते समय अपने ऊपर जोर न दें और आराम का ध्यान रखें।

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इन बातों का रखें ध्यान

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम बताते हैं कि अगर आंखों में जलन, दर्द या किसी तरह की असुविधा महसूस हो तो तुरंत त्राटक मेडिटेशन का अभ्यास करना बंद कर दें। ग्लूकोमा, हाल ही में हुई आंखों की सर्जरी या अन्य गंभीर आंखों की समस्याएं होने पर डॉक्टर से सलाह के बिना इस मेडिटेशन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, त्राटक मेडिटेशन एक सिंपल और प्रभावी योग अभ्यास है, जिसे नियमित रूप से करने पर मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। ऐसे में फोकस, खुद पर कंट्रोल करना, मन को शांत करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही, संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ त्राटक मेडिटेशन को अपनाने से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • रोज मेडिटेशन करने से क्या होता है?

    रोज मेडिटेशन करने से एंग्जायटी के लक्षणों को कम करने, नींद में सुधार करने और दिमाग को शांत करने में मदद मिलती है।
  • मेडिटेशन के बाद क्या नहीं करना चाहिए?

    मेडिटेशन के बाद शरीर को रिलैक्स देना जरूरी है। इसलिए, आप तुरंत भागदौड़ शुरू न करें, तेज रोशनी में न जाएं, अचानक हैवी भोजन न करें और तनाव वाले काम करने से बचें। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 08, 2026 22:37 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 08, 2026 22:37 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Praveen Gautam

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