आज के समय में लोग फिट रहने के लिए और बीमारियों से बचाव के लिए कई तरह की शारीरिक गतिविधियां करते हैं, जिसमें योग भी शामिल है। योगासन करने से शारीरिक, मानसिक और इमोशनल हेल्थ को बेहतर रखने में मदद मिलती है। वहीं, योग निद्रा भी एक ऐसा ही अभ्यास है, जो एक गहरी विश्राम तकनीक है, जिसे अक्सर सचेत नींद के रूप में भी जाना जाता है। इसमें व्यक्ति पूरी तरह लेटा रहता है, शरीर आराम की अवस्था में होता है, लेकिन मन जागरूक रहता है। यह अभ्यास तनाव कम करने, फोकस बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। योग निद्रा करने को लेर लोग अक्सर कंफ्यूज रहते हैं कि इसे करने का सबसे अच्छा समय क्या होता है और यह आसान कैसे काम करता है, तो आइए इस लेख में हम उत्तम नगर में स्थित योग जंक्शन के योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम से जानते हैं इसके बारे में।
योग निद्रा करने का सही समय
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम का कहना है कि योग निद्रा का अभ्यास आप दिन के अलग-अलग समय में कर सकते हैं, लेकिन हर समय का महत्व अलग-अलग होता है।
1. सुबह का समय
सुबह, खासकर सूर्योदय से पहले या बाद का समय योग निद्रा के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। इस समय वातावरण शांत होता है और मन साफ और तरोताजा रहता है। सुबह योग निद्रा करने से दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा, फोकस और साफ सोच के साथ होती है। छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए यह समय बहुत लाभकारी माना जाता है।
2. दोपहर में
दोपहर के खाने के बाद शरीर में सुस्ती महसूस होना काफी आम है। ऐसे में 20 से 30 मिनट योग निद्रा करने से थकान दूर करने और एनर्जी को दोबारा पाने में मदद मिल सकती है।
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3. शाम या रात में
अगर दिनभर के तनाव के कारण रात को सोने में समस्या आती है तो सोने से पहले योग निद्रा करना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह मन को शांत करने, एंग्जाइटी कम करने और गहरी नींद लाने में मदद करती है। हालांकि, रात में योग निद्रा का अभ्यास करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप सच में न सो जाएं।
योग निद्रा कैसे काम करती है?
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, योग निद्रा शरीर, सांस, मन और चेतना इन सभी पर एक साथ काम करती है।
1. शरीर पर प्रभाव
योग निद्रा करने से शरीर पूरी तरह स्थिर और आराम की स्थिति में होता है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और नर्वस सिस्टम शांत रहता है। यह मुद्रा पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिवेट करती है, जिससे शरीर खुद को ठीक करता है।
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2. मानसिक स्वास्थ्य पर असर
योग मुद्रा का अभ्यास कम को सही तरीके से शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर ले जाता है, जिससे बॉडी स्कैन होती है। इससे मन बाहरी विचारों से हटकर शरीर के अंदर की ओर जाता है, जो धीरे-धीरे विचारों की गति कम होती है और मन शांत होता है।
3. अवचेतन मन पर प्रभाव
योग निद्रा में व्यक्ति अल्फा और थीटा ब्रेन वेव्स की अवस्था में पहुंच जाता है, जो अवचेतन मन तक पहुंचने में मदद करती है। इसी समय संकल्प दिया जाता है, जो मन पर गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए योग निद्रा आदतें बदलने, आत्मविश्वास बढ़ाने और नकारात्मक सोच कम करने में काफी मददगार होती है।
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4. इमोशनल बैलेंस
रोजाना योग निद्रा का अभ्यास भाव, डर और तनाव को धीरे-धीरे कम करने लगता है। इससे व्यक्ति ज्यादा संतुलित, शांत और सकारात्मक महसूस करता है और एंग्जाइटी, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान कम करने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
योग निद्रा एक सिंपल और सरल योगाभ्यास है। ऐसे में योग निद्रा करने का सबसे अच्छा समय वही है जब आप नियमित रूप से किया गया अभ्यास शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और इमोशनल बैलेंस को बेहतर बनाने में मदद करता है।
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Jan 01, 2026 14:43 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jan 01, 2026 14:43 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Praveen Gautam