Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Praveen Gautam , Yoga Therapist

ऑफिस में काम के दौरान भी कर सकते हैं माइंडफुलनेस मेडिटेशन, जानें 5 मिनट की आसान तकनीक

ऑफिस में काम का प्रेशर अक्सर तनाव और थकान के बढ़ने का कारण बनता है। ऐसे में काम के दौरान सिर्फ 5 मिनट का समय निकालकर आप अपने दिमाग को शांत कर सकते हैं वो भी सिर्फ माइंडफुलनेस मेडिटेशन की मदद से।

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वर्तमान की तेज-रफ्तार जिंदगी में ऑफिस का काम, लगातार होने वाली मीटिंग्स, ईमेल, फोन कॉल्स और समय पर काम करने का प्रेशर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रहा है। कई बार पूरा दिन कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन का इस्तेमाल करने के बाद दिमाग ज्यादा थका हुआ महसूस करता है और फोकस करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हर बार दिमाग को शांत करने के लिए लंबा ब्रेक लेना संभव नहीं हो पाता है। अच्छी बात यह है कि आप रोजाना ऑफिस में सिर्फ 5 मिनट की माइंडफुलनेस मेडिटेशन करके अपने ऑफिस स्ट्रेस को कम कर सकते हैं। इसलिए, आइए Praveen Gautam, Yoga Therapist at Yoga Junction, Uttam Nagar से जानते हैं कि ऑफिस में काम के बीच सिर्फ 5 मिनट माइंडफुलनेस मेडिटेशन कैसे करें?

ऑफिस में माइंडफुलनेस मेडिटेशन क्यों है फायदेमंद?

योग थेरेपिस्ट Praveen Gautam का कहना है कि ऑफिस में लगातार काम करने से मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में काम के दौरान कुछ मिनट का माइंडफुलनेस मेडिटेशन मन को शांत करने, फोकस बढ़ाने और फैसला लेने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से माइंडफुलनेस का अभ्यास करने से तनाव कम महसूस हो सकता है, इमोशनल संतुलन बेहतर हो सकता है और काम की प्रोडक्टिविटी में भी सुधार देखने को मिल सकता है। साल 2023 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, मेडिटेशन करने से कई मानसिक समस्याएं, जैसे सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर, पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), एंग्जायटी और डिप्रेशन से निपटने में मदद मिलती है।

ऑफिस में माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास कैसे करें ?

योग थेरेपिस्ट Praveen Gautam के अनुसार, माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-

स्टेप 1: शांत जगह ढूंढें

सबसे पहले ऐसी जगह चुनें, जहां अगले 5 मिनट तक कोई आपको परेशान न करे। यह आपकी ऑफिस चेयर, मीटिंग रूम का शांत कोना या कैफेटेरिया का कम भीड़ वाला हिस्सा हो सकता है। अगर संभव हो तो मोबाइल फोन को साइलेंट मोड पर रखें ताकि फोकस खराब न हो।

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स्टेप 2: आरामदायक पोश्चर में बैठें

माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें और अपनी पीठ को सीधा रखें। दोनों पैर जमीन पर टिकाकर रखें और हाथ घुटनों या गोद में आराम से रखें। साथ ही शरीर को जरूरत से ज्यादा सख्त न रखें। आरामदायक पोश्चर आपको पूरे मेडिटेशन के दौरान सही रखने में मदद करेगा।

स्टेप 3: आंखें बंद करें या नजर एक जगह पर रखें

अगर आपको सही लगे तो आंखें धीरे से बंद कर लें। अगर ऑफिस का माहौल ऐसा नहीं है कि आंखें बंद कर सकें तो सामने किसी एक बिंदु या चीज पर नजर टिकाकर भी आप मेडिटेशन कर सकते हैं। इससे बाहरी गतिविधियों से फोकस कम भटकता है।

स्टेप 4: गहरी सांस लें

अब धीरे-धीरे नॉर्मल सांस पर फोकस करें और महसूस करें कि सांस अंदर आ रही है और बाहर जा रही है। अगर मन में ऑफिस का काम, मीटिंग, ईमेल या कोई सोच आए तो परेशान न हों। बस उसे पहचानें और बिना किसी रिएक्शन के अपना फोकस दोबारा सांस पर ले आएं।

स्टेप 5: अपना ध्यान सिर्फ सांसों पर रखें

अब अपनी नॉर्मल सांसों पर फोकस करें और महसूस करें कि सांस अंदर आ रही है और बाहर जा रही है। अगर मन में ऑफिस का काम, मीटिंग, ईमेल या कोई अन्य सोच आए तो परेशान न हों। बस उसे पहचानें और बिना किसी रिएक्शन के अपना फोकस दोबारा सांस पर ले आएं।

स्टेप 6: शरीर को महसूस करें

मेडिटेशन करने के दौरान एक मिनट के लिए अपने शरीर पर फोकस करें। देखें कि कहीं कंधों, गर्दन, पीठ या चेहरे की मांसपेशियों में तनाव या अकड़न तो नहीं हो रही है। अगर तनाव महसूस हो तो सांस छोड़ते हुए उन हिस्सों को ढीला छोड़ने की कोशिश करें। यह छोटा-सा अभ्यास आपके शरीर और मन दोनों को आराम देने का काम करता है।

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माइंडफुलनेस मेडिटेशन के अभ्यास को ज्यादा प्रभावी कैसे बनाएं?

योग थेरेपिस्ट Praveen Gautam बताते हैं कि अगर संभव हो तो दिन में दो या तीन बार 5-5 मिनट का माइंडफुलनेस मेडिटेशन करें। खासकर किसी जरूरी मीटिंग, प्रेजेंटेशन या लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने के बाद यह मेडिटेशन ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। शुरुआत में आप टाइमर का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि बार-बार घड़ी देखने की जरूरत न पड़े। नियमित रूप से माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास करने से यह आपके रोजाना के रूटीन का हिस्सा बन जाएगा।

निष्कर्ष

योग थेरेपिस्ट Praveen Gautam का कहना है कि माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने के लिए घंटों का समय निकालना जरूरी नहीं है। आप ऑफिस के बिजी शेड्यूल में भी सिर्फ 5 मिनट का यह सिंपल मेडिटेशन कर सकते हैं, जो मानसिक तनाव को कम करने, फोकस बढ़ाने और इमोशनल संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। जब आप अपनी सांस, शरीर और वर्तमान पर फोकस करना सीखते हैं, तो काम का प्रेशर संभालना आपके लिए आसान हो जाता है। नियमित रूप से माइंडफुलनेस का अभ्यास करने से यह आपकी कार्यक्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और संपूर्ण स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डाल सकती है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • मेडिटेशन करने से पहले क्या करना चाहिए?

    मेडिटेशन शुरू करने से पहले अपने शरीर और मन को तैयार करना बहुत जरूरी है। सबसे पहले एक शांत जगह चुनें, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें और पेट को खाली रखने की कोशिश करें और कुछ मिनट स्ट्रेचिंग करने के साथ गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।
  • 10 मिनट मेडिटेशन करने से क्या होता है?

    रोजाना 10 मिनट मेडिटेशन करने से दिमाग पर सकारात्मक असर पड़ता है, जिससे तनाव, एंग्जाइटी और घबराहट कम होती है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 15, 2026 15:13 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Praveen Gautam

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