Fri Sep 11, 2026 | 07:31 PM IST

Medically Reviewed by , Sub Editor

योग के दौरान नाक से सांस लेने के क्या फायदे हैं? एक्सपर्ट से जानें

योग हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। ऐसे में योगासन के दौरान नाक से सांस लेना काफी फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं कि नाक से सांस लेने के क्या फायदे हैं? 

योग करना हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। योग करने के दौरान सांस लेने की प्रक्रिया उस योग के फायदों को ज्यादा बेहतर तरीके से पाने में मदद मिलती है। ज्यादातर योगासनों के दौरान नाक से सांस लेने की सलाह दी जाती है। नाक से सांस लेना न सिर्फ फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि मन को शांत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। योग करने के दौरान नाक से सांस लेना न सिर्फ एक नासिक श्वसन तकनीक है, बल्कि शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद होता है। ऐसे में आइए उत्तम नगर में स्थित योग जंक्शन के योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम से जानते हैं कि योग के दौरान नाक से सांस लेना कितना फायदेमंद होता है?

योग के दौरान नाक से सांस लेने के फायदे

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, योग करने के दौरान नाक से सांस लेना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है, जिससे:

1. ऑक्सीजन का बेहतर फ्लो

नाक से सांस लेने पर हवा धीरे-धीरे फेफड़ों तक पहुंचती हैं, जिससे ऑक्सीजन को शरीर में अच्छे से अवशोषित होने का समय मिलता है। योग करते समय मांसपेशियां और अन्य अंग ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है, जिससे एनर्जी बढ़ती है और थकान कम होती है।

इसे भी पढ़ें: बंद नाक और साइनस की समस्या में फायदेमंद है कपूर की पोटली, जानें उपयोग का तरीका 

2. साफ हवा का संपर्क

नाक में छोटे-छोटे बाल और म्यूकस होते हैं, जो धूल, बैक्टीरिया और प्रदूषण को छान लेते हैं। इससे फेफड़ों तक शुद्ध हवा पहुंचती है। योग के दौरान यह खासकर फायदेमंद होता है क्योंकि शरीर गहरी और कंट्रोल में सांस ले रहा होता है।

3. शरीर का तापमान संतुलन

योग करने के दौरान नाक से सांस लेने पर हवा शरीर के हिसाब से तापमान में बदल जाती है। ठंडी हवा गर्म और बहुत गर्म हवा थोड़ी ठंडी हो जाती है। इससे फेफड़ों को झटका नहीं लगता है और योगासन करते समय शरीर बेहतर महसूस करता है।

1 - 2025-12-24T175018.538

4. फोकस बढ़ता है

योग करने से सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर नहीं रहता है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। नाक से धीमी और गहरी सांस लेने से पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिव होता है, जो तनाव को कम करने में मदद करता है। इससे मन शांत होता है और फोकस बढ़ता है।

5. दिल के स्वास्थ्य में सुधार

नाक से सांस लेने पर श्वसन की गति कंट्रोल में रहती है, जिससे दिल की धड़कन स्थिर होती है। यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और दिल पर ज्यादा दबाव पड़ने से रोकता है। योग के दौरान यह दिल की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।

इसे भी पढ़ें: नाक से सांस लेना ज्यादा बेहतर है या मुंह से? एक्सपर्ट से जानें सेहत पर इनका प्रभाव

6. फेफड़ों की क्षमता में बढ़ोत्तरी

योग के दौरान नाक से सांस लेने से फेफड़ों को पूरी तरह फैलने और सिकुड़ने का मौका मिलता है। नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से नाक से गहरी सांस लेने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे सांस फूले की समस्या कम हो सकती है।

निष्कर्ष

योग के दौरान नाक से सांस लेने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिलती है। यह न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि मन को शांत और संतुलित रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए, योग का अभ्यास करते समय कोशिश करें कि हमेशा नाक से सांस लें और वो भी गहरी, धीमी और कंट्रोल रहकर।
Image Credit: Freepik 

Read Next

New Year 2026 में फॉलो करें हेल्दी डाइट, एक्सपर्ट ने बताए हैं ये छोटे-छोटे 4 टिप्स

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 24, 2025 17:56 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Dec 24, 2025 17:56 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content